हर कोई हर काम नहीं कर सकता। न ही सभी सूचनाएं हर किसी के काम की होती हैं। शेयर बाज़ार के ट्रेडर के लिए सबसे अहम सूचना है सूचकांक या स्टॉक के भाव। हर खबर का असर उनमें समाहित होता है। यह काम करवाती हैं बड़ी-बड़ी रिसर्च फर्में व संस्थान। खबरों व विश्लेषण को पचाकर बैंक, बीमा कंपनियों व म्यूचुअल फंड जैसी संस्थाएं खेल कर चुकी होती हैं। इसे समझना हमारा काम है। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी

हम अक्सर अपनी भूमिका भूल जाते हैं और पीर, बाबर्ची व भिश्ती सभी का काम करने लगते हैं। न भूलें कि हम शेयर बाज़ार के ट्रेडर हैं। माल/सेवा देना कंपनी का काम, उपभोक्ता तक पहुंचाना डीलर व डिस्ट्रीब्यूटर का काम। भाव इनकी ऊंच-नीच समेत सरकारी नीतियों और विदेशी बाज़ार की हलचल का सारा असर सोख चुका होता है। हमें तो थोक के भाव खरीदना और रिटेल के भाव में बेचकर मुनाफा कमाना है। अब बुध की बुद्धि…औरऔर भी

शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग में सफलता के लिए सबसे ज़रूरी चीज़ है अपने दिमाग को सही तरह से प्रशिक्षित करना। इसमें मन, बुद्धि व भावना तीनों आते हैं। बाज़ार में शोर बहुत है। सूचनाओं के अंबार में मन भटकता है, भावनाएं उबाल मारती हैं और बुद्धि भ्रमित हो जाती है। देश-विदेश की खबरें, सरकार की नीतियां व फैसले, कंपनियों के नतीजे और बाज़ार में हर पल बदलते भाव। क्या पकड़ें, क्या छोड़ें? अब पकड़ें मंगल की दृष्टि…औरऔर भी

सड़क सभी की होती है। लेकिन गाड़ी, पेट्रोल और ड्राइविंग का संतुलन बनाकर चलें तो आप सलामत अपनी मंज़िल पर पहुंच जाते हैं। इसी तरह वित्तीय बाज़ार सभी का है। इसमें दिमाग, पूंजी और सिस्टम का संतुलन बनाकर चलें तो आप लक्षित मुनाफा कमा लेते हैं। इन तीनों चीज़ों में आप दूसरों से सीख व मदद हासिल कर सकते हैं। लेकिन फैसला और अमल पूरी तरह आपके हाथ में होता है। अब परखते हैं सोमवार का व्योम…औरऔर भी

सरकार परेशान है कि उसे पर्याप्त टैक्स नहीं मिलता। वैसे, टैक्स से मिला जनधन वो नेताओं से लेकर अफसरों तक पर लुटाने में कोई कोताही नहीं बरतती। निवेशक को चिंता रहती है कि उसे ज्यादा रिटर्न नहीं मिलता। इस चक्कर में वो सदस्य बनाने की स्कीमों में फंस जाता है। समाधान यही है कि देश में उपयोग की चीजें व सेवाएं देनेवाली कंपनियां मजबूत बनें जिससे टैक्स व रिटर्न दोनों बढ़ेगा। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी