आज 14 नवंबर 2020 को पड़ रही दीवापली से शुरू हो रहा है नया साल, सम्वत 2077। इस मौके पर बीएसई और एनएसई में शाम को 6.15 बजे से 7.15 बजे तक मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र हो रहा है। इससे पहले 8 मिनट का प्री-ओपन सत्र होगा जिसमें 6 बजे से 6.08 बजे तक ऑर्डर इकट्ठा और मैच किए जाएंगे। ब्लॉक सौदों का सत्र शाम 5.45 बजे से 6 बजे तक चलेगा। बाज़ार में कवर और ब्रैकेट ऑर्डरोंऔरऔर भी

इस साल कोरोना संकट के उभरने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक हमारे शेयर बाज़ार में अब तक 1.20 लाख करोड़ रुपए लगा चुके हैं। इसी दौरान रिलायंस ने जियो प्लेटफॉर्म और रिटेल उद्यम के लिए विदेशियों से 2.07 लाख करोड़ रुपए जुटाए हैं। आखिर विदेशी निवेशकों के पास इतना इफरात धन कहां से आ रहा है और वे क्यों पिछले छह सालों में तबाह हो चुकी भारतीय अर्थव्यवस्था पर दांव लगा रहे हैं? अब शुक्रवार का अभ्यास…औरऔर भी

कोविड-19 के प्रकोप के बाद दुनिया के वित्तीय जगत का विचित्र हाल है। तमाम देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा छापे गए नोटों से उपजे सस्ते धन का प्रवाह भारत जैसे देशों के शेयर बाज़ारों में आ रहा है। पिछले नौ महीनों में हमारे बाज़ार में इतना विदेशी धन आया है, जितना पिछले बारह सालों में नहीं आया था। हमारे कैश सेगमेंट में एफआईआई/एफपीआई निवेश कोरोना के मामलों जैसी रफ्तार से बढ़ता ही गया। अब गुरुवार की दशा-दिशा…औरऔर भी

शेयर बाज़ार शिखर से नए शिखर की यात्रा पर निकल चुका है। निफ्टी-50 सूचकांक 23 मार्च को कोरोना-कहर में तलहटी पकड़ने के बाद अब तक 68.34% बढ़ चुका है। ध्यान रहे कि दो ही कारकों से शेयरों के भाव और बाज़ार सूचकांक बढ़ते हैं। एक, धन का प्रवाह और दो, बाजार में लिस्टेड कंपनियों की बिजनेस बढ़ाने की क्षमता। कोरोना काल में दूसरा कारक दम तोड़ चुका है। केवल पहला कारक हावी है। अब बुधवार की बुद्धि…औरऔर भी

बाज़ार में बवाल। निफ्टी-50 नए ऐतिहासिक शिखर पर। अभी कितना और चढ़ सकता है? वह 35 के पी/ई तक चला गया तो सेंसेक्स पहले 50 तक के पी/ई तक जा चुका है। निवेशक फिलहाल एक रुपए की कमाई पर 35 रुपए दे रहे हैं तो पहले इसकी खातिर 50 रुपए भी दे चुके हैं। सवाल उठता है कि जब अर्थव्यवस्था में हर तरफ मुर्दनी छाई है, कंपनियां लस्त-पस्त हैं, तब ऐसी मदहोशी क्यों? अब मंगलवार की दृष्टि…औरऔर भी