मुथूत फाइनेंस। दो हाथी सूड़ से सूड़ टकराते हुए। बड़े-बड़े दावे। बड़े-बड़े विज्ञापन। पब्लिक से पैसे जो जुटाने हैं!! आईपीओ इसी सोमवार 18 अप्रैल को खुलेगा। कंपनी कहती है कि वह भारत की सबसे बड़ी गोल्ड फाइनेंसिंग कंपनी है और हर दिन के उसके औसत कस्टमर 67,953 हैं। महीने, साल गिन लीजिए। अरे, जब इतने ही कस्टमर हैं तो पब्लिक को 5.15 करोड़ शेयर जारी करने की जरूरत क्यों पड़ गई? एक तरफ कहती है कि वहऔरऔर भी

भविष्य को न देख सिर्फ वर्तमान को देखो तो चूक हो जाती है। खासकर शेयर बाजार में तो ऐसा ही होता है। मुझे 25 मार्च को ही डेवलमेंट क्रेडिट बैंक (डीसीबी) के बारे में लिखना था। इसका आगा-पीछा पता लगा लिया था। तब इसका 10 रुपए अंकित मूल्य का शेयर 44 रुपए पर चल रहा था। लेकिन लगा कि जो बैंक लगातार दो साल से घाटे में हो, जिसका इक्विटी पर रिटर्न ऋणात्मक हो, उसके बारे मेंऔरऔर भी

कल सुबह शुक्रवार, 15 अप्रैल को बाजार खुलने से पहले इनफोसिस टेक्नोलॉजीज के चौथी तिमाही के साथ-साथ वित्त वर्ष 2010-11 के नतीजे आ चुके होंगे। तीन तिमाहियों के नतीजे सामने हैं तो चौथी तिमाही का रहस्य खुलने का इंतजार पूरे बाजार को है। उम्मीद का जा रही है कि नतीजे सकारात्मक रूप से चौंकानेवाले होंगे। कुछ इसी उम्मीद में पिछले तीन कारोबारी सत्रों में इनफोसिस का शेयर 2.45 फीसदी बढ़ चुका है। 8 अप्रैल को इसका बंदऔरऔर भी

मूलभूत रूप से मजबूत कंपनियों के शेयर बढ़ते ही हैं। हमने इसी कॉलम में 1 जुलाई 2010 को वी-गार्ड इंडस्ट्रीज की चर्चा की थी। तब उसका भाव 102 रुपए था। नौ महीनों में यह बढ़कर 190 रुपए पर पहुंच गया है। इस बीच 11 नवंबर 2010 को यह 215 रुपए की ऊंचाई भी छू चुका है। रिटर्न की गणना आप खुद कर लीजिए। इसलिए बाजार से चुन-चुनकर मजबूत शेयर पकड़ते रहना चाहिए। वक्त के साथ वे अच्छाऔरऔर भी

सुप्रीम इंडस्ट्रीज विशाल घरेलू बाजार के दम पर टिकी कंपनी है। देश के प्लास्टिक उद्योग की अग्रणी कंपनी है। गठन आजादी से पहले 1942 में किया गया। खुद की अपनी आर एंड डी सुविधाएं हैं। 18 संयंत्र हैं। क्रॉस लैमिनेटेड फिल्म, पीपी मैट व एसडब्ल्यू पाइपिंग सिस्टम जैसे कई उत्पाद देश में पहली बार लाने का श्रेय कंपनी को जाता है। मोल्डेड फर्नीचर, स्टोरेज व मैटीरियल हैंडलिंग उत्पाद, एक्सएफ फिल्म, इंडस्ट्रियल मोल्डेड उत्पाद, पैकेजिंग व प्लास्टिक पाइपिंगऔरऔर भी

शायद ऐसा सालों बाद पहली बार हुआ है। पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने निवेशकों की शिकायतों का समाधान न करने के लिए पांच लिस्टेड कंपनियों और उनके निदेशकों पर किसी भी तरह प्रतिभूति बाजार में उतरने या प्रतिभूतियों को प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष तरीके से खरीदने-बेचने पर रोक लगा दी है। ये रोक तब जारी रहेगी जब तक ये कंपनियों निवेशकों की शिकायतें सुलझा नहीं देतीं। ये कंपनियां हैं – आशी इंडस्ट्रीज, एईसी एंटरप्राइसेज, सॉलिड कार्बाइड टूल्स,औरऔर भी

भारत फोर्ज एक दशक पहले तक महज एक ऑटो कंपोनेंट कंपनी हुआ करती थी। लेकिन अब वह तेल व गैस, रेलवे, बिजली और एयरोस्पेस तक के साजोसामान व उपकरण बनाने लगी है। उसने हाल ही में बिजली क्षेत्र के अहम उपकरण बनाने की शुरुआत की है। धारे-धीरे वह बड़ी इंजीनियरिंग कंपनी का स्वरूप अख्तियार करती जा रही है। यूं तो अब भी बड़ी कपनी है। कल्याणी समूह की अगुआ कंपनी है। वित्त वर्ष 2009-10 में उसने 1856.40औरऔर भी

आरईआई एग्रो का शेयर कल बीएसई (कोड – 532106) में 4.38 फीसदी और एनएसई (कोड – REIAGROLTD) में 4.21 फीसदी गिरकर 27.30 रुपए पर बंद हुआ है, जबकि केयर इक्विटी रिसर्च की मानें तो उसका मौजूदा अंतर्निहित मूल्य (सीआईवी) ही 38 रुपए है। इस तरह आज की तारीख में इसका भाव 39 फीसदी दबा हुआ चल रहा है। दूसरे शब्दों मे कहें तो यह शेयर इतनी बढ़त की भरपूर गुंजाइश रखता है। बता दें कि केयर देशऔरऔर भी

हिंदुस्थान नेशनल ग्लास एंड इंडस्ट्रीज (एचएनजी) शराब से लेकर खाने-पीने की चीजों व दवाओं तक के लिए कांच की बोतलें बनाती हैं। 1946 में बनी कंपनी है। कोलकाता के नजदीक रिशरा में पहला संयंत्र लगाया था। अब उसके संयंत्र बहादुरगढ़, ऋषिकेश, नीमराना, नासिक और पुडुचेरी में हैं। घरेलू बाजार में कभी 65 फीसदी हिस्सेदारी हुआ करती थी। लेकिन नई कंपनियों के आने और क्षमता बढ़ाने से यह हिस्सा घटकर 55 फीसदी पर आ गया है। भारत केऔरऔर भी

रैडिको खैतान का शेयर (बीएसई – 532497, एनएसई – RADICO) पिछले छह महीने में करीब 27 फीसदी गिर चुका है। अक्टूबर 2010 में 178 रुपए पर था। अब 130 रुपए के आसपास है। जबकि इस दरम्यान कंपनी ने अपने ऊपर कर्ज का बोझ घटा लिया है और दिसंबर तिमाही के उसके नतीजे भी ठीकठाक हैं। उसने अभी-अभी बीते वित्त वर्ष 2010-11 की तीसरी तिमाही में 272.95 करोड़ रुपए की बिक्री पर 20.48 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभऔरऔर भी