श्री शक्ति पेपर मिल्स ने दो दिन पहले ही अपने सालाना नतीजे घोषित किए हैं। 2009-10 में उसकी बिक्री पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 3.27 फीसदी बढ़कर 143.26 करोड़ रुपए हो गई है। लेकिन इसी दौरान उसका शुद्ध लाभ 39.98 फीसदी बढ़कर 4.64 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। शायद इन्हीं परिणामों के असर से सोमवार को उसका शेयर बीएसई में 5.45 फीसदी बढ़कर 22.25 रुपए पर बंद हुआ है। इस भाव पर भी इसका पी/ईऔरऔर भी

हफ्ते की शुरुआत अर्थव्यवस्था की एक बड़ी तस्वीर के साफ होने, पारदर्शिता से हो रही है। आज सरकार सकल घरेलू उत्पाद (जीपीडी) के आंकड़े पेश करनेवाली है। यह अर्थव्यवस्था ही नहीं, पूरे बाजार के लिए बहुत अहम जानकारी है। निफ्टी में काफी शॉर्ट सौदे हो रखे हैं। इनकी कवरिंग के चलते बाजार शुरुआत में बढ़ सकता है। कुछ रिसर्च आधारित तहकीकात के बाद इस हफ्ते के लिए चार शेयरों की शिनाख्त की गई है। ये शेयर हैंऔरऔर भी

जिस तरह आईसीआईसीआई बैंक ने राजस्थान बैंक को खरीद लिया है, उसी तरह कर्नाटक बैंक भी किसी दिन बिक सकता है। बस दिक्कत यह है कि इसके सौदे को अंजाम देने के लिए किसी भी मर्चेंट बैंकर को बड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी क्योंकि इसका कोई प्रवर्तक ही नहीं है। इसकी सारी की सारी 133.99 करोड़ रुपए की इक्विटी 82,043 शेयरधारकों में विभाजित है। बड़े शेयरधारकों में 16 देशी-विदेशी संस्थाएं ऐसी हैं जिनके पास कर्नाटक बैंक की 31.37औरऔर भी

ब्रेस्कॉन कॉरपोरेट एडवाइजर्स की एक बड़ी शेयरधारक फर्म पिंकी एक्जिबिटर्स प्रा. लिमिटेड ने गुरुवार को अपने 4,99,793 शेयरों में से 1,30,642 शेयर 102 रुपए के भाव पर बेच डाले। इन्हें तीन लोगों के नाम से खरीदा गया है। ये लोग हैं – रवींद्र कुमार तोशनीवाल (45,000 शेयर), रामेश्वर लाल तोशनीवाल (45,000 शेयर) और शालीन तोशनीवाल (40,642 शेयर)। केवल बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड इस कंपनी के कुल 1,34,951 शेयरों के सौदे हुए जिसमें से डिलीवरी के लिएऔरऔर भी

शिवालिक बाईमेटल कंट्रोल्स का शेयर आज, गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में 12.20 फीसदी उछला है। दिन में यह 35.80 रुपए पर भी गया जो इसके 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर जो इसने 27 अप्रैल 2010 को हासिल किया था। वैसे, करीब दो महीने से इसमें इसी तरह ऊपर-नीचे हो रहा है। 5 अप्रैल को जब हमने इसकी चर्चा की थी, तब इसका भाव था 29.95 रुपए। उसी समय बाजार में सुगबुगाहट चल रही थी किऔरऔर भी

भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड, हिंदी में यही नाम है शिंपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड या एससीआई का। बुधवार को करीब 11.30 बजे कंपनी ने एक छोटी सी घोषणा की कि वह 29 मई को होनेवाली निदेशक बोर्ड की बैठक में अपनी अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विचार कर सकती है। इससे पहले 26 अप्रैल को उसने स्टॉक एक्सचेंजो को सूचित किया था कि वह 29 मई को निदेशक बोर्ड की बैठक में 31 मार्चऔरऔर भी

जिन भी लोगों को पिछले साल अगस्त में सरकारी कंपनी एनएचपीसी के आईपीओ में शेयर मिले होंगे, वे आज रो रहे होंगे क्योंकि 36 रुपए में मिला वह शेयर कल अपने सबसे निचले स्तर 27.60 रुपए पर पहुंच गया। आखिर 23 फीसदी का नुकसान कोई मामूली नहीं होता! लेकिन अचंभा इस बात का है जिस दिन एनएचपीसी के शेयर की यह दुर्गति हुई है, उसी दिन खबर आई है कि वित्त वर्ष 2009-10 में उसने अब तकऔरऔर भी

वैश्विक बाजार के असर से हमारे शेयर बाजार रोज नीचे ही नीचे जा रहे हैं। लेकिन अर्थव्यवस्था के पहलू मजूबत हैं। इसलिए जी एस दामाणी जैसे तेजतर्रार ऑपरेटरों ने अच्छी संभावना वाले शेयरों पर निगाह जमा दी है और वे इनमें हर गिरावट पर अपनी खरीद बढ़ा रहे हैं। बाजार में अंदर की खबर रखनेवालों का कहना है कि ऐसे कुछ संभावनामय शेयर हैं – बॉम्बे डाईंग, सेंचुरी, आइडिया, भारती, टाटा स्टील, स्टरलाइट, आईडीबीआई, एसबीआई, एस्सार ऑयलऔरऔर भी

ऑप्टो सर्किट्स (इंडिया) लिमिटेड सौ फीसदी निर्यातोन्मुख इकाई (ईओयू) है। यह डिजिटल थर्मोमीटर, सेंसर, पल्स ऑक्सीमीटर, पेशेंट मॉनीटरिंग सिस्टम, स्टेंट व कैथेटर जैसे कई हेल्थकेयर उत्पाद बनाती है। उसने 2006 में कार्डिएक स्टेंट बनानेवाली जर्मन कंपनी यूरोकोर का अधिग्रहण किया था। कल ही उसने अपने सालाना नतीजे घोषित किए हैं जिनके मुताबिक वित्त वर्ष 2009-10 में समेकित स्तर पर उसकी शुद्ध बिक्री 32 फीसदी बढ़कर 1077.58 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 23 फीसदी बढ़कर 260.07 करोड़ रुपएऔरऔर भी

जेएसडब्ल्यू स्टील दिल्ली की कंपनी राठी बार्स का अधिग्रहण कर सकती है। बाजार सूत्रों की मानें तो इस डील की घोषणा अगले एक महीने में संभव है। जेएसडब्ल्यू राठी बार्स के लिए प्रति शेयर 35 रुपए का मूल्य देने को तैयार हो गई है क्योंकि इसकी बुक वैल्यू इस समय 37.10 रुपए है। राठी बार्स का शेयर सोमवार को बीएसई में 17.20 रुपए पर बंद हुआ है। लेकिन अधिग्रहण की चर्चाओं के बीच वह 19.30 रुपए तकऔरऔर भी