स्टील स्ट्रिप्स इंफ्रास्ट्रक्चर्स पर आज सुबह-सुबह ऊपरी सर्किट ब्रेकर लग गया। कल बीएसई में यह शेयर बंद हुआ था 16.53 रुपए पर। आज जैसे ही बढ़कर 17.35 रुपए पर पहुंचा तो चूंकि यह बढ़त 4.96 फीसदी है, इसलिए फौरन 5 फीसदी का सर्किट ब्रेकर लग गया। इसमें करीब 3000 शेयरों के सौदे हुए। यह कोई करोड़ों-अरबों कमानेवाली कंपनी नहीं है। न ही इसने हाल-फिलहाल कोई करिश्मा दिखाया है। फिर भी इसके शेयरों में यह आग क्यों? असलऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने सोमवार को अर्थव्यवस्था और मौद्रिक हालात की समीक्षा पर जारी दस्तावेज में साफ कर दिया है कि चालू वित्त वर्ष 2010-11 में उसकी मुख्य चुनौती मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने की होगी। इसलिए पूरी उम्मीद है कि मंगलवार को जारी की जानेवाली सालाना मौद्रिक नीति में कर्ज को महंगा कर दिया जाए। बैकिंग क्षेत्र के जानकार बताते हैं कि रिजर्व बैंक इसके लिए रेपो और रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंक (0.25 फीसदीऔरऔर भी

यूं तो कल का अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है। लेकिन अगर सारे कारक आपकी नजर में हैं और उनके बीच के समीकरण की समझ आपको है तो आप बाजार की अगली दिशा का सटीक अनुमान लगा सकते हैं। ज्योतिष और बाजार में यही फर्क है। लेकिन कुछ कारक भी नजर से ओझल रह गए तो अनुमान का गलत होना तय है। इस लिहाज से गोल्डमैन सैक्स की घटना के असर का जो भी आकलन हमने किया था,औरऔर भी

केंद्र सरकार ने विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की एक अधिसूचना के जरिए देश से दालों के निर्यात पर लगा प्रतिबंध 31 मार्च 2011 तक बढ़ा दिया है। लेकिन वाणिज्य मंत्रालय चंद बड़ी व्यापारी फर्मों को फायदा पहुंचाने के लिए आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी (सीसीईए) के जरिए दाल निर्यात की इजाजत दिलवाने की कोशिश में लगा हुआ है। वाणिज्य मंत्रालय ने पहले से ऐसा प्रावधान कर दिया है कि विशेष आर्थिक ज़ोन में लगी इकाइयां दाल समेतऔरऔर भी

सेरा सैनिटरीवेयर आज सुबह से ही गर्दन तानकर बढ़ रहा है। सुबह खुला तो शुक्रवार के बंद भाव 249.95 रुपए से थोड़ा गिरकर 249.50 रुपए पर। लेकिन 10 बजे तक 4 फीसदी बढ़त लेकर 260 रुपए तक जा पहुंचा। असल में आज कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजे आनेवाले हैं और उम्मीद है कि उसका ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 32 से 34 रुपए हो जाएगा। अभी 2008-09 के नतीजों के आधार पर कंपनी का ईपीएस 21.15 रुपएऔरऔर भी

अमेरिका में गोल्डमैन सैक्स के फ्रॉड के उजागर होने का असर आज भारतीय शेयर बाजार पर पड़ सकता है और अनुमान है कि बीएसई सेंसेक्स सुबह के कारोबार में 200-250 अंक नीचे जा सकता है। हालांकि दोपहर-बाद इसमें सुधार आने की संभावना है। इससे पहले रिजर्व बैंक की तरफ से मंगलवार को ब्याज दरों में वृद्धि की चिंता बाजार पर छाई हुई थी। अब इस चिंता में गोल्डमैन सैक्स के मामले ने आग में घी का कामऔरऔर भी

अभी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को बने तीन साल भी पूरे नहीं हुए हैं। लेकिन उनकी अनुमानित ब्रांड वैल्यू 4.13 अरब डॉलर (18,585 करोड़ डॉलर) की हो गई है। पहले दौर में जनवरी 2008 में आठ टीमों की नीलामी से आईपीएल को जहां 72.36 करोड़ डॉलर (तब की विनिमय दर पर 2840 करोड़ रुपए) मिले थे, वहीं मार्च 2010 में दूसरे दौर में महज दो टीमों की नीलामी से उसे 70.33 करोड़ डॉलर (3200 करोड़ रुपए) मिलऔरऔर भी

रविवार को दोपहर बाद दुबई की गुमनाम ब्यूटीशियन सुनंदा पुष्कर ने आईपीएल की कोच्चि टीम की मालिकों में शुमार रॉनदिवू स्पोर्ट्स वर्ल्ड में मुफ्त में मिली 18 फीसदी इक्विटी पर अधिकार छोड़ने का ऐलान कर दिया तो रात गहराते-गहराते उनके करीबी दोस्त व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर भी मंत्रिमंडल से निपट गए। कांग्रेस हाईकमान के निर्देश के बाद थरूर अपना इस्तीफा लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने बिना लालबत्ती की गाड़ी में पहुंचे। प्रधानमंत्री ने उनकाऔरऔर भी

अंग्रेजी के शब्द स्वेट का हिंदी अनुवाद स्वेद या पसीना होता है। लेकिन विचित्र बात यह है कि कंपनियों में स्वेट इक्विटी बिना पसीना बहाए मिली इक्विटी को कहते हैं। कंपनी एक्ट के अनुच्छेद 79-ए के अनुसार यह कंपनी के ऐसे कर्मचारी या निदेशक को बिना पैसे लिए दी जाती है जो उसे अमूर्त आस्तियां उपलब्ध कराता है जैसे, बौद्धिक संपदा, तकनीकी जानकारी, पेटेंट, ब्रांड, कॉपीराइट। किसी अनलिस्टेड कंपनी में स्वेट इक्विटी की मात्रा कंपनी की कुलऔरऔर भी

देश के विदेशी मुद्रा बाजार में अभी तक केवल फ्यूचर सौदों की ही इजाजत है। लेकिन पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी मुद्रा के डेरिवेटिव उत्पादों का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसकी शुरुआत ऑप्शन सौदों से की जाएगी। यह बात आज सेबी के चेयरमैन सी बी भावे ने सिंगापुर में भारतीय वित्तीय बाजार पर आयोजित एक सम्मेलन में कही। इस सम्मेलन का आयोजन प्रमुख उद्योग संगठन सीआईआई (कनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री) ने किया था। भावेऔरऔर भी