लीक छोड़कर चलने की दो शर्तें!
अगर लीक से अलग हटकर चलने का साहस है और भीड़ की सोच से अलग निवेश करना चाहते हैं तो दो बातें आपके लिए ज़रूरी हैं। एक तो आप को साफ पता होना चाहिए कि भीड़ या बहुमत की सोच गलत क्यों है। दूसरे, आप में धैर्य और पक्का यकीन होना चाहिए कि आपका तरीका सही क्यों है। इन दोनों ही पहलुओं पर खुद को कायदे से ठोंक-बजाकर परख लेना चाहिए। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी
सरकार ने कंपनियों को दिया 1.45 लाख करोड़ का तोहफा
केंद्र सरकार ने कॉरपोरेट क्षेत्र को अब तक का सबसे बड़ा उपहार दिया है, वह भी बजट से बाहर। शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की राजधानी दिल्ली नहीं, बल्कि गोवा की राजधानी पणजी में शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में इस तोहफे या प्रोत्साहन उपाय की घोषणा की। इसके तहत कॉरपोरेट क्षेत्र को कुल 1.45 लाख करोड़ रुपए का पैकेज दिया गया है। मकसद साफ है कि अर्थव्यवस्था में छाई निराशा और शेयर बाज़ारऔरऔर भी
साख सुरक्षा की, लेकिन रिस्क भरपूर
एलआईसी बीमा व्यवसाय के निजीकरण के करीब दो दशक बाद भी देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी बनी हुई है। यह आम भारतीयों में जमी उसकी साख का प्रताप है। इससे पता चलता है कि करोड़ों भारतीय अपने जीवन का रिस्क कवर करने के लिए उस पर कितना भरोसा करते हैं। लेकिन कमाल की बात यह है कि वह देश में सबसे ज्यादा रिस्कवाले शेयर बाज़ार की सबसे बड़ी निवेशक भी है। अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी
एलआईसी की आस्तियों का तोड़ नहीं
वित्त वर्ष 2018-19 में शेयर बाज़ार से एलआईसी का लाभ भले ही घट गया हो, लेकिन मार्च 2019 में उसके निवेश का बाज़ार मूल्य 28.74 लाख करोड़ रुपए रहा जो उससे पहले के वित्त वर्ष 2017-18 में उसके निवेश के बाज़ार मूल्य 26.46 लाख करोड़ रुपए से 8.62% ज्यादा है। साथ ही 2018-19 में उसकी कुल आस्तियां पहली बार 30 लाख करोड़ रुपए के पार जाकर 31.11 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गईं। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी
दम और पूंजी भी, फिर क्यों कमज़ोरी
एलआईसी ने बीते वित्त वर्ष 2018-19 में शेयर बाज़ार में कुल 68,621 करोड़ रुपए लगाए थे। इस पर उसने 23,621 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया। लेकिन इससे पिछले वित्त वर्ष 2017-18 में उसने बाज़ार से 25,646 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया था, जबकि तब सेंसेक्स 3348 अंक बढ़ा था। इससे बाद के वर्ष में सेंसेक्स के 5417 अंक या 17% बढ़ने पर भी एलआईसी का बाज़ार से लाभ घट जाना अशुभ संकेत है। अब बुध की बुद्धि…औरऔर भी






