सहारा इंडिया परिवार पर वित्तीय क्षेत्र के दो नियामकों, रिजर्व बैंक और सेबी के बाद तीसरे नियामक आईआरडीए (इरडा) की भी भृकुटि टेढ़ी हो गई है। उसने पिछले साल 11 अगस्त को समूह की जीवन बीमा कंपनी, सहारा लाइफ इंश्योरेंस को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके जवाब और 13 दिसंबर को हुई निजी सुनवाई के बाद इरडा ने कंपनी को कुल 23 इल्जांमों में से केवल तीन में दोषी पाया है और इसके लिए कुलऔरऔर भी

किसानों की शिकायत थी कि पिछले साल उर्वरकों, खासकर डीएपी (डाई अमोनियम फॉस्फेट) और एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) के दाम बहुत बढ़ गए थे। लिहाजा इस बार इन्हें कम किया जाना चाहिए। लेकिन सरकार ने उनकी मांग से उलट दोनों ही उर्वरकों पर सब्सिडी घटा दी है जिनसे इनके दाम इस साल बढ़ जाएंगे। डीएपी पर सब्सिडी 27.4 फीसदी और एमओपी पर 10.1 फीसदी कम की गई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को अपनी बैठक में तयऔरऔर भी

देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का सबसे बड़ा स्रोत अब भी मॉरीशस बना हुआ है। चालू वित्त वर्ष 2011-12 में दिसंबर तक के नौ महीनों में आए 24.18 अरब डॉलर के एफडीआई में से 8.24 अरब डॉलर यानी करीब 34 फीसदी मॉरीशस से आया है। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि मॉरीशस का पता दिखाने पर विदेशी कंपनियों को भारत से की गई कमाई पर टैक्स नहीं देना पड़ता। इसलिए एफडीआई के आंकड़ों से सही तस्वीरऔरऔर भी

पाकिस्तान सरकार ने तय किया है कि वो भारत के साथ व्यापार को और बेहतर बनाने के लिए नकारात्मक सूची को एकदम छोटा कर देगा। इस फैसले से भारत-पाकिस्तान के बीच 90 फीसदी चीजों का व्यापार आसानी से हो सकेगा, जबकि अभी तक 17 फीसदी चीजों का ही सरलता से व्यापार हो पाता है। बुधवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फ़ैसला लिया गया। बैठकऔरऔर भी

इस साल अप्रैल से शुरू हो रही 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंत तक स्वास्थ्य पर सरकारी खर्च बढ़ाकर जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 2.5 फीसदी कर दिया जाएगा। यह फैसला बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई विशेष बैठक में लिया गया। इस समय स्वास्थ्य पर सरकारी खर्च जीडीपी का 1.4 फीसदी है। बैठक का खास एजेंडा था – स्वास्थ्य व समग्र अर्थव्यवस्था पर बने आयोग (एनसीएमएच) और योजना आयोग द्वारा स्वास्थ्य पर गठिच उच्चस्तरीय विशेषज्ञ दल कीऔरऔर भी

माना जाता है कि किसानों को सरकार मुफ्त में बिजली देती है। लेकिन योजना आयोग की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पिछले तीन सालों में बिजली की दरें सबसे ज्यादा कृषि व सिंचाई में और सबसे कम व्यावसायिक व औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ाई गई हैं। यही नहीं, पिछले पांच सालों में कई राज्यों में खेतिहर ग्राहकों के लिए बिजली की दरें दोगुनी से ज्यादा हो चुकी हैं। किसानों के लिए सबसे ज्यादा महंगी बिजली पंजाब में हुईऔरऔर भी

अगर 1991 में देश में आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत के तत्काल बाद 1956 का कंपनी अधिनियम खत्म कर नया अधिनियम ले आया गया होता तो आज जिस तरह कॉरपोरेट जालसाजी की घटनाएं हो रही हैं, वे नहीं होतीं। यह कहना है खुद हमारे कॉरपोरेट कार्य मंत्री वीरप्पा मोइली का। मोइली ने सोमवार की रात बेंगलुरु में ईटीवी कन्नड़ व ईटीवी उर्दू चैनल द्वारा ‘भारत में कॉरपोरेट क्षेत्र का भविष्य’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में कहा कि कंपनीऔरऔर भी

एक साथ कहीं सूखा तो कहीं बाढ़। इस स्थिति से निपटने के लिए एनडीए सरकार ने अक्टूबर 2002 में देश की नदियों को आपस में जोड़ने की परियोजना पेश की थी। लेकिन विस्थापन व पर्यावरण की चिंता के साथ ही किसानों के संभावित विरोध और सरकार की ढिलाई के कारण 5.60 लाख करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना पर शायद अब काम शुरू हो जाए। देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यऔरऔर भी

12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान स्‍वर्णिम चतुर्भुज और उत्‍तर-दक्षिण व पूर्व-पश्चिम मार्ग पर अंतरराज्‍यीय चेकपोस्ट बनाने का खर्च सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय द्वारा उठाया जा सकता है। देश में कुल ऐसे 177 अंतरराज्‍यीय चेकपोस्ट हैं। केंद्रीय मंत्रालय की तरफ से सोमवार को यह जानकारी दी गई। इस समय ट्रक चलाने वाले को माल ढोने की मूंजरी के लिए तमाम एजेंसियों को झेलना पड़ता है। विभिन्‍न जगहों पर मौजूद चेकपोस्ट पर संबंधित एजेंसियों द्वारा जांच की जातीऔरऔर भी

सरकारी तेल कंपनियां इस हफ्ते शनिवार, 3 मार्च को उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों का सातवां व आखिरी दौर खत्म होते ही पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ा सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक जहां पेट्रोल के दाम प्रति लीटर 4 रुपए बढ़ाए जा सकते हैं, वहीं डीजल के दाम में भी कम से कम 2 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि हो सकती है। इससे पहले कंपनियों ने 1 दिसंबर 2011 को पेट्रोल के दाम बदले थे। बताऔरऔर भी