ट्रेडिंग का थ्रिल एडिक्शन बन जाए तो!
आमतौर पर लंबे समय का निवेश बहुत बोरिंग होता है। उसमें अचंभे या थ्रिल जैसी कोई चीज़ नहीं। वहीं, ट्रेडिंग में अचंभा ही अचंभा होता है। वहां पल-पल का थ्रिल है। यही वजह है कि बहुत से लोग नफे-नुकसान की परवाह किए बगैर इस थ्रिल के आदी हो जाते हैं। यह अलग बात है कि आखिरकार सब कुछ लुटाकर ड्रग एडिक्ट की तरह कहीं के नहीं रहते। हमें इस एडिक्शन से बचना चाहिए। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी






