सरकारी उपक्रम, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) अगले छह महीनों में 6000 नई कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा। यह जानकारी गुरुवार को खाद्य मंत्री के वी थॉमस ने दी। उन्होंने राजधानी दिल्ली में वैश्विक गेहूं सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “एफसीआई 6000 कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा। हमें खाद्यान्नों की खरीद और वितरण को संभालने के लिए युवा लोगों की जरूरत है।” उन्होंने बताया कि यह एफसीआई द्वारा इस समय नियुक्त किए जा रहे 4000 लोगों से अलग होगा।औरऔर भी

देश में किताबों के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेलर कंपनी फ्लिपकार्ट ने अपनी छोटी प्रतिद्वंद्वी कंपनी लेट्सबाय को खरीद लिया है। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय दिग्गज अमेजॉन डॉट कॉम के भारतीय बाजार में उतरने से पहले अपनी स्थिति को मजबूत करना है। बता दें कि फ्लिपकार्ट के प्रवर्तक सचिन बंसल और बिन्नी बंसल 2007 में यह कंपनी बनाने से पहले अमेजॉन डॉट कॉम में ही काम करते थे। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की खबर केऔरऔर भी

नहीं पता कि यह हमारे वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर की आदत में शुमार है या उनको हिदायत दी गई है, लेकिन वे किसी महीने के निर्यात के आंकड़ों की औपचारिक घोषणा से करीब 15 दिन पहले ही उनकी घोषणा कर देते हैं, इस डिस्क्लेमर के साथ कि यह मोटामोटी अनुमान है और अंतिम आंकड़े भिन्न हो सकते हैं। 16 जनवरी को उन्होंने दिसंबर 2011 तक के निर्यात आंकड़े बताए थे, जबकि औपचारिक घोषणा 1 फरवरी को हुईऔरऔर भी

चालू वित्‍त वर्ष 2011-12 में अप्रैल से जनवरी तक के दस महीनों में कुल प्रत्‍यक्ष कर वसूली 4,25,274 करोड़ रूपए रही है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान हुई 3,71,188 करोड़ रूपए की वसूली से 14.57 फीसदी अधिक है। इस दरम्यान अप्रत्यक्ष कर संग्रह 3,17,233 करोड़ रुपए रहा है जो पिछले वर्ष की समान अवधि की अपेक्षा 15.1 फीसदी ज्यादा है। वित्त मंत्रालय की तरफ से बुधवार को जारी जानकारी के मुताबिक, प्रत्यक्ष करोंऔरऔर भी

खाद्य, उर्वरक और पेट्रोलियम सब्सिडी के बोझ ने वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की रातों की नींद उड़ा दी है। वित्त मंत्री ने बुधवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित राज्यों के कृषि व खाद्य मंत्रियों के सम्मेलन में खुद यह बात कही। दो दिन का यह सम्मेलन लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली और भंडारण के मुद्दे पर बुलाया गया है। प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘‘वित्त मंत्री के तौर पर जब मैं विभिन्न मदों में दी जाने वाली भारी सब्सिडीऔरऔर भी

दार्जिलिंग चाय को भी इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के लिए बेचने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी। लेकिन इससे पहले सॉफ्टवेयर की कुछ दिक्कतों को दूर करना होगा। कोलकाता चाय व्यापारी संघ (सीटीटीए) ने बुधवार को यह जानकारी दी है। चाय व्यापारी संघ की अध्यक्ष संगीता किचलू ने कोलकाता में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा् कि दार्जिलिंग चाय की इलेक्ट्रॉनिक नीलामी को अभी तक पेश नहीं किया गया है क्योंकि इस उत्पाद का मानकीकरण नहीं किया जाऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने सिंगापुर में बैठकर भारत में सर्वे के नाम पर जालबट्टा फैलानेवाली कंपनी स्पीक एशिया को निर्देश दिया है कि वह दो हफ्ते के भीतर 1300 करोड़ रुपए उसके पास जमा करा दे। साथ ही कंपनी को निवेशकों की पूरी जानकारी भी अदालत को सौंपनी होगी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दलवीर भंडारी और दीपक वर्मा की खंडपीठ ने मंगलवार को करीब 115 निवेशकों के एक समूह की याचिका पर यह फैसला सुनाया। सुनवाई के बाद कोर्टऔरऔर भी

केन्‍द्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) ने चालू वित्त वर्ष 2011-12 में आर्थिक वृद्धि दर के निराशाजनक अग्रिम अनुमान व्यक्त किए हैं। मंगलवार को जारी अग्रिम अनुमानों के मुताबिक बार जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) 6.9 फीसदी ही बढ़ेगा, जबकि बीते वित्त वर्ष में यह 8.4 फीसदी बढ़ा था। इस बार कृषि क्षेत्र की विकास दर 2.5 फीसदी रहेगी, जबकि पिछले साल यह 7 फीसदी थी। मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र के इस बार 3.9 फीसदी बढ़ने का अनुमान है, जबकि पिछले सालऔरऔर भी

नए वित्त वर्ष 2012-13 का आम बजट 16 मार्च को पेश किया जाएगा। रेल बजट 14 मार्च को पेश होगा, जबकि आर्थिक समीक्षा 15 मार्च को संसद में पेश की जाएगी। मंगलवार को राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति में यह तय किया गया। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने मीडिया को बताया कि बजट सत्र 12 मार्च को राष्ट्रपतिऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की घोषणा के मुताबिक प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) अगर नए वित्त वर्ष 2011-13 से लागू हो गई तो आयकर मुक्ति की सीमा 1.80 लाख रुपए के मौजूदा स्तर से बढ़ाकर दो लाख रुपए की जा सकती है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि अगले महीने पेश किए जानेवाले आम बजट में नौकरीपेशा लोगों को आयकर में कुछ राहत मिल सकती है। प्रत्यक्ष कर क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए संसदऔरऔर भी