पूंजी अपनी बची रहे तभी तो ट्रेडिंग कर पाएंगे!
ट्रेडिंग सिस्टम में तेज़ी-मंदी दोनों से पार पाने की क्षमता होनी चाहिए। मतलब, आपको शॉर्ट सेलिंग भी आनी चाहिए। तभी आप बाज़ार से गिरने के दौर में कमा सकते हैं। शॉर्ट सेलिंग केवल फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस सेगमेंट में की जा सकती है। चूंकि कम पूंजी है तो आपके पास ऑप्शंस को ही आजमाने का विकल्प बचता है। लेकिन ट्रेडिंग किसी सेगमेंट में करें, हर हाल में आपको अपनी ट्रेडिंग पूंजी बचाकर चलना होगा। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी
ट्रेडिंग सिस्टम सरल बनाएं, हर जटिलता सुलझाकर
काम का ट्रेडिंग सिस्टम आपके अनुरूप होने के साथ-साथ सरल होना चाहिए। लेकिन उसमें बाजार की जटिलताओं को पकड़ने का दमखम होना ज़रूरी है। दरअसल, जटिलताओं को हम जितना सुलझा लेते है, सिस्टम उतना ही आसान या सरल होता चला जाता हैं। जटिल सिस्टम किसी को भरमाने के काम आ सकता है, ट्रेडिंग से कमाने में नहीं। उस सिस्टम में तेज़ी और मंदी दोनों के बाज़ार से पार पाने की क्षमता होनी चाहिए। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी
नए साल की रणनीति सीमा व संसाधन समझकर
जीवन, युद्ध या ट्रेडिंग में कोई भी रणनीति हमें अपनी सीमाओं और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए बनानी चाहिए। अन्यथा हम नाकाम होने को अभिशप्त हैं। वित्तीय बाज़ार में ट्रेडिंग का मूल मकसद है कम से कम रिस्क और कम से कम समय में अधिकतम कमाना। इसके लिए हम किसी को अपने टेम्परामेंट के हिसाब से ट्रेडिंग सिस्टम बनाना होता है। यहां तक ट्रेडिंग के स्टॉक्स भी अपने माफिक चुनने होते हैं। अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी
खेल बाज़ार के सच और अपनी सोच का!
कोई शेयर आगे कहां तक जाएगा, कब तक जाएगा, इसको लेकर ट्रेडर, दीर्घकालिक निवेशक या यूं ही दांव लगा रहे सटोरिये की धारणा या गणना अलग-अलग होती है क्योंकि धन लगाने की इनकी समयसीमा भिन्न होती है। बाज़ार का सच अगर इनकी सोच से मेल खा जाए या आगे निकल जाए तो फायदा ही फायदा, अन्यथा घाटा। सारा खेल वर्तमान के सच और भविष्य की सोच व सच के अंतर का है। अब तथास्तु में आज कीऔरऔर भी







