बाजार में अगले कुछ कारोबारी सत्रों को लेकर हमारी धारणा तेजी की नहीं है। इसलिए हमने कुछ पुरानी कॉल्स को छोड़कर, जिन्हें थोड़ा समय चाहिए, बाकी सारी बकाया कॉल्स रोक दी हैं। कारण, हम बाजार में दोबारा घुसने के लिए माकूल वक्त का इंतजार करना चाहते हैं। प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) का संशोधित मसौदा बाजार के लिए वाकई बुरा है क्योंकि एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) शेयरों के सौदों पर टैक्स देना नहीं पसंद करेंगे। अभी तक एफआईआईऔरऔर भी

शेयर बाजार बढ़त पर है। निफ्टी 4800 से 5200 अंक पर आ गया है और अब सारा कुछ उसी तरह हो गया है जैसी मैंने उम्मीद जताई थी। मैं स्वभाव से अपनी स्थिति बदलने में काफी धीमा रुख रखता हूं और इसलिए चाहता हूं कि बाजार का गुबार थोड़ा और ठंडा पड़ जाए। मैंने संस्थागत निवेशकों की अपनी डेस्क को अब सलाह दे दी है कि वे हर बढ़त पर मुनाफा वसूली करें और वे ऐसा करऔरऔर भी

हम बार-बार यही दोहरा रहे हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था काफी मजबूत स्थिति में है और हम अभी बुल मार्केट या तेजी के दौर से गुजर रहे हैं। इसी दिशा में आज अंतरराष्ट्रीय एजेंसी फिच ने भारत की रेटिंग बढ़ा दी। बाजार का रुख भी बराबर हमारी सोच की तस्दीक कर रहा है। निफ्टी आज 77.70 अंक की बढ़त के साथ 5197.05 के स्तर पर पहुंच गया। आप खुद ही देख लें कि यह 5200 अंक के एकदमऔरऔर भी

निफ्टी आज 5130 अंक के उस चौराहे से होकर गुजरा, जहां से एक तरफ तेजी की राह और दूसरी तरफ मंदी की राह निकलती है। 5140 या 5150 के ऊपर गया तो यह 5500 की मंजिल पकड़ लेगा। हालांकि मंदड़िये अब भी अड़े हुए हैं और शॉर्ट सौदों से बाज नहीं आ रहे। उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। बी ग्रुप के शेयर बहुत-बहुत तेजी से बढ़ेंगे। आप अपनी मर्जी से जब चाहें, इन्हें खरीद सकते हैं। लेकिनऔरऔर भी

असम में इस बार चाय की फसल खराब रही है। पैदावार लगभग 25 फीसदी घट गई है। ऐसे में चाय की कीमतें बढ़ सकती हैं जिसका सकारात्मक असर चाय कंपनियों के शेयरों पर पड़ सकता है। इसलिए अभी चाय कंपनियों पर खास नजर रखने की जरूरत है। मैकलियॉड रसेल के शेयरों में सुबह से ही बढ़त का सिलसिला दिख रहा है। बीएसई में यह शेयर अभी तक 2.45 फीसदी बढ़कर 175.55 रुपए पर कारोबार कर रहा है।औरऔर भी

ट्रेडरों से लेकर निवेशक तक सभी यूरो, हंगरी, ग्रीस और पिग्स (पुर्तगाल, आयरलैंड, ग्रीस व स्पेन का संक्षिप्त नाम) का हल्ला मचा रहे थे। लेकिन बाजार ने उन्हें ठेंगा दिखा दिया, गलत साबित कर दिया। लेहमान के समय यही लोग कार्ड घोटाले की बात कर रहे थे। उसके बाद इन पर मुद्रास्फीति और ब्याज दरों का भूत सवार हो गया। लेकिन क्या आज सचमुच कोई मुद्रास्फीति और ब्याज दरों की बात कर रहा है? बाजार को डरानेऔरऔर भी

कल हमने सूत्रों के हवाले से आपको बताया कि श्राडेर डंकन की विदेशी प्रवर्तक अमेरिकी कंपनी श्राडेर ब्रिजपोर्ट इंटरनेशनल कंपनी के भारतीय प्रवर्तक व चेयरमैन जे पी गोयनका की पूरी 24.50 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने जा रही है। वह इसके लिए प्रति शेयर मूल्य 324 रुपए देने को तैयार है। असल में इक्विटी हिस्सेदारी बढ़ाने के पीछे अमेरिका की कंपनी गेट्स का नाम आ रहा है। आज बीएसई में यह शेयर शुरुआती कारोबार में 149.85 रुपए परऔरऔर भी

इसमें कोई शक नहीं कि जब बाजार गिर रहा हो, तब आपको कुछ भी बताना बेकार है। वैसे भी, आप अपनी राय-विचार के लिए मीडिया व टीवी रिपोर्टों पर ही पूरी तरह निर्भर रहेंगे और कभी भी शेयर बाजार में निवेश नहीं करेंगे जबकि वह खुद बांहें पसारे आपको बुला रहा है, सस्ते भावों पर खरीद का मौका दे रहा है। इसलिए मैं तो आपसे कहूंगा कि इंतजार करो और देखते रहो। हां, जिन्हें मुझ पर भरोसाऔरऔर भी

सूत्रों से मिली जानकरी के मुताबिक श्राडेर डंकन की विदेशी प्रवर्तक अमेरिकी कंपनी श्राडेर ब्रिजपोर्ट इंटरनेशनल कंपनी के भारतीय प्रवर्तक व चेयरमैन जे पी गोयनका की पूरी 24.50 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने जा रही है। वह इसके लिए प्रति शेयर मूल्य 324 रुपए देने को तैयार है, जबकि अभी 10 रुपए अंकित मूल्य का इसका शेयर बीएसई में 127 रुपए चल रहा है। इस 24.50 फीसदी इक्विटी को लेने के बाद श्राडर डंकन में अमेरिकी प्रवर्तक कीऔरऔर भी

मुझे पता है कि कुछ ट्रेडर्स इतने थक और पक गए हैं कि वे अब भारतीय इक्विटी को लेकर उतना गंभीर नहीं रहे। मैं गुजरात में करीब 10,000 निवेशकों से मिला और मुझे अहसास हुआ कि उनमें से ज्यादातर शेयर बाजार के पक्ष में नहीं है। बस ट्रेडिंग के लिए ट्रेडिंग करते हैं। यहां तक कि आज खरीदो, कल बेचो (बीटीएसटी) वाले खिलाड़ी भी थक गए हैं और लंबे समय से उन्होंने भी निफ्टी में शॉर्ट रहना,औरऔर भी