अभिमन्यु नहीं, बनना पड़े अर्जुन यहां
ट्रेडिंग में दिक्कत यह है कि इसमें बड़ी पूंजी चाहिए। कम से कम 50,000 रुपए महीने। फ्यूचर्स व ऑप्शंस में ट्रेड करना है तो उसमें सौदे का न्यूनतम आकार अब पांच लाख रुपए हो गया है। ऐसे में समझिए कि सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। इसलिए ट्रेडिंग उन्हें ही करनी चाहिए जिन्होंने बड़े अभ्यास व जतन से खुद अपना सिस्टम विकसित कर लिया हो। यहां भी महारथी तक अभिमन्यु को नहीं बचा पाते। अब पकड़ें गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी
पांच प्रतिशत ही धन लगाएं ट्रेंडिंग में
ट्रेडिंग अगर जम जाए तो महीने में ही 10-15% कमाया जा सकता है। लेकिन ज्यादा रिटर्न अपने साथ ज्यादा रिस्क भी लाता है। ट्रेडिंग में रिस्क रहता है कि आपकी सारी पूंजी ही डूब जाए। इसके बावजूद कोई सामान्य निवेशक बाज़ार में निवेश व ट्रेडिंग दोनों का फायदा उठाना चाहता है तो बेहतर यही होगा कि वो अपने धन का 95% निवेश के लिए रखे और केवल 5% ट्रेडिंग में लगाए। अब आजमाते हैं बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
निवेश में रिस्क कम तो रिटर्न भी कम
हर दिन 1500 से ज्यादा कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग। इनमें से 200 से ज्यादा के डेरिवेटिव्स के सौदे। ऊपर से निफ्टी के फ्यूचर्स व ऑप्शंस सौदे। बड़ा आसान लगता है कि इनमें से दो-चार को पकड़कर ट्रेडिंग करना। लेकिन आम नौकरीपेशा या बिजनेस करनेवाले के लिए यहां से कमाना कतई आसान नहीं। निवेश में रिस्क कम है तो रिटर्न भी कम है। साल में 15-25% मिल जाए तो पर्याप्त माना जाना चाहिए। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी
बाज़ार दूर या पास से जलाता क्यों है!
शेयर बाज़ार को दूर से जाननेवाले लोग इसे शुद्ध सट्टा बाज़ार मानते हैं। जो इसके नजदीक आते हैं, वे उछल पड़ते हैं कि यहां तो एक ही दिन में कोई-कोई शेयर 10-20% छलांग जाते हैं। वाह-वाह! इससे तो 20 दिन की ट्रेडिंग में 200-400% कमाया जा सकता है। उसके बाद जो आखिरकार घुस पड़ते हैं, उनमें से 99% रोते हैं कि उनका हाथ लगनेवाला शेयर ही डूब क्यों जाता है। सुलझाएंगे यह गुत्थी। पहले सोमवार का व्योम…औरऔर भी
शेयर नीचे, पर आशा ऊंचे रिटर्न की
बाज़ार में हर गिरा हुआ शेयर सस्ता नहीं होता। लेकिन बिजनेस मॉडल संभावनामय हो तो किन्हीं वजहों से गिरावट से सस्ता हुआ शेयर कंपनी में निवेश करने का अच्छा मौका देता है। आज हम तथास्तु में एक ऐसी ही कंपनी पेश कर रहे हैं जिसके शेयर इधर बाज़ार में गिरे हुए हैं। कंपनी को अपने कुछ हालिया फैसलों से घाटा उठाना पड़ा है। लेकिन अगले दो-तीन सालों में इसमें किया गया निवेश अच्छा रिटर्न दे सकता है।औरऔर भी





