केंद्र सरकार के पास 30 जून 2010 तक नई खोजों से ताल्लुक रखनेवाले 78,792 पेटेंट के आवेदन लंबित पड़े हैं, जिनमें से करीब एक तिहाई आवेदन मेकैनिकल इंजीनियरिंग व रसायनों से संबंधित हैं। भारतीय पेटेंट कार्यालय के पास इन आवेदनों की परख के लिए उपयुक्त लोग नहीं हैं। अब जाकर 200 नए पद बनाए गए हैं। देश में 2003-04 के बाद पेटेंट आवेदनों की संख्या अचानक बढ़ गई है। साफ है कि सरकार के सहयोग के बिनाऔरऔर भी

हमारी लगभग एक लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था का 40 फीसदी हिस्सा खुदरा बिक्री से आता है। दूसरे शब्दों में जीडीपी में 40,000 करोड़ रुपए का योगदान हमारी रोजमर्रा की खरीद का है। इसका लगभग 94 फीसदी हिस्सा गली-मोहल्लों में फैली किराना दुकानों से आता है और केवल 6 फीसदी हिस्सा ही पैंटालून (बिग बाजार), रिलायंस रिटेल, स्पेंसर, आदित्य बिड़ला रिटेल और भारती के बड़े-बड़े स्टोरों से आता है। मतलब, आसपास की जिन दुकानों को हम दोऔरऔर भी

चीन अब जापान को पछाड़कर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और विश्व बैंक, गोल्डमैन सैक्स व दूसरी प्रमुख वित्तीय संस्थाओं के आकलन पर यकीन करें तो वह 2025 तक अमेरिका को नंबर-1 के पायदान से हटा देगा। इससे पहले चीन साल 2005 में ब्रिटेन व फ्रांस और 2007 में जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बना था। चीन इस समय दुनिया के समृद्ध व उभरते देशों के समूह जी-20औरऔर भी

कृषि, खाद्य व उपभोक्ता मामलों के मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने शुक्रवार को संसद में ऐसा बयान दिया जिससे लगता है कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के चहेते खाद्य सुरक्षा विधेयक को कानून बना दिया गया तो देश राजकोषीय घाटे के दलदल में घंस जाएगा। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून के अंतर्गत अगर गरीब परिवारों को महीने में 25 किलो अनाज दिया जाता है तो सरकार को 76720 करोड़औरऔर भी

सरकार ने किसानों को रियायती ब्याज दर पर ऋण मुहैया कराने के लिए अपने खजाने से 4868 करोड़ रुपए निकालने का निर्णय लिया है। यह रकम सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और को-ऑपरेटिव बैंकों के साथ-साथ नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक) को भी दी जाएगी। नाबार्ड क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और को-ऑपरेटिव बैंकों को रीफाइनेंस करता है। यह निर्णय शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। मंत्रिमंडल के इस फैसले से यहऔरऔर भी

ऑनलाइन समुदाय देश और राज्य की पारंपरिक सीमाएं तोड़ते जा रहे हैं। गूगल ‘गणराज्य’ के बाद अब सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक बहुत तेजी उभर रही है। इसे इस्तेमाल करनेवालों की संख्या 50 करोड़ तक पहुंच चुकी है। यह संख्या ब्राजील (19.5 करोड़), इंडोनेशिया (23.2 करोड़) और अमेरिका (31 करोड़) की आबादी से ज्यादा है। अगर फेसबुक को आभासी देश मान लें तो यह दुनिया में चीन व भारत के बाद तीसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश बनऔरऔर भी

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने म्यूचुअल फंडों द्वारा विभिन्न स्कीमों में ली जानेवाली निवेश प्रबंधन और सलाह सेवाओं के लिए सीमा बांध दी है। साथ ही उसने स्कीम के खुले रहने से लेकर रिफंड व स्टेटमेंट तक भेजने का समय घटा दिया है। सेबी ने गुरुवार को एक अधिसूचना जारी कर म्यूचुअल फंडों के लिए संशोधित रेगलेशन जारी कर दिया। गजट में प्रकाशित होने के साथ 29 जुलाई 2010 से नए नियम लागू भी होऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने 27 अगस्त 2007 से ही डीमैट खातों के लिए पैन (परमानेंट एकाउंट नंबर) को अनिवार्य कर दिया था। लेकिन अब भी बहुत सारे निवेशक हैं जिन्होंने अपने डीमैट खातों के डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (डीपी) के पास पैन नंबर की पुष्टि नहीं कराई है। इसके लिए उन्हें पैन कार्ड की फोटोकॉपी वगैरह देनी थी। अभी तक पैन वेरिफिकेशन न करानेवाले निवेशक अपने खाते से कुछ डेबिट नहीं सकते थे। लेकिन सेबी ने अबऔरऔर भी

यूलिप पर पूंजी बाजार नियामक संस्था सेबी और बीमा नियामक संस्था आईआरडीए (इरडा) की तकरार का नतीजा भले ही कानून बनाकर इरडा को बचाने के रूप में सामने आया हो, लेकिन इसने इरडा को पॉलिसीधारकों के प्रति ज्यादा जबावदेह बनने को मजबूर कर दिया है। वह लगातार नए-नए कदम उठा रही है। ताजा दिशानिर्देश में उसने तय किया है कि जीवन बीमा और साधारण बीमा कंपनियों को पॉलिसीधारकों की शिकायतों की निपटारा तीन दिन से लेकर दोऔरऔर भी

अगले दस सालों में आईटी और बीपीओ उद्योग में प्रत्यक्ष रूप से एक करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा। यह कहना है सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के शीर्ष संगठन नैस्कॉम (नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज) के अध्यक्ष सोम मित्तल का। उन्होंने गुरुवार को चेन्नई में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान बताया कि पिछले दस सालो में इस क्षेत्र में प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त लोगों की संख्या में छह गुना वृद्धि हुई है। 2001 में यह संख्याऔरऔर भी