देश की सबसे बडी हाउसिंग लोन कंपनी एचडीएफसी ने आज अपने सालाना नतीजे घोषित कर दिए। कंपनी ने वित्त वर्ष 2009-10 में 2826.49 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 2282.54 करोड़ रुपए से 24 फीसदी अधिक है। कंपनी के बोर्ड ने आज यह भी फैसला किया कि वह अपने शेयरधारकों को प्रति शेयर 36 रुपए का लाभांश देगी। साथ ही 10 रुपए अंकित मूल्य के शेयर को अब 2 रुपए अंकितऔरऔर भी

आप मानें या न मानें, हमारे पूरे हिंदी समाज में ज्ञान का डेफिसिट, ज्ञान का घाटा पैदा हो गया है। सरकार घाटे को उधार लेकर पूरा करती है। लेकिन ज्ञान का घाटा केवल उधार लेकर पूरा नहीं किया जा सकता। उधार के ज्ञान से प्रेरणा भर ली जा सकती है। उसका पुनर्सृजन तो अपने ही समाज और अपनी ही मिट्टी व भावभूमि से करना पड़ता है। हिंदी में लोगबाग कविताएं ठोंक कर लिखते हैं। लेकिन जहां गद्यऔरऔर भी

देश में 9 राज्य को-ऑपरेटिव बैंक और 191 केंद्रीय को-ऑपरेटिव बैंक अभी भी बिना लाइसेंस के चल रहे हैं। चौंकानेवाली बात यह है कि दशकों से भारी संख्या में ऐसी सहकारिता संस्थान बगैर किसी बैंकिंग लाइसेंस के चलते रहे हैं। लेकिन वित्तीय क्षेत्र आकलन समिति ने सिफारिश की थी कि 2012 के बाद किसी भी को-ऑपरेटिव बैंक को बगैर लाइसेंस लिए काम न करने दिया जाए। इसी के बाद रिजर्व बैंक ने तय किया कि वह उनऔरऔर भी

अब यह किसी अटकल या सूत्रों के हवाले मिली खबर की बात नहीं है। यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस पॉलिसी (यूलिप) की गड़बड़ियों और उस पर अधिकार पर साफ-सफाई के लिए पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गई है। भारत के एटॉर्नी जनरल जी ई वाहनवती के कार्यालय ने इसकी पुष्टि कर दी है और यह भी कहा है कि सेबी की याचिका पर सुनवाई खुद देश के चीफ जस्टिस के जी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वालीऔरऔर भी

देश के सभी बैंक अब जन सेवा केंद्रों (कॉमन सर्विस सेंटर या सीएससी) को अपना बिजनेस करेंसपॉन्डेंट या प्रतिनिधि (बीसी) बना सकते हैं। इस साल 20 अप्रैल को पेश मौद्रिक नीति में रिजर्व बैंक ने कहा था कि मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत बैंक व्यक्तियों की कुछ चुनिंदा श्रेणियों को ही बीसी बना सकते हैं। इस दायरे को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव है कि बैंकों को सीएससी चलानेवाले व्यक्तियों समेत किसी भी बीसी बनाने की इजाजत दे दीऔरऔर भी

इधर पिछले कई महीनों से मिड कैप और स्माल कैप कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग बढ़ती गई है। इसके बावजूद अब भी बाजार के कुल पूंजीकरण का करीब 70 फीसदी हिस्सा लार्ज कैप कंपनियों से आता है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में ऐसी लार्ज कैप कंपनियों की सख्या महज 77 है। दूसरी तरफ मिड कैप कंपनियों में होनेवाला कारोबार बाजार के कुल पूंजीकरण का 20 फीसदी है और ऐसी कंपनियों की संख्या 209 है। लेकिन स्मॉल कैप कंपनियोंऔरऔर भी

देश की तीसरी सबसे बड़ी साफ्टवेयर निर्यातक कंपनी विप्रो ने अपने शेयरधारकों को हर तीन पर दो नए शेयर बोनस के रूप में देने का एलान किया है। साथ ही वह दो रुपए अंकित मूल्य के शेयर पर प्रति शेयर 6 रुपए यानी 300 फीसदी का लाभांश देगी। इससे पहले इनफोसिस में बोनस देने की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन उसने 300 फीसदी लाभांश देकर हाथ बांध लिए थे। अब विप्रो ने लाशांश के साथ बोनसऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने सोमवार को अर्थव्यवस्था और मौद्रिक हालात की समीक्षा पर जारी दस्तावेज में साफ कर दिया है कि चालू वित्त वर्ष 2010-11 में उसकी मुख्य चुनौती मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने की होगी। इसलिए पूरी उम्मीद है कि मंगलवार को जारी की जानेवाली सालाना मौद्रिक नीति में कर्ज को महंगा कर दिया जाए। बैकिंग क्षेत्र के जानकार बताते हैं कि रिजर्व बैंक इसके लिए रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंक (0.25 फीसदीऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी यूलिप के बारे में 14 जीवन बीमा कंपनियों के खिलाफ जारी आदेश पर अमल की राह में कोई अड़चन नहीं आने देना चाहती। इसलिए उसने जिन भी खास-खास राज्यों में इन 14 कंपनियों के मुख्यालय हैं, उनके हाईकोर्ट के पहले से ही कैविएट दाखिल कर दिया है। यह कैविएट एक तरह की आपत्ति सूचना या याचिका है जिसके बाद कोई भी कोर्ट सेबी के आदेश के खिलाफ स्टे ऑर्डर नहीं जारी करऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने तय किया है कि किसी भी नए एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) और उनके सब-एकाउंट को पंजीकरण के समय यह घोषणा करनी पड़ेगी कि वह चंद निवेशकों के लिए काम करनेवाली पीसीसी (प्रोटेक्टेड सेल कंपनी) या एसपीसी (सेग्रिगेटेड पोर्टफोलियो कंपनी) नहीं हैं और न ही दूसरा नाम रखकर वह ऐसा कोई काम करता है। साथ ही अगर कोई एफआईआई व्यापक निवेशकों के आधार वाले एमसीवी (मल्टी क्लास वेहिकल) के रूप में कामऔरऔर भी