कहर कोरोना का, खास असर नहीं
शेयर बाज़ार में लिस्टेड अधिकांश कंपनियों के लिए 23 और 24 मार्च 2020 यादगार तारीख बन गई है क्योंकि कोरोना के कहर के बीच उस दिन उनके शेयरों ने ऐतिहासिक तलहटी पकड़ ली थी। लेकिन बहुतेरी कंपनियां इस कहर से अछूती रहीं जिनमें से ज्यादातर नेस्ले व हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी बहुराष्ट्रीय एफएमसीजी कंपनियां हैं। हालांकि कुछ देशी कंपनियां भी इस मार से बची रहीं। तथास्तु में पेश है आज नामी ब्रांड वाली ऐसी ही एक देशी कंपनी…औरऔर भी
जान तो लिया, अब देखें आजमा कर
कोई भी ज्ञान या विद्या तभी तक सार्थक है, जब तक वह व्यवहार की सेवा कर सके। हमने अब तक की 26 कड़ियों में डेरिवेटिव ट्रेडिंग, खासकर ऑप्शन ट्रेडिंग को जानने-समझने की जो कोशिश की, अब उसे व्यवहार के धरातल पर कसने का वक्त आ गया है। अगर वह किसी हद तक रिटेल ट्रेडर के लिए कम से कम रिस्क में ठीकठाक मुनाफा कमाने का माध्यम बन सके, तभी उसे अपनाया जाना चाहिए। अन्यथा, उसे शेयर बाज़ारऔरऔर भी
डेरिवेटिव्स में भी चले डिमांड-सप्लाई
डेरिवेटिव ट्रेडर बहुत उस्ताद किस्म के प्राणी होते हैं। वे सबसे कम समय में कम से कम रिस्क उठाते हुए ज्यादा से ज्यादा संभव रिटर्न कमाने की जुगत में लगे रहते हैं। वे इसका हवाई ख्वाब नहीं देखते, बल्कि ठोस, समझदार, दमदार कोशिश करते हैं। हालांकि बाज़ार में ज़ीरो रिस्क जैसी कोई चीज़ नहीं होती। और, रिस्क ऐसी तितली नहीं जिसे आप मुठ्ठी में बंदकर रख लें। यहां रिस्क कभी भी बैलून की तरह विस्फोटक हद तकऔरऔर भी








