पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का खास अंदाज था कि वे देश की हर समस्या के पीछे विदेशी हाथ बता देती थीं। अब हमारे ताजा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी लगता है कि वही शॉर्टकट अपना लिया है। उन्होंने साइंस पत्रिका में शुक्रवार को छपे एक इंटरव्यू में कहा है कि भारत में परमाणु संयंत्रों को लगाने के विरोध के पीछे अमेरिका के अ-सरकारी संगठनों (एनजीओ) का हाथ है। आपको याद ही होगा कि महाराष्ट्र के जैतापुर केऔरऔर भी

किसी समय पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने दुनिया में खाने-पीने की चीजों की बढ़ती महंगाई के लिए भारत व चीन जैसे देशों में आम लोगों की बढ़ती क्रयशक्ति को जिम्मेदार ठहराया था। अब मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पेट्रोलियम तेल की कीमतों में हो रही वृद्धि के लिए भारत, चीन व ब्राजील जैसे देशों में बढ़ रही मांग को जिम्मेदार ठहरा दिया है। साथ ही उन्होंने अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वियों पर तेल कीमतों में वृद्धिऔरऔर भी

दूरसंचार विभाग (डॉट) से टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन और आइडिया सेलुलर को हिदायत दी है कि अपने मोबाइल पर इंटरनेट का उपयोग करनेवाले कुछ ग्राहकों की जानकारी खुफिया ब्यूरो (आईबी) को उपलब्ध करवाएं। साथ ही ग्राहकों का पूरा पता-ठिकाना भी आईबी को बताएं। डॉट के अधिकारियों ने आइडिया और वोडाफोन से आईबी को जरूरी सूचना यथाशीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने संबंधित इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) एड्रेस देकर वोडाफोन से कुछ मोबाइल नंबरों के बारे मेंऔरऔर भी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) के आईपीओ को मिली कामयाबी ने देश के प्राइमरी बाजार में जान आने के पुख्ता संकेत दे दिए है। एमसीएक्स का आईपीओ खुलने के दूसरे ही दिन बुधवार को शाम तक 4.48 गुना सब्सक्राइब हो गया। एनएसई व बीएसई के सम्मिलित आंकड़ों के मुताबिक क्यूआईबी या संस्थागत खरीदारों का हिस्सा अब तक 3.68 गुना और गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईबी) का हिस्सा 1.88 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। आम निवेशकों के बीच इस इश्यू कीऔरऔर भी

स्विटजरलैंड अपनी छवि सुधारने में जुट गया है। दुनिया भर में कालेधन के लिए स्वर्ग व करचोरों की पनाहगाह के रूप में मशहूर स्विटजरलैंड की सरकार ने अपने बैंकों से कालेधन पर निगाह रखने को कहा है। स्विस सरकार का दावा है कि उसके इस निर्देश से कालेधन के खिलाफ लड़ाई में भारत जैसे देशों को काफी मदद मिल सकती है। स्विस सरकार ने अपने बैंकों से कहा कि वह ग्राहकों की गोपनीयता शर्तों को तोड़े बिनाऔरऔर भी

अबू धाबी की टेलिकॉम कंपनी एतिसलात ने स्वान टेलिकॉम (अब एतिसलात डीबी) के खिलाफ धोखाधड़ी और तथ्यों की गलत जानकारी देने का मुकदमा दायर किया है। एतिसलात ने एक बयान में कहा कि उसने शाहिद बलवा, विनोद गोयनका और मैजिस्टिक इन्फ्राकॉन प्रा. लिमिटेड के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में मुकदमा किया है। मालूम हो कि एतिसलात ने 2008 में बलवा प्रवर्तित स्वान टेलिकॉम में 45 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 90 करोड़ डॉलर अदा किए थे। बाद में इसऔरऔर भी

जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने इस महीने के शुरू में मुंबई में ऐलान किया था कि वे 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में दिल्ली की एक निचली अदालत द्वारा गृह मंत्री पी चिदंबरम को क्लीनचिट देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। महीने का अंत होने से पहले ही उन्होंने अपना यह वादा पूरा कर दिया। गुरुवार को उन्होंने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। स्वामी नेऔरऔर भी

एमसीएक्स के आईपीओ को रिटेल निवेशकों की तरफ से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। बुधवार को इश्यू खुलने के पहले ही दिन आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित 35 फीसदी हिस्सा डेढ़ गुना सब्सक्राइब हो गया। रिटेल निवेशकों के लिए आईपीओ में कुल 21,62,082 शेयर रखे गए हैं, जबकि शाम पांच बजे तक उनकी तरफ से 32,38,962 शेयरों की बोलियां आ गईं। एनएसई की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक एमसीएक्स के आईपीओ में पहलेऔरऔर भी

देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज, बीएसई ने पर्यावरण रक्षा के प्रति देश के कॉरपोरेट जगत की परवाह को दर्शानेवाला सूचकांक, ग्रीनेक्स के नाम से लांच किया है। भारत में अपनी तरह के इस पहले सूचकांक में कुल 20 कंपनियां शामिल हैं। इस सूचकांक की औपचारिक शुरुआत बुधवार को कॉरपोरेट कार्य मंत्री वीरप्पा मोइली ने बीएसई परिसर में आयोजित एक समारोह में की। बीएसई ने इस सूचकांक का निर्धारण जर्मन सरकार के सहयोग से चलाई जा रहीऔरऔर भी