भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बजट कितना कारगर होगा, यह कम से कम एक साल बाद पता चलेगा। लेकिन शेयर बाज़ार के लिए तो वह हफ्ते भर में ही इतिहास बन चुका है। ट्रेडर और निवेशक अब बजट के प्रस्तावों से बाहर निकलकर अन्य मसलों पर गौर करने लगे हैं। जैसे, कंपनियों के तिमाही नतीजे, दुनिया में चल रहे व्यापार युद्ध, मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव और अलग-अलग उद्योगों की स्थिति क्या चल रही है। अब शुक्र का अभ्यास…
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'ट्रेडिंग-बुद्ध' अर्थकाम की प्रीमियम-सेवा का हिस्सा है। इसमें शेयर बाज़ार/निफ्टी की दशा-दिशा के साथ हर कारोबारी दिन ट्रेडिंग के लिए तीन शेयर अभ्यास और एक शेयर पूरी गणना के साथ पेश किया जाता है। यह टिप्स नहीं, बल्कि स्टॉक के चयन में मदद करने की सेवा है। इसमें इंट्रा-डे नहीं, बल्कि स्विंग ट्रेड (3-5 दिन), मोमेंटम ट्रेड (10-15 दिन) या पोजिशन ट्रेड (2-3 माह) के जरिए 5-10 फीसदी कमाने की सलाह होती है। साथ में रविवार को बाज़ार के बंद रहने पर 'तथास्तु' के अंतर्गत हम अलग से किसी एक कंपनी में लंबे समय (एक साल से 5 साल) के निवेश की विस्तृत सलाह देते हैं।
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