एसआईपी का रंग चढ़ गया लोगों पर
एसआईपी का मतलब सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान। रिटेल निवेशकों को नियमित निवेश का यह तरीका काफी भा गया है। जनवरी 2019 शुरू से सितंबर 2019 अंत तक हमारे शेयर बाज़ार में एसआईपी के माध्यम से 1.62 लाख करोड़ रुपए का निवेश आया है। म्यूचुअल फंडों के पास इस समय 2.84 करोड़ एसआईपी खाते हैं जिसमें निवेशकों के बैंक खाते से नियमित रूप से धन खुद कटकर फंड स्कीमों में चला जाता है। अब करते हैं शुक्र का अभ्यास…औरऔर भी
म्यूचुअल फंडों ने किया भरपूर निवेश
एफआईआई का निवेश जब ठंडा पड़ा था, तब देशी म्यूचुअल फंडों ने शेयर बाज़ार में जमकर निवेश किया। ताज़ा आंकडों के मुताबिक जनवरी 2018 से सितंबर 2019 तक उन्होंने शेयरों में 1.73 लाख करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया है। यह एफआईआई के निवेश से 6.4 गुना ज्यादा है। यह दिखाता है कि आम निवेशक म्यूचुअल फंडों के जरिए शेयर बाज़ार में निवेश करते जा रहे हैं। इसमें बड़ा योगदान एसआईपी का है। अब गुरु की दशा-दिशा…औरऔर भी
विदेशी सुस्त रिटेल पस्त बाज़ार मस्त
विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख अक्टूबर से जाकर पलटा है। अन्यथा, वे जनवरी 2018 से लेकर 21 महीनों तक भारतीय शेयर बाज़ार से बराबर धन निकालने के ही मूड में नज़र आए। फिर भी इस दौरान सेंसेक्स व निफ्टी 15% से ज्यादा कैसे और क्यों बढ़ गए? रिटेल निवेशक तो इस दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स को लग रही मार से धराशाई हुए पड़े थे। फिर किसने चढ़ाया बाज़ार के संवेदी सूचकांकों को? अब बुध की बुद्धि…औरऔर भी
धन किधर और क्यों बहता जा रहा है
जो भी निवेशक ट्रेडिंग से कमाना चाहते हैं, उन्हें एक बात भलीभांति समझ लेनी चाहिए कि धन का प्रवाह रोजमर्रा के शेयर बाज़ार को चलाता है। आपने जान लिया कि बाज़ार में किस तरफ धन बह रहा है और उसकी वजह क्या है तो आप दूसरों से एक कदम आगे पहुंच जाते हैं। यही एक कदम आगे निकलना आपको औरों पर बीस साबित कर देता है और बाज़ी आपके हाथ लग जाती है। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी
अर्थव्यवस्था नहीं, धन से फूला बाज़ार
हमारी अर्थव्यवस्था की हालत पतली है और अभी इसमें सुधार के कोई संकेत भी नहीं दिख रहे। फिर भी सेंसेक्स ने नया ऐतहासिक शिखर बना लिया तो इसकी सीधी-सी वजह है कि बाज़ार में जमकर धन आ रहा है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने अक्टूबर में शेयर बाज़ार में 14,358 करोड़ रुपए डाले हैं जो चालू वित्त वर्ष 2019-20 में किसी भी महीने का अधिकतम निवेश है। म्यूचुअल फंड भी खरीदे जा रहे हैं। अब सोमवार का व्योम…औरऔर भी





