अपने-पराये की पहचान बेहद ज़रूरी
यह सृष्टि, दुनिया और समाज आपसी निर्भरता पर टिका है। इसलिए यहां अपने-पराये की पहचान बेहद ज़रूरी है। नहीं तो कब हम दूसरे का निवाला बन जाएंगे, पता नहीं चलेगा। ट्रेडिंग के संदर्भ में गांठ बांध लें कि ब्रोकर या बिजनेस चैनलों के एनालिस्ट कभी भी अपने नहीं हो सकते। उनका स्वार्थ हमारा शिकार करने से सधता है। दूसरे, यहां किसी को गुरु मत बनाओ। उनसे केवल इनपुट लो और करो खुद। अब लगाएं बुध की बुद्धि…औरऔर भी
सही समझ ही हमारा मुख्य हथियार
वित्त वर्ष 2014-15 का आखिरी दिन। बैंकों से लेकर म्यूचुअल फंडों व तमाम वित्तीय संस्थाओं के लिए खातों को अंतिम रूप देने का दिन। सो, आज उनके ट्रेडिंग व्यवहार पर खास ध्यान देना चाहिए। खुद कुछ न करके उनकी हरकतों को देखना, समझना भविष्य में ज्यादा काम का साबित हो सकता है। असल में ट्रेडिंग में सही समझ ही हमारा सबसे बड़ा हथियार है। बाकी सब में तो संस्थाएं बलशाली हैं। अब परखते हैं मंगल की दृष्टि…औरऔर भी
समझदारी हो तो बड़ा नाम और नामा
ट्रेन्ड के साथ चलनेवाले कम कमाते हैं। वहीं, ट्रेन्ड के खिलाफ चलनेवाले या तो जमकर कमाते हैं या डूब जाते हैं। डूबते तब हैं, जब दुस्साहसी भावुकता में आंख मूंदकर रिस्क लेते हैं। गंवाते कम और कमाते तब ज्यादा हैं जब रिस्क को बांधकर चलते हैं। लेकिन जीवन की तरह ट्रेडिंग में भी लीक के खिलाफ चलने के लिए भरपूर माद्दा चाहिए। ऐसे लोग बड़ा नाम और नामा कमाते हैं, बशर्ते समझदारी अपनाएं। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी







