हमने गोल्डमैन सैक्स की घटना के साथ ही भारतीय बाजार पर पड़नेवाले उसके प्रभाव की भी जानकारी अलग से दी थी। इस पर घबराने की कोई बात नहीं है और जो लोग बाजार गिरने के अंदेशे में शॉर्ट सौदे करना चाहते हैं, हम उनकी जरा-सा भी परवाह नहीं करते। चाहे कुछ भी हो जाए, निफ्टी आनेवाले वक्त में 6400 के स्तर तक पहुंचेगा। इसलिए बाजार में अभी जिस तरह की छोटी-मोटी गिरावट आ रही है, उसे दरअसलऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की एक अधिसूचना के जरिए देश से दालों के निर्यात पर लगा प्रतिबंध 31 मार्च 2011 तक बढ़ा दिया है। लेकिन वाणिज्य मंत्रालय चंद बड़ी व्यापारी फर्मों को फायदा पहुंचाने के लिए आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी (सीसीईए) के जरिए दाल निर्यात की इजाजत दिलवाने की कोशिश में लगा हुआ है। वाणिज्य मंत्रालय ने पहले से ऐसा प्रावधान कर दिया है कि विशेष आर्थिक ज़ोन में लगी इकाइयां दाल समेतऔरऔर भी

अमेरिका में गोल्डमैन सैक्स के फ्रॉड के उजागर होने का असर आज भारतीय शेयर बाजार पर पड़ सकता है और अनुमान है कि बीएसई सेंसेक्स सुबह के कारोबार में 200-250 अंक नीचे जा सकता है। हालांकि दोपहर-बाद इसमें सुधार आने की संभावना है। इससे पहले रिजर्व बैंक की तरफ से मंगलवार को ब्याज दरों में वृद्धि की चिंता बाजार पर छाई हुई थी। अब इस चिंता में गोल्डमैन सैक्स के मामले ने आग में घी का कामऔरऔर भी

देश के विदेशी मुद्रा बाजार में अभी तक केवल फ्यूचर सौदों की ही इजाजत है। लेकिन पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी मुद्रा के डेरिवेटिव उत्पादों का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसकी शुरुआत ऑप्शन सौदों से की जाएगी। यह बात आज सेबी के चेयरमैन सी बी भावे ने सिंगापुर में भारतीय वित्तीय बाजार पर आयोजित एक सम्मेलन में कही। इस सम्मेलन का आयोजन प्रमुख उद्योग संगठन सीआईआई (कनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री) ने किया था। भावेऔरऔर भी

मुझे लग रहा था कि बाजार आज से ही यू-टर्न ले लेगा। एफआईआई के रुख से भी ऐसा लग रहा था। कल जो बिकवाली चली, वह तो रूटीन कामकाज का हिस्सा थी जब एफआईआई और ऑपरेटर ऐसा माहौल बनाने की कोशिश करते हैं जिससे ट्रेडर व निवेशक डर जाएं। और, ऐसा करने में वे सफल भी रहे। मुझे अच्छे-खासे लोगों ने फोन करके कहा कि बाजार बैठने वाला है। दूसरी अफवाह यह चली कि मौद्रिक नीति मेंऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी यूलिप के बारे में 14 जीवन बीमा कंपनियों के खिलाफ जारी आदेश पर अमल की राह में कोई अड़चन नहीं आने देना चाहती। इसलिए उसने जिन भी खास-खास राज्यों में इन 14 कंपनियों के मुख्यालय हैं, उनके हाईकोर्ट के पहले से ही कैविएट दाखिल कर दिया है। यह कैविएट एक तरह की आपत्ति सूचना या याचिका है जिसके बाद कोई भी कोर्ट सेबी के आदेश के खिलाफ स्टे ऑर्डर नहीं जारी करऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने तय किया है कि किसी भी नए एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) और उनके सब-एकाउंट को पंजीकरण के समय यह घोषणा करनी पड़ेगी कि वह चंद निवेशकों के लिए काम करनेवाली पीसीसी (प्रोटेक्टेड सेल कंपनी) या एसपीसी (सेग्रिगेटेड पोर्टफोलियो कंपनी) नहीं हैं और न ही दूसरा नाम रखकर वह ऐसा कोई काम करता है। साथ ही अगर कोई एफआईआई व्यापक निवेशकों के आधार वाले एमसीवी (मल्टी क्लास वेहिकल) के रूप में कामऔरऔर भी

अभी देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के सस्ते होमलोन की स्कीम 30 अप्रैल तक बढ़ाने के जवाब में किसी भी दूसरे बैंक को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था कि आज देश की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी ने धमाका कर दिया। उसने दोहरी ब्याज दर वाली होमलोन की नई स्कीम पेश कर दी है। इसके तहत 31 मार्च 2011 तक ग्राहक से 8.25 फीसदी सालाना ब्याज लिया जाएगा और फिर 1 अप्रैल 2011 सेऔरऔर भी

वाकई यह जानकार बड़ा अफसोस होता है कि हमारे ट्रेडर और यहां तक कि फंड मैनेजर भी बाजार में किस तरह सौदे और निवेश करते हैं। जब टाटा स्टील 150 रुपए पर था, तब मैंने इसमें खरीद की कॉल दी थी और अब यह 700 रुपए पर पहुंच गया है तब भी मेरी धारणा इसके बारे में तेजी की है। ऐसा क्यों? हमने मेटल सेक्टर पर अपनी रिसर्च में, जब स्टील का दाम 21,000 रुपए प्रति टनऔरऔर भी

ज्यादातर भारतीय म्यूचुअल फंड में निवेश करने से घबराते हैं। ऐसा इसलिए कि एक तो उन्हें इसमें भारी जोखिम नजर आता है, दूसरे वे जानते ही नहीं कि निवेश का यह माध्यम काम कैसे करता है। यह बात रिसर्च व विश्लेषण से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय फर्म बोस्टन एनालिटिक्स की ताजा रिपोर्ट से सामने आई है। बोस्टन एनालिटिक्स ने पिछले महीने देश के 15 शहरों में तकरीबन 10,000 लोगों से बातचीत के बाद यह निष्कर्ष निकाला है। रिपोर्ट काऔरऔर भी