भाव भाषा का
भाषा हमें अपनी संवेदनाओं को सही तरीके से सजाने-संजोने की क्षमता देती है। भाषा न होती तो कोणार्क के सूर्य मंदिर की परिकल्पना नहीं हो सकती थी और न ही मोनालिसा का अवतरण हुआ होता।और भीऔर भी
सूरज निकलने के साथ नए विचार का एक कंकड़ ताकि हम वैचारिक जड़ता तोड़कर हर दिन नया कुछ सोच सकें और खुद जीवन में सफलता के नए सूत्र निकाल सकें…
भाषा हमें अपनी संवेदनाओं को सही तरीके से सजाने-संजोने की क्षमता देती है। भाषा न होती तो कोणार्क के सूर्य मंदिर की परिकल्पना नहीं हो सकती थी और न ही मोनालिसा का अवतरण हुआ होता।और भीऔर भी
कोई इंसान सुखी हो, इसका मतलब कतई यह नहीं कि वह खुश भी हो। खुशी तो एक अनुभूति है जिसका पारा ऊपर-नीचे होता रहता है। खुश रहना एक कला है, जिसकी आदत बड़े जतन से डालनी पड़ती है।और भीऔर भी
बुरे का बोलबाला तभी तक है जब तक अच्छे लोग उदासीन या चुप बैठे रहते हैं। दुनिया में नया ज्ञान, माल व मूल्य तो अच्छे लोग ही लाते हैं। बुरे लोग तो बस उसे इधर-उधर कर लूटते-लपेटते रहते हैं।और भीऔर भी
आशा और विश्वास के बिना किसी मंजिल पर नहीं पहुंचा सकता। आशा और विश्वास पूरी यात्रा के दौरान न केवल संतुलन बनाए रखते हैं, बल्कि वे प्रेरणा देते हैं, शक्ति देते हैं और देते हैं – सहनशीलता।और भीऔर भी
जबरदस्ती के रिश्ते गुलामी व एकाधिकार में ही चलते हैं। स्वेच्छा के रिश्ते तभी चलते हैं जब दोनों का फायदा हो। ग्राहक का भी और कंपनी का भी। सिर्फ ग्राहक का फायदा हो तो कंपनी ही बंद हो जाएगी।और भीऔर भी
हम लाख जतन कर लें, भरपूर तैयारी कर लें, फिर भी अनिश्चितता व अनहोनी की गुंजाइश बनी रहती है। यह कमजोरी नहीं, हमारी सीमा है। इसलिए अनहोनी से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।और भीऔर भी
दूर के ढोल ही नहीं, भगवान भी सुहाने लगते हैं। पास आकर भगवान पड़ोस में हमारी तरह रहने लगें तो हम उनकी भी बखिया उधेड़ डालें। इसीलिए सत्ता-लोलुप संत और नेता हम से दो गज दूर ही रहते हैं।और भीऔर भी
कोई कितना ही रोके, चलनेवाले तो अपनी मंजिल और मौका तलाश ही लेते हैं। पानी अपनी डगर बना ही लेता है। हमारा काम बस इतना है कि समाज में जंगल की निरंकुशता न पले, अराजकता न चले।और भीऔर भी
खुशी न खाने में है, न सोने में। पीने में थोड़ी-सी है क्योंकि इससे हम अपनी मूल प्रकृति के करीब आ जाते हैं। असली खुशी गुत्थियां सुलझाने में है क्योंकि इससे हम अपने परिवेश के साथ लयकार हो जाते हैं।और भीऔर भी
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