जब आप दुखी होकर बताते हैं कि बजाज हिंदुस्तान का शेयर ठीक से नहीं चला और नतीजतन नुकसान उठाना पड़ा, तब हमें आपकी ट्रेडिंग के तरीके को लेकर अफसोस होता है। एक बात हमेशा ध्यान रखे कि ए ग्रुप की ट्रेडिंग कोई विज्ञान नहीं है और उद्योग के महारथी तक इसमें घाटा उठाते हैं। इसलिए इसमें हमेशा स्टॉप लॉस लगाकर चलना चाहिए। लेकिन हमें इससे भी ज्यादा अफसोस तब होता है जब आप श्राडेर डंकन जैसे स्टॉकऔरऔर भी

गंजे को कंघी का क्या जरूरत और बच्चों को जीवन बीमा की क्या जरूरत? लेकिन जीवन बीमा कंपनियां अभी तक यूलिप के जरिए ऐसा ही करती रही हैं। खरीदनेवाला शुरू में एजेंट के झांसे में रहता है कि कैसे कुछ साल तक दिया गया 25-30 हजार रुपए का सालाना प्रीमियम बच्चे के बड़े होने पर एक-डेढ़ करोड़ में बदल जाएगा। बाद में होश आता है कि अरे, यह तो हमारे बच्चे का जीवन नहीं, मृत्यु बीमा बेचकरऔरऔर भी

विदेशी बाजार से अच्छी हवाएं आईं तो हमारा बाजार भी बढ़ गया। लेकिन यह बहुत तात्कालिक नजरिया है। भारतीय अर्थव्यवस्था के अपने फंडामेंटल इतने मजबूत हैं कि हमारे बाजार को बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अच्छा मानसून, पेट्रोलियम पदार्थों से मूल्य नियंत्रण हटाने जैसे साहसी सरकारी कदम, मुद्रास्फीति के दिसंबर तक 6 फीसदी पर आ जाने का भरोसा और इस साल कंपनियों की आय में 25 फीसदी से ज्यादा वृद्धि के संकेत। यह सारा कुछ कोराऔरऔर भी

रिलायंस पावर का 3.91 फीसदी बढ़कर 182 रुपए और आरएनआरएल का 27.10 फीसदी घटकर 46.40 रुपए पर बंद होना विलय के अनुपात के हिसाब से मूल्यों का समायोजन है। ऐसा तो होना ही था। श्राडेर डंकन को भी आज बढ़ना था और उस पर ऊपरी सर्किट ब्रेकर भी लगना ही था। कारण, समाचार एजेंसी ने वह खबर चला दी थी और प्रमुख आर्थिक अखबार ने छाप दी थी जिसकी हांक हम महीने भर पहले से लगा रहेऔरऔर भी

बीमा नियामक व विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) का कोई जवाब नहीं। बीमा उद्योग के इस रेगुलेटर ने यूलिप पर जो नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, उनसे यूलिपधारकों को काफी फायदा होने की उम्मीद है। यह एक प्रकार से सबसे ज्यादा बिकनेवाले बीमा उत्पाद यूलिप की ओवरहॉलिंग हैं। इससे एजेंटो द्वारा की जा रही मिस-सेलिंग पर रोक लगेगी और पॉलिसीधारक को ज्यादा बीमा कवर भी मिलेगा। ज्यादा इंश्योरेंस: नए यूलिप ज्यादा इंश्योरेंस देनेवाले हैं। अब सभी यूलिप में मेडिकलऔरऔर भी

ज्यादातर उस्ताद यही कह रहे हैं कि बाजार आज शुक्रवार को भारी बिकवाली का शिकार हो गया। लेकिन हम इससे सहमत नहीं हैं। हमारा तो कहना है कि जब सारी दुनिया से बुरी खबरें आ रही थीं, तब भी बाजार (निफ्टी) ने खुद को 5240 अंक पर टिकाए रखा। अगले हफ्ते मेटल सेक्टर के शेयर स्टार परफॉर्मर होंगे। चाहे जो भी हो जाए, मेटल शेयरों में जल्दी ही कम से कम 25 फीसदी बढ़त होनी तय है।औरऔर भी

अगर कोई शेयरधारक साल के बीच में अपना डीमैट एकाउंट किसी डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (डीपी) के पास बंद कराके दूसरे डीपी के पास ले जाता है तो पहले डीपी को शेयरधारक से लिए गए सालाना या छमाही एकाउंट मेंटेनेंस चार्ज (एमएमसी) का बाकी तिमाही का हिस्सा लौटाना होगा। पूंजी बाजार नियामक सस्था, सेबी ने गुरुवार को एक सर्कुलर जारी कर यह निर्देश दिया है। अभी तक होता यह है कि डीपी साल या छमाही की शुरुआत में डीमैटऔरऔर भी

पानी की कीमत तो प्यासा ही जानता है। उसी तरह ज्ञान की असली जरूरत और भूख निवेशक समझता है। ट्रेडर की तुलना तो अधिक से अधिक उस बंदर की जा सकती है जो इस डाल से उस डाल, इस पेड़ से उस पेड़ पर फुदकता रहता है। वे तो उन बेचारे देहाती लोगों की तरह है जिनके पास दिन के आखिर में बस पैसा होता है और कुछ नहीं। सेरा, एस्ट्रा, एलएमएल, गिलैंडर… और क्या चाहिए हमेंऔरऔर भी

एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स में आज सुबह से ही बढ़त का सिलसिला जारी है। खबर लिखे जाने तक इसका 2 रुपए अंकित मूल्य का शेयर बीएसई में 3.14 फीसदी बढ़कर 68.90 रुपए और एनएसई में 3.15 फीसदी बढ़कर 68.70 रुपए पर पहुंच गया था। असल में इसे भारतीय सेना से 500 करोड़ रुपए का लाइफटाइम ऑर्डर मिला है। इसकी आधिकारिक घोषणा आज शाम तक होने की उम्मीद है। साथ ही कंपनी में एल एंड टी कैपिटल अपनी इक्विटीऔरऔर भी

कल और आज में कुछ खास नहीं बदला है। बाजार के ऊपर रहने की कोई वजह नहीं थी। लेकिन हुआ यह कि डे ट्रेडरों ने अमेरिकी बाजार की हालत पस्त देखकर एकदम निचले स्तर पर शॉर्ट सेलिंग कर ली और फिर कवरिंग के चक्कर में उल्टी धारा में फंस गए। निफ्टी को करेक्शन के साथ 5140 तक जाना चाहिए ताकि बाजार ज्यादा सार्थक और स्वस्थ स्तरों पर आ सके। हमें कोई भी नई खरीद करने से पहलेऔरऔर भी