विषमता से भरा समाज और बाज़ार भी

हमारे समाज जैसी ही विषमता शेयर बाज़ार में भी छाई हुई है। एक तरफ मुकेश अंबानी अपने बेटे की शादी पर 5000 करोड़ रुपए चुटकी बजाकर उड़ा देते हैं, दूसरी तरफ 81.35 करोड़ लोग अब भी हर महीने सरकार से मिलनेवाले मुफ्त पांच किलो राशन के मोहताज हैं। इसी तरह शेयर बाजार में निफ्टी-50 सूचकांक में शामिल कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर इटरनल जैसी एक तिहाई कंपनियां 50 से ज्यादा पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रही हैं, वहीं इन्फोसिस से लेकर कोल इंडिया तक 20 से भी कम पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रही हैं। इनमें ज़ोमैटो चलानेवाली इटरनल 1191.5 के पी/ई और कार बनानेवाली टाटा मोटर्स पैसेंजर्स वेहिकल्स 1.6 के पी/ई की अतियों पर ट्रेड हो रही है। दुनिया भर में एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरो में आग लगी हुई है। कुछ साल पहले ग्रीन एनर्जी को लेकर भी ऐसा ही दावानल मचा था। इस माहौल में शेयर बाज़ार के संयत व समझदार निवेशक को क्या करना चाहिए? भीड़ के पीछे न भागें। जैसे ग्रीन एनर्जी का गुब्बारा फूट गया, वैसे ही एआई के भी बुलबुले का फूटना तय है। हमें उन्हीं स्टॉक्स में निवेश करना चाहिए जिनके भाव सुरक्षित सीमा में हों। अगर वो बुक वैल्यू से नीचे हों तो बहुत अच्छा। अब तथास्तु में आज की कंपनी…

यह कॉलम सब्सक्राइब करनेवाले पाठकों के लिए है.
'ट्रेडिंग-बुद्ध' अर्थकाम की प्रीमियम-सेवा का हिस्सा है। इसमें शेयर बाज़ार/निफ्टी की दशा-दिशा के साथ हर कारोबारी दिन ट्रेडिंग के लिए तीन शेयर अभ्यास और एक शेयर पूरी गणना के साथ पेश किया जाता है। यह टिप्स नहीं, बल्कि स्टॉक के चयन में मदद करने की सेवा है। इसमें इंट्रा-डे नहीं, बल्कि स्विंग ट्रेड (3-5 दिन), मोमेंटम ट्रेड (10-15 दिन) या पोजिशन ट्रेड (2-3 माह) के जरिए 5-10 फीसदी कमाने की सलाह होती है। साथ में रविवार को बाज़ार के बंद रहने पर 'तथास्तु' के अंतर्गत हम अलग से किसी एक कंपनी में लंबे समय (एक साल से 5 साल) के निवेश की विस्तृत सलाह देते हैं। इस कॉलम को पूरा पढ़ने के लिए आपको यह सेवा सब्सक्राइब करनी होगी। सब्सक्राइब करने से पहले शर्तें और प्लान व भुगतान के तरीके पढ़ लें। या, सीधे यहां जाइए।
अगर आप मौजूदा सब्सक्राइबर हैं तो यहां लॉगिन करें...

Existing Users Log In
   
New User Registration
Please indicate that you agree to the Terms of Service *
captcha
*Required field