शिकागो के ग्लोबल फूडबैंकिंग नेटवर्क (जीएफएन) ने भारत में फूड बैंक खोलने का फैसला किया है। जीएफएन एक एनजीओ है और खुद को गैर-लाभकारी संगठन बताता है। इसने दुनिया के करीब तीस देशों में फूड बैंक बना रखे हैं, जिनके जरिए गरीब व जरूरतमंद लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के विशेष सलाहकार सैम पित्रोदा जीएफएन के बोर्ड में है। पित्रोदा ने राजधानी दिल्ली में एक समारोह के दौरान जानकारी दी कि जीएफएनऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के 11 सरकारी चीनी मिलों के निजाकरण के खिलाफ दायर याचिका को स्वीकार कर लिया। लेकिन साथ ही कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 3 जून को इन 11 चीनी मिलों की नीलामी के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर सकती है। लेकिन अंतिम नतीजा इस बात से तय होगा कि खंडपीठ आखिर में क्या फैसला सुनाती है। असल में पत्रकार राजीव कुमार मिश्रा ने चीनी मिलोंऔरऔर भी

वित्त वर्ष 2009-10 में बैकों व अन्य वित्तीय संस्साओं ने देश के 4.56 करोड़ किसानों को कर्ज दिया था। लेकिन चालू वित्त वर्ष 2010-11 में यह संख्या 5.50 करोड़ तक पहुंच जानी चाहिए। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के चेयरमैन उमेश चंद्र सारंगी ने एक समाचार एजेंसी को दिए गए इंटरव्यू में यह जानकारी दी है। सारंगी का कहना है कि इस साल के लिए निर्धारित कृषि ऋण 3.75 लाख करोड़ रुपए का है औरऔरऔर भी

बीमा कंपनियां दुनिया भर में अगले तीन सालों में मोबाइल और इंटरनेट पर अपनी मार्केटिंग पर 8.4 करोड़ डॉलर (करीब 400 करोड़ रुपए) खर्च करेंगी। यह निष्कर्ष है आईटी सलाहकार कंपनी एक्सेंचर के ताजा सर्वे का। कंपनी ने इस सर्वे में तमाम देशों की 125 बड़ी बीमा कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की। इनमें अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका व एशिया-प्रशांत क्षेत्र के साथ ही भारत की भी बीमा कंपनियां शामिल थीं। सर्वे का कहना है कि बीमाऔरऔर भी

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डॉ. डी सुब्बाराव का मानना है कि देश में बैंकिंग का कारोबार हिंदी या भारतीय भाषाओं के बिना नहीं किया जा सकता। उन्होंने बुधवार को 2008-09 के लिए रिजर्व बैंक राजभाषा शील्ड पुरस्कार वितरण समारोह में यह बात कही। उनका कहना था कि हम ग्राहकों तक उनकी अपनी भाषा में ही बात करके बेहतर बैंकिंग सेवाएं पहुंचा सकते हैं और हिंदी आम आदमी तक पहुंचने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंनेऔरऔर भी

फरवरी 2010 तक देश भर में किसानों को 3.08 लाख करोड़ रुपए का कर्ज दिया गया है। इस तरह सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए वित्त वर्ष 2009-10 में तय किए गए कर्ज वितरण के लक्ष्य का तकरीबन 95 फीसदी हिस्सा पूरा कर लिया है। कृषि मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया गया है कि पूरे वित्त वर्ष के लिए कृषि ऋण का लक्ष्य 3.25 लाख करोड़ रुपए था। अभी तक बांटे गएऔरऔर भी

यूरो जोन में चल रहे संकट के चलते भारतीय रुपया डॉलर के सापेक्ष मंगलवार को करीब आठ महीनों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। यह बंद तो हुआ 47.71/72 रुपए प्रति डॉलर की विनिमय दर पर, लेकिन दिन में एक समय 47.75 तक चला गया था जो 1 नवंबर 2009 का स्तर है। सोमवार को रुपए की विनिमय दर 46.98/99 प्रति डॉलर थी। असल में व्यापारियों के मुताबिक इसकी प्रमुख वजह यह है कि यूरो डॉलर केऔरऔर भी

सोने का भाव मंगलवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में 18660 रुपए की नई ऊंचाई पर पहुंच गया। सोने (99.9 शुद्धता) के भाव में प्रति दस ग्राम 260 रुपए की तेजी दर्ज की गई। इसकी एक वजह शादी के सीजन के चलते स्टॉकिस्टों व ज्वैलरों की खरीद बताई जा रही है। दूसरी वजह यह बताई जा रही है कि शेयर बाजार में गिरावट के चलते बड़े निवेशक अपना पैसा अब सोने में लगा रहे हैं। सोना जेवराती भीऔरऔर भी

पूरे 34 दिन। ताबड़तोड़ बोलियों के 183 दौर। और, आखिरकार मोबाइल की दुनिया की सबसे चकाचौंध सेवाएं देनेवाले 3 जी स्पेक्ट्रम की नीलामी बुधवार को पूरी हो गई। अगर सरकारी कंपनियों एमटीएनएल और बीएसएनएल द्वारा दी जाने वाली रकम को मिला दिया जाए तो केंद्र सरकार को 3 जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से कुल 67,718.95 करोड़ रुपए मिलेंगे। बजट में 3 जी स्पेक्ट्रम और ब्रॉडबैंड वायरलेस एक्सेस (बीडब्ल्यूए) से कुल 35,000 करोड़ रुपए हासिल करने का लक्ष्यऔरऔर भी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने छह और कंपनियों को अपने फ्यूचर्स व ऑप्शंस (एफ एंड ओ) सेगमेंट में ट्रेडिंग के लिए शामिल कर लिया है। ये कंपनियां हैं एक्साइड, गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, जिंदल साउथवेस्ट होल्डिंग्स, रुचि सोया, शोभा डेवलपर्स और हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज। अभी तक एनएसई के एफ एंड ओ सेगमेंट में 190 कंपनियों के डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग होती रही है। अब इनकी संख्या बढ़कर 196 हो जाएगी। एनएसई ने अभी तक यह नहीं बताया कि छहऔरऔर भी