हमारे योजना आयोग ने ग्रामीण इलाकों में 26 रुपए की गरीबी रेखा नहीं बदली। लेकिन चीन ने तय किया है कि उसके गांवों में प्रतिदिन एक डॉलर यानी करीब 50 रुपए से कम कमाने वाले व्यक्ति को गरीब माना जाएगा। अभी तक उसकी गरीबी रेखा 55 सेंट थी जिसे अब 92% बढ़ा दिया गया है। विश्व बैंक ने गरीबी रेखा का अंतरराष्ट्रीय मानक 1.25 डॉलर रखा है और चीन अब इसके बेहद क़रीब है। लेकिन भारत अभीऔरऔर भी

इस समय 176 कोयला परि‍योजनाएं पर्यावरण व वन वि‍भाग की मंजूरी न मि‍लने के कारण अटकी हुई हैं। यह जानकारी सोमवार को कोयला मंत्रालय की तरफ से दी गई है। मंत्रालय ने  कोयला उत्‍पादक राज्‍यों के साथ पर्यावरण व वन वि‍भाग की मंजूरी और भूमि अधि‍ग्रहण जैसे मसलों को तेजी से सुलझाने की बातचीत में लगा है। इसके अलावा, कोयले की मांग और आपूर्ति‍ के अंतर को पाटने के लि‍ए कोल इंडि‍या (सीआईएल) वि‍देश में कोयले केऔरऔर भी

देश में कच्चे तेल की रिफाइनिंग क्षमता 2013 तक 22 फीसदी बढ़कर 23.8 करोड़ टन हो जाएगी। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने सोमवार को यह जानकारी दी। बता दें कि राज्यमंत्री इसलिए खुलकर बोल रहे हैं क्योंकि कैबिनेट मंत्री जयपाल रेड्डी इस समय 20वीं विश्व पेट्रोलियम कांग्रेस में भाग लेने के लिए दोहा (कतर) गए हुए हैं। आरपीएन सिंह ने राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि देश की रिफाइनिंग क्षमता फिलहाल 19.4 करोड़औरऔर भी

वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सफाई दी है कि सरकार रुपए को गिरने से बचाने के लिए विदेशी मुद्रा की आवाजाही पर कोई नियंत्रण नहीं लगाने जा रही है। इससे पहले इस तरह की खबरें आई थीं कि रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव की अध्यक्षता में वित्तीय स्थायित्व विकास परिषद (एफएसडीसी) की गुरुवार, 8 दिसंबर को होनेवाली बैठक में भारतीय कंपनियों के विदेशी निवेश और बाहरी ऋणों की पूर्व अदायगी पर बंदिश लगाई जाऔरऔर भी

सरकार ने सभी पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्शन से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बनाने को मंजूरी दे दी है। इस नेटवर्क की शुरुआती अनुमानित लागत 20,000 करोड़ रुपए है। फिलहाल राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) से कहा गया कि वह बीएसएनएल, रेल टेल व पावर ग्रिड जैसे तमाम दूरसंचार ऑपरेटरों के मौजूदा ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क की जीआईएस मैपिंग करे ताकि पता लगाया जा सके कि सभी 2.50 लाख पंचायतों को जोड़ने के लिए कुलऔरऔर भी

माइक्रो फाइनेंस सस्थाओं को अब गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की ही एक श्रेणी बना दिया गया है। रिजर्व बैंक मे शुक्रवार को बाकायदा इस बाबत एक अधिसूचना जारी कर दी। अभी तक एनबीएफसी की छह श्रेणियां हैं – एसेट फाइनेंस कंपनी, इनवेस्टमेंट कंपनी, लोन कंपनी, इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी, कोर इनवेस्टमेंट कंपनी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेट फंड – एनबीएफसी। अब इसमें एनबीएफसी – माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशन नाम की सातवीं श्रेणी जोड़ दी गई है। रिजर्व बैंक का कहना हैऔरऔर भी

योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया का मानना है कि चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान से कम से कम एक फीसदी ज्यादा रहेगा। इस साल के बजट में अनुमान लगाया गया है कि राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.6 फीसदी रहेगा। लेकिन मोंटेक की मानें तो यह कम से कम 5.6 फीसदी रहेगा। उन्होंने शुक्रवार को दिल्ली में कहा कि देश के आर्थिक विकास में छाती सुस्ती को दूर करने केऔरऔर भी

दो दिन पहले तक वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी कह रहे थे कि चालू वित्त वर्ष 2011-12 में देश की आर्थिक विकास दर घटकर 7.3 फीसदी पर आ जाएगी। लेकिन अब उनका कहना है कि यह दर 7.5 फीसदी रहेगी जो इस साल के बजट में बताए गए 9 फीसदी के अनुमान से काफी कम है। मुखर्जी ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मुझे भरोसा है कि हम वृद्धि दर में आईऔरऔर भी

देश का विदेशी मुद्रा भंडार देश पर चढ़े विदेशी ऋण से कम हो गया है। इन हालात में रिजर्व बैंक चाहकर भी रुपए को गिरने से बचाने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। शुक्रवार को वित्त राज्य मंत्री नमो नारायण मीणा ने लोकसभा में बताया कि अद्यतन आंकड़ों के अनुसार भारत का विदेशी ऋण जून 2011 के अंत तक 316.9 अरब डॉलर का था। वहीं, रिजर्व बैंक की तरफ से दी गई जानकारीऔरऔर भी

देश के गली-मोहल्लों तक बिखरी 55 लाख किराना दुकानों के व्यापारी सड़कों पर उतरे। उनमें डर समा गया है कि मल्टी-ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) आने से उनका वजूद मिट सकता है। दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले के खिलाफ गुरुवार को बुलाए गए भारत बंद में पांच करोड़ लोगों ने शिरकत की है। दावों की सत्यता नापने का कोई जरिया नहीं है। लेकिन यह सच है किऔरऔर भी