ऋण संकट में फंसे यूरोपीय संघ की आर्थिक वृद्धि दर चालू साल 2010 की पहली तिमाही में 0. 2 फीसदी रही है। इसके साथ ही स्पेन लगभग दो साल बाद मंदी से बाहर आ गया है। यूरो जोन में 16 ऐसे देश आते हैं, जिन्होंने एकल मुद्रा के रूप में यूरो को अपना रखा है। पिछले साल की चौथी तिमाही में यूरो जोन की आर्थिक वृद्धि दर 0. 3 फीसदी रही थी। आर्थिक विकास दर के जनवरी-मार्चऔरऔर भी

देश में औद्योगिक उत्पादन की दर लगातार छह महीनों से दहाई अंकों में बनी हुई है। सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार मार्च 2010 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 13.5 फीसदी बढ़त दर्ज की गई है। पूरे वित्त वर्ष 2009-10 की बात करें तो आईआईपी की वृद्धि दर 10.4 फीसदी रही है। पिछले वित्त वर्ष 2008-09 में वैश्विक मंदी के कारण यह दर केवल 2.8 फीसदी रह गई थी। हालांकि मार्च की औद्योगिक वृद्धिऔरऔर भी

देश भर की थोक मंडियों में अब तमाम जिसों के हाजिर व वायदा भाव लाइव टिकर पर दिखाए जाएंगे। यह काम कमोडिटी बाजार के नियामक, फॉरवर्ड मार्केट कमीशन (एफएमसी) ने देश के दो प्रमुख कमोडिटी एक्सचेंजों एनसीडीईएक्स व एमसीएक्स के साथ मिलकर शुरू किया है। वित्त वर्ष 2010-11 के अंत तक देश की 1000 मंडियों में यह सुविधा पहुंचा देने का लक्ष्य है। इसकी शुरुआत कल, बुधवार से दिल्ली की आजादपुर मंडी से की जाएगी। इसका उद्घाटनऔरऔर भी

यूरोप में ग्रीस, पुर्तगाल, इटली, आयरलैंड व स्पेन जैसे देशों की सरकारों को दीवालिया होने से बचाने के लिए यूरोपीय संघ ने नई पहल की है। इसके तहत करीब 750 अरब यूरो का राहत पैकेज तैयार किया गया है। लेकिन इसके साथ शर्त रखी गई है कि इस सरकारों को अपने खर्चों में कटौती करनी होगी, मितव्ययी बनना होगा। इस पैकेज में 60 अरब यूरो का योगदान यूरोपीय आयोग की ओर से किया जाएगा। इसके अलावा आईएमएफऔरऔर भी

स्टॉक एक्सचेंजों को अब अपने यहां सभी लिस्टेड कंपनियों की सालाना रिपोर्ट अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होगी। और, इसकी शुरुआत बीते वर्ष 2009-10 की सालाना रिपोर्ट से करनी होगी। सेबी ने शुक्रवार, 7 मई को एक सर्कुलर जारी कर स्टॉक एक्सचेंजों के प्रशासन को यह हिदायत दी है। अभी तक कंपनियां लिस्टिंग समझौते के अनुच्छेद 51 के तहत अपनी सालाना रिपोर्ट इलेक्ट्रॉनिक डाटा फाइलिंग एंड रिट्रीवल (ईडीआईएफएआर) सिस्टम के जरिए सेबी द्वारा संचालित एक वेबसाइट (http://sebiedifar.nic.in/)औरऔर भी

पहली जुलाई 2010 या उसके बाद किसी भी यूलिप (यूनिट लिंक्ड इश्योरेंस पॉलिसी) के पेंशन प्लान में सुरक्षा कवच या सम-एश्योर्ड रखना जरूरी होगा। बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए ने सोमवार को सभी जीवन बीमा कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों को एक सर्कुलर भेजकर यह निर्देश दिया है। अभी तक पेंशन प्लान में जीवन बीमा कंपनियां कुछ भी सम-एश्योर्ड नहीं देती हैं। पॉलिसी काल में अगर बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है तो उसे तब तक अपना जमा प्रीमियमऔरऔर भी

देश-विदेश की 24 प्रमुख वित्तीय संस्थाओं में से कुछ का मानना है कि वित्त वर्ष 2010-11 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यस्था या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर 10.2 फीसदी रह सकती है। उनके मुताबिक अप्रैल-जून 2010 की तिमाही में कृषि की विकास दर 4 फीसदी, उद्योग की विकास दर 14.3 फीसदी व सेवा क्षेत्र की विकास दर 10.8 फीसदी रहेगी और औद्योगिक मूल्य सूचकांक (आईआईपी) में 15.4 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। यह बात रिजर्वऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने आज क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी कर दिए। इसमें ऐसा तो नहीं है कि क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां रेटिंग के साथ-साथ एनॉलिस्ट और सलाह देने की सेवाएं नहीं दे सकती हैं, लेकिन सेबी ने इतना जरूर तय कर दिया है कि एजेंसी में वे लोग जो किसी कंपनी को रेटिंग देते हैं, विश्लेषण या सलाहकार सेवाएं देनेवालों से अलग होने चाहिए। सेबी ने यह भी तय किया है किऔरऔर भी

देश में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या मार्च 2010 तक बढ़कर 58 करोड़ 43 लाख 20 हजार तक पहुंच गई है। टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (टीआरएआई) के अनुसार मार्च में दो करोड़ नए मोबाइलधारक जुड़े हैं जो अब तक किसी भी महीने में हुई सबसे ज्यादा बढ़त है। फरवरी 2010 तक देश में कुल 56 करोड़ 40 लाख 20 हजार मोबाइल सब्सक्राइबर थे। इनकी संख्या मार्च में 3.6 फीसदी बढ़ गई। इसके साथ ही लैंड लाइन कोऔरऔर भी

वित्त वर्ष 2010-11 के बजट में वर्षा आधारित इलाकों के 60,000 गांवों को दलहन व तिलहन गांवों के रूप में चुना गया है। इनके लिए कुल 300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यानी, हर गांव के लिए केवल 50 हजार रुपए रखे गए हैं। कृषि व उपभोक्ता मामलों के राज्यमंत्री प्रोफेसर के वी थॉमस ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि यह धन राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अधीन अतिरिक्त केंद्रीय सहायता के रूप मेंऔरऔर भी