देश के इस समय हर दिन 14 करोड़ अंडे पैदा किए जाते हैं। इनमें से 30 लाख अंडों का इस्तेमाल एग-पाउडर बनाने में कर लिया जाता है। बाकी बचे अंडों का लगभग पांच फीसदी हिस्सा अकेले हमारी सेनाओं में खपता है। इस समय तीस लाख जवानों को हर दिन एक अंडा देने का नियम है। अब अफसर रैंक के जवान को हर दिन दो अंडे देने की योजना है। इसके लिए चालू साल के बजट में 250औरऔर भी

धंधेबाज कुछ भी कहें, लेकिन जानकार आपको यही बताएगा कि असली बीमा टर्म इंश्योरेंस ही है। टर्म इंश्योरेंस वास्तव में बेसिक इंश्योरेंस है। बीमा के अन्य रूप, मसलन यूलिप, मनी बैक, ग्रुप इंश्योरेस, मेडिकल इंश्योरेंस, वाहन बीमा, पेंशन प्लान तो काफी बाद में आए। इन सबका उद्गम टर्म इंश्योरेंस है। बीमा व निवेश हैं अलग: आपको हमेशा यह ध्यान रखना है कि बीमा व निवेश या बचत दोनों बिल्कुल अलग-अलग चीजें हैं। इन दोनों को एक चश्मेऔरऔर भी

शेयरों के उतार-चढ़ाव को थामने के लिए पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने उन्हें ट्रेड फॉर ट्रेड (टीएफटी) सेगमेंट में डालने का जो फैसला किया है, उससे निवेशकों का नहीं, बल्कि बाजार के उस्ताद खिलाड़ियों या ऑपरेटरों का ही भला होगा। सेबी ने आम निवेशकों से जुड़े इतने अहम मसले पर गौर करते हुए बहुत सामान्य बातों का भी ध्यान नहीं रखा है। यह कहना है शेयर बाजार से जुड़ी एक महत्वपूर्ण ब्रोकर फर्म के प्रमुख का।औरऔर भी

खाने पीने की वस्तुओं की महंगाई में उतार-चढाव का दौर जारी है। फल, सब्जियों और कुछेक दालों के दाम बढ़ने से 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में थोक मूल्यों पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति एक सप्ताह पहले की तुलना में 81 आधार अंक (0.81 फीसदी) बढकर 10.86 फीसदी हो गई। सात अगस्त से लगातार दो हफ्ते रही गिरावट के बाद खाद्य मुद्रास्फीति में एक बार फिर मजबूती का रुख बना है। देश के विभिन्न भागों में बारिश औरऔरऔर भी

अगर किसी लिस्टेड कंपनी में प्रवर्तकों की शेयरधारिता से बचे हिस्से का कम से कम 50 फीसदी भाग डीमैट (डीमैटरियलाइज्ड) रूप में नहीं हुआ तो 31 अक्टूबर 2010 के बाद उनके शेयरों में ट्रेडिंग सामान्य सेगमेंट में नहीं हो सकती। पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने यह सर्कुलर गुरुवार को सभी स्टॉक एक्सचेंजों को भेजा है। हालांकि इसे सार्वजनिक शुक्रवार को किया गया। सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों से कहा है कि 31 अक्टूबर तक कंपनियों से यहऔरऔर भी

देश की तकरीबन 40 ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों में की जानेवाली छोटी से बड़ी खरीद में इस कदर भ्रष्टाचार छाया हुआ है कि ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम अपनाने का काम एक बार फिर 26 अक्टूबर 2010 तक टाल दिया गया है। खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए पहले तय हुआ था कि 10 लाख रुपए से ज्यादा की सारी खरीद 1 अगस्त 2010 से ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम से ऑनलाइन की जाएगी। लेकिन ऐन-वक्त पर इसकी तारीख टाल कर 1 सितंबर 2010 करऔरऔर भी

यूं तो हाइपरटेंशन अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, लेकिन पॉलिसीधारक इसके इलाज पर जो भी खर्च करता है, उसका क्लेम वह बीमा कंपनी से ले सकता है। यह फैसला है दिल्ली राज्य उपभोक्ता आयोग का। जस्टिस बी ए जैदी की अध्यक्षता वाले आयोग ने कहा है, “हाइपरटेंशन बीमारी नहीं, बल्कि मानव जीवन की सामान्य गड़बड़ी है जिसे दवाओं से नियंत्रित किया जा सकता है। यह ऐसा कोई मर्ज नहीं है जिसके इलाज के लिए अस्पतालऔरऔर भी

बैंकिंग उद्योग में ऐसा पहली बार हुआ है। आईडीबीआई बैंक ने चेक बाउंसिग के अलावा सेंविग्स और करंट एकाउंट से जुड़े सारे के सारे शुल्क खत्म कर दिए हैं। यह फैसला 1 सितंबर, बुधवार से लागू हो गया है। इसका मतलब यह होगा कि बैंक का कोई भी खाताधारी उससे डिमांड ड्राफ्ट बनवाएगा तो उसे एक पैसा भी शुल्क नहीं देना पड़ेगा। वह इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर भी मुफ्त में करवा सकता है। उस पर अपने खाते मेंऔरऔर भी

खुद वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अब स्वीकार कर लिया है कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार माल व सेवा कर (जीएसटी) को 1 अप्रैल 2011 से लागू करना संभव नहीं है। उन्होंने बुधवार को मुंबई में इनकम टैक्स, कस्टम्स व सेंट्रल एक्साइज के चीफ कमिश्नरों और कमिश्नरों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “मैंने अपनी तरफ से जीएसटी के लिए संविधान संशोधन विधेयक को संसद के मानसून सत्र में लाने की हरसंभव कोशिश की। आपऔरऔर भी

जितना बड़ा जोखिम, उतना बड़ा बीमा। दुनिया ने 1 सितंबर की तारीख को अब तक का सबसे बड़ा जोखिम झेला है क्योंकि दूसरा विश्व युद्ध 1 सितंबर 1939 को शुरू हुआ था। लेकिन देश में भी 1 सितंबर की तारीख और बीमा उद्योग के बीच गहरा रिश्ता है। 1 सितंबर 2000 को भारतीय बीमा उद्योग निजी क्षेत्र के लिए खोला गया। 1 सितंबर 2010 से यूलिप के कायाकल्प के लिए इरडा के नए दिशानिर्देश लागू हुए हैं।औरऔर भी