काया नहीं, हावी है छाया का छलावा
अपने शेयर बाज़ार में सब डेरिवेटिव-मय हो चला है। कल एनएसई में कैश सेगमेंट का टर्नओवर 9781 करोड़ रुपए रहा तो डेरिवेटिव्स का 2,14,958 करोड़ रुपए का। कैश टर्नओवर डेरिवेटिव्स का मात्र 4.59 फीसदी! अगर संस्थाओं से हटकर बाकी निवेशकों की बात करें तो उनके 100 रुपए में से 90 रुपए डेरिवेटिव्स में जाते हैं और दस रुपए कैश सेगमेंट में जिसमें से केवल दो रुपए के सौदे डिलीवरी के लिए होते हैं। अब ट्रेडिंग गुरुवार की…औरऔर भी
लोग झूठ बोल सकते हैं, पर चार्ट नहीं
कामयाब ट्रेडर कंपनी या अर्थव्यवस्था के मूलभूत पहलुओ पर ट्रेड नहीं करता। लेकिन वो इनसे वाकिफ ज़रूर रहता है। यह जानना ज़रूरी है कि अर्थव्यवस्था की समग्र तस्वीर क्या है और कंपनी की क्या स्थिति है, भले ही हम उसके आधार पर रोज़-ब-रोज़ के ट्रेड न करें। भावों की चाल और सौदों का वोल्यूम देखकर हम चार्ट पर लोगों की भावनाओं को पकड़ते हैं। याद रखें। लोग झूठ बोल सकते हैं, चार्ट नहीं। अब ट्रेडिंग बुधवार की…औरऔर भी
माना उस्ताद, पर कमाते हो कितना!
मेरे एक मित्र हैं। बता रहे थे कि कैसे उन्होंने एक सेमिनार में ट्रेडिंग सिखानेवाले इंस्ट्रक्टर की धज्जियां उड़ा दीं। उसने कहा कि कम-से-कम एक घंटे शांत रहें। लेकिन इन्होंने अपने सवालों से इतना तंग किया कि उसे ट्रेनिंग सेशन छोड़कर जाना पड़ा। मेरा कहना है कि सीखने के लिए विनम्रता ज़रूरी है और गुरु तो एक चींटी भी हो सकती है। ट्रेडिंग में आपके हुनर का इकलौता पैमाना है कि आप कितना कमाते हो। अब आगे…औरऔर भी
सारा असर विदेशी तो देशी क्या है!
इस हकीकत से कोई इनकार नहीं कर सकता कि विदेशी संस्थागत निवेशक हमारे शेयर बाज़ार के सबसे अहम किरदार बन चुके हैं। ऊपर से मई में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन बेन बरनान्के की तरफ से बांड खरीद रोकने के हल्के से बयान से जैसा भूचाल मचा, रुपया तक जमींदोज़ हो गया है, उससे साबित हो गया कि अमेरिका का फैसला हमें कभी भी हिला सकता है। इसे समझते हुए आगाज़ करें इस हफ्ते का…औरऔर भी
ताकि बचत को खा न जाए महंगाई
बच्चों की पढ़ाई से लेकर रिटायरमेंट की योजना काफी पहले से बनानी होती है। आप जो भी बचाते हैं, उसे मुद्रास्फीति खोखला न कर दे, इसका भी इंतज़ाम करना होता है। यह आप तब तक नहीं कर सकते, जब तक बचत का 20-30% हिस्सा स्टॉक्स में नहीं लगाते क्योंकि कंपनियां ही आपको 12-15% रिटर्न दे सकती हैं। वो भी तब, जब आप सुरक्षित व मजबूत कंपनियों का चयन करें। तथास्तु में आज ऐसी ही कुछ चुनिंदा कंपनियां…औरऔर भी





