बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) ने प्रस्ताव रखा है कि लोगों को झांसा देकर बीमा पॉलिसी बेचनेवाले एजेंट का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। तमाम बीमा कंपनियों की बहुत-सी पॉलिसियों का नवीनीकरण न होने की बढती समस्या के कारण इरडा ने यह प्रस्ताव किया है। बीमा नियामक का प्रस्ताव है कि अगर किसी एजेंट द्वारा बेची गई 50 फीसदी पॉलिसियों का सालाना नवीकरण नहीं होता है तो उस एजेंट का लाइसेंस रद्द कर दिया जाए। इरडाऔरऔर भी

विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई), एलआईसी और म्यूचुअल फंड हमारे बाजार के बड़े खिलाड़ी हैं। रिलायंस समूह का ऑपरेटिंग तंत्र धीरूभाई के जमाने से ही सक्रिय है। लेकिन सात अन्य बड़े ऑपरेटर हैं जिनके हाथ बड़े लंबे हैं, जिन पर सेबी हाथ नहीं रख पाती। ये हैं – आरजे (राकेश झुनझुनवाला), केपी (केतन पारेख उर्फ पिंक पैंथर उर्फ वन मैन आर्मी), आरके/जीएस (राधाकृष्ण दामाणी उर्फ ओल्ड फॉक्स), आरडी (रमेश दामाणी),  एके (अजय कयान), एमएम (मनीष मारवाह) और एडीऔरऔर भी

यह सच है कि हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और होते हैं। लेकिन यह बात मुझे अभी-अभी पता चली है कि हमारे पूंजी बाजार में भी ऊपर-ऊपर जो दिखाया जाता है, हकीकत उससे काफी जुदा होती है। जैसे, यह कि बहुत सारी कंपनियों के आईपीओ फंडेड होते हैं। इस अर्थ में ही नहीं कि उनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशन खरीदार (क्यूआईबी), एंकर इनवेस्टर और एचएनआई पहले से ही इश्यू के मर्चेंट बैंकर से बातचीत के बादऔरऔर भी

दूरसंचार मंत्री ए राजा ने शुक्रवार को भरोसा दिलाया कि दूरसंचार उपकरणों के आयात का मसला कुछ सप्ताह में सुलझ जाएगा। उन्होंने बताया कि उनकी इस बारे में गृह मंत्री पी चिदंबरम से मुलाकात हुई है जिसमें उपकरण आयात, विशेषकर चीन से आयात पर चर्चा हुई। राजा ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा – हमें उम्मीद है कि गृह मंत्रालय के साथ यह मसला कुछ सप्ताह मेंऔरऔर भी

बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) पॉलिसीधारकों के हितों से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी में जुट गया है। इस सिलसिले में उसने नए संशोधित नियमों का प्रारूप पिछले महीने की 18 तारीख को जारी किया था, जिस पर सभी संबंधित पक्षों से 5 जुलाई तक प्रतिक्रिया व सुझाव मांगे गए थे। अब सारे सुझावों के मिल जाने के बाद इरडा की कोशिश है कि नए नियमों को जल्दी से जल्दी कानूनी स्वरूप दे दिया जाए। हालांकिऔरऔर भी

सरकार ने पिछले वर्ष अक्तूबर से लेकर अभी तक 298.1 लाख टन चावल की खरीद की है जो पूर्व वर्ष की समान अवधि में की गई खरीद के मुकाबले छह फीसदी कम है। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और अन्य सरकारी एजेंसियों ने एक वर्ष पहले की समान अवधि में 315,7 लाख टन चावल की खरीद की थी। चावल की खरीद में गिरावट का कारण 2009-10 केऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने शेयर बाजार में 15 मिनट का प्री-ओपन सत्र शुरू करने का फैसला किया है। यह प्री-ओपन सत्र 9 बजे से 9.15 बजे तक होगा। इसे अभी बीएसई और एनएसई में प्रायोगिक स्तर पर सेंसेक्स और निफ्टी में शामिल शेयरों से किया जाएगा। वैसे, इसमें कुल 50 कंपनियों के ही शेयर हैं क्योंकि सेंसेक्स के 30 शेयर निफ्टी के 50 शेयरों के सेट के सब-सेट ही हैं। सेबी ने प्री-ओपन सत्र मेंऔरऔर भी

एक हफ्ते के भीतर ही पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के चेयरमैन सी बी भावे ने अपना वादा पूरा कर दिया और गुरुवार 15 जुलाई से शेयरों के डेरिवेटिव सौदों में फिजिकल सेटलमेंट की व्यवस्था अपना ली गई है। सेबी ने एनएसई और बीएसई के इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट के मुख्य अधिकारियों के नाम भेजे गए सर्कुलर में यह सूचना दी है। अब स्टॉक एक्सचेजों को इसे लागू करने के व्यावहारिक इंतजाम करने हैं। तय यह हुआ हैऔरऔर भी