समझिए बाज़ार को परकाया प्रवेश से
एक ही साथ दो खेमों का खेल। एक में बढ़ने का भरोसा, दूसरे में गिरने का विश्वास। दोनों अपनी जगह अटल। लेकिन परकाया प्रवेश में माहिर। नेताओं से भी ज्यादा मौकापरस्त। तेजड़िया जब चाहता है मंदड़िया बन जाता है और मंदड़िया तेजड़िया। आप भी कभी पाला बदलकर सोचिए। खरीदा है तो बेचने और बेचा है तो खरीदनेवाले की नज़र से। बाज़ार का मन समझने के लिए यह अभ्यास बहुत ज़रूरी है। अब ढूंढते हैं मौके ट्रेडिंग के…औरऔर भी
दलाल तो दल्ले, कामयाब भी भिखारी
छासठ साल कम नहीं होते बंद गांठों को खोलने के लिए। लेकिन नीयत ही न हो, सिर्फ साधना का स्वांग चल रहा हो तो कुंडलिनी मूलाधार में ही कहीं सोई पड़ी रहती है। आज़ादी के बाद देश की उद्यमशीलता को जिस तरह खिलना चाहिए था, वैसा नहीं हुआ। सच कहें तो सायास ऐसा होने नहीं दिया गया। उद्योगों को मंदिर मानने, हाइब्रिड बीजों से आई हरित क्रांति और अर्थव्यवस्था को खोलने के पीछे बराबर एक पराश्रयी सोचऔरऔर भी
घुमावदार मोड़ की एंट्री में मस्त मौज
बाज़ार को लेकर हर किसी की अपनी-अपनी धारणा है, स्टाइल है। जैसे कुछ लोग कहां पर एंट्री मारनी है, इसको खास तरजीह ही नहीं देते। उनका कहना है कि ट्रेडिंग में एंट्री निश्चित रूप में महत्वपूर्ण है, लेकिन सबसे कम। अहम बिंदु वो है जब कोई स्टॉक ट्रेंड बदल रहा हो क्योंकि इस मोड़ पर रिस्क और रिवॉर्ड का अनुपात सबसे बेहतर होता है। जोखिम कम से कम और रिटर्न ज्यादा से ज्यादा। अब, मंगल की ग्रहदशा…औरऔर भी
ट्रेडिंग जैसे तने हुए रस्से पर चलना
शेयर, कमोडिटी या फॉरेक्स बाज़ार में ट्रेडिंग करना बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के ट्रेजरी विभाग के लिए बड़ा व्यवस्थित काम है। लेकिन किसी भी व्यक्ति के लिए ट्रेडिंग तने हुए रस्से पर चलने जैसा है। ज़रा-सा चूके तो गए नीचे। इस तनाव से निजात पानी है तो सेफ्टीनेट के बगैर काम नहीं चल सकता। तब लड़खड़ा कर गिरे भी तो यह नेट आपको बचा लेगा। खतरा कम, हड्डी-पसली सलामत। अब रुख करते हैं आज के बाज़ार का…औरऔर भी
अपना होमवर्क भी बेहद जरूरी है बॉस!
निवेशकों को उन्हीं कंपनियों में अपनी बचत लगानी चाहिए जिन्हें वे जानते हों। खासकर तब, जब हवा का रुख उल्टा हो, दिग्गज कंपनियों तक के शेयर पिट रहे हों, तब उन्हें ऐसी कंपनियों को चुनना चाहिए जो मजबूत धरातल पर खड़ी हों। आर्थिक दुविधा और गिरावट के दौर में अपना होमवर्क भी बेहद जरूरी है। यह न केवल अपनी संपदा को बढ़ाने, बल्कि उसे बचाने के लिए भी आवश्यक है। पेश है ऐसी ही एक लार्जकैप कंपनी…औरऔर भी





