2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम को सह आरोपी बनाने की याचिका पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को खारिज कर दी। यह याचिका जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने दायर की थी। स्वामी ने कोर्ट के इस फैसले पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि उनके पास 2008 में वित्त मंत्री रहे चिदंबरम के ख़िलाफ़ पुख्ता सबूत हैं और वे ट्रायल कोर्ट के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे। लेकिन फिलहालऔरऔर भी

जहां भी देखो, हर तरफ, हर कोई नोट बनाने में लगा है। इसलिए कि धन है तो सब कुछ है। पद, प्रतिष्ठा, शानोशौकत। सुरक्षा, मन की शांति। जो चाहो, कर सकते हो। छुट्टियां मनाने कभी केरल पहुंच गए तो कभी स्विटजरलैंड। बच्चों को मन चाहा तो ऑक्सफोर्ड से पढ़ाया, नहीं तो हार्वर्ड से। धन की महिमा आज से नहीं, सदियों से है। करीब 2070 साल पहले 57-58 ईसा-पूर्व में हमारे भर्तहरि नीतिशतक तक में कहा गया था,औरऔर भी

समय के साथ चलो तो चीजें बड़ी स्थिर या धीमी दिखती हैं। कहीं कोई खटका नहीं। सब कुछ सामान्य गति से चलता है। लेकिन समय से पीछे छूट जाओ तो सब कुछ तेज़ी से भागता हुआ नज़र आता है।और भीऔर भी

सुप्रीम कोर्ट का आदेश आते ही टेलिकॉम नियामक संस्था, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) सक्रिय हो गई है। उसने शुक्रवार को देश के 22 सर्किलों में 2जी बैंड स्पेक्ट्रम की नीलामी के बारे में सभी संबंधित पक्षों की राय जानने के लिए में एक पूर्व-परामर्श पत्र जारी कर दिया। 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से पहले भी ऐसा किया गया था। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका संख्‍या 423/2010 और 10/2010 पर 2 फरवरी 2012 को सुनाएऔरऔर भी

अपनी ईमानदारी के लिए मशहूर, लेकिन हर तरफ से भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी सरकार के मुखिया, हमारे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वीकार किया है कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए उनकी सरकार ने पिछले साल कई कानूनी व प्रशासनिक कदम उठाए। फिर भी सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता, जवाबदेही व शुचिता लाने में अभी लंबा वक्त लग सकता है। राज्यों के मुख्य सचिवों की बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रशासन सुनिश्चितऔरऔर भी

आर्थिक ठहराव की शिकार अर्थव्यवस्था ने यूपीए सरकार के मुखिया प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को राज्यों के सामने याचक या नसीहत देने की मुद्रा में खड़ा कर दिया है। उन्होंने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा कि वे इस बात पर सावधानी से विचार करें कि किस तरह राज्य राष्ट्रीय मैन्यूफैक्चरिंग नीति का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं। एक दशक में देश के सकल घरेलू उत्पादन में मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र के योगदान को 25औरऔर भी

चीनी देश का इकलौता उद्योग है जहां बीस साल पहले उठी उदारीकरण की बयार अभी तक नहीं पहुंची है। कच्चे माल, गन्ने की कीमत सरकार तय करती है। केंद्र ही नहीं, राज्य सरकारों तक का इसमें दखल रहता है। फिर अंतिम उत्पाद, चीनी का एक हिस्सा लेवी के बतौर सरकार खुद तय की गई कीमत पर ले लेती है। सरकार के इतने अंकुश के बावजूद हालात दुरुस्त नहीं हैं और किसानों व चीनी मिलों में ठनी रहतीऔरऔर भी

कोई भी फर्क मामूली नहीं। ज़रा-सा फर्क मूल प्रकृति बदल देता है। कोशिका के 46 में से एक क्रोमोज़ोम के अंतर से पुरुष स्त्री बन जाता है। इसलिए बारीक अंतरों को कतई नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए।और भीऔर भी

भारतीय कम्‍पनी सचि‍व संस्‍थान (आईसीएसआई) ने कम्‍पनी सचि‍व फाउंडेशन कार्यक्रम के लि‍ए नया पाठ्यक्रम शुरू कि‍या है। इसमें चार पेपर इस प्रकार होंगे – बिजनेस माहौल व उद्यमशीलता, बिजनेस प्रबंधन, नीति‍शास्‍त्र व संप्रेषण, बिजनेस अर्थशास्त्र, लेखा व लेखा परीक्षण के मूल सि‍द्धान्‍त। नये पाठ्क्रम के अंतर्गत फाउंडेशन कार्यक्रम के लि‍ए वस्‍तुपरक बहुप्रश्‍न प्रणाली (OMR) परीक्षा होगी। छात्र इस परीक्षा में अपने अध्‍ययन के आधार पर भाग ले सकते हैं। फाउंडेशन कार्यक्रम के छात्रों के लि‍ए कोचिंग पूराऔरऔर भी

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के मुताबिक, अब समय आ गया है कि महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) पर अमल के दूसरे चरण की शुरुआत की जाए। गुरुवार को राजधानी दिल्ली में छठे मनरेगा सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि राज्‍य सरकारों और विभिन्‍न समूहों के साथ व्‍यापक विचार-विमर्श के बाद अनेक नए विचार सामने आए और उनमें से कुछ को अगले महीने तक मनरेगा के दूसरे चरण में शामिल करऔरऔर भी