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निफ्टी की दशा-दिशा: 3 नवंबर 2026 मंगलवार, सुबह 8.15 बजे शुरुआती रुख↑

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society (Page 118)

vibrational awareness

हलचलों का भान

2019-11-30
By: अनिल रघुराज
On: November 30, 2019
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

big heart

मन हो जाए बड़ा

2019-11-29
By: अनिल रघुराज
On: November 29, 2019
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

roots of sins

पाप का इतिहास

2019-11-18
By: अनिल रघुराज
On: November 18, 2019
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

dig inside and also outside

कहीं अंदर तो कहीं बाहर

2019-11-01
By: अनिल रघुराज
On: November 1, 2019
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

revolt as prayer

विद्रोह भी प्रार्थना

2019-10-25
By: अनिल रघुराज
On: October 25, 2019
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

whom they fear

वे क्यों डरते हैं!

2019-10-24
By: अनिल रघुराज
On: October 24, 2019
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

goodwill and karma

नाम, नामा और काम

2019-10-23
By: अनिल रघुराज
On: October 23, 2019
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

karma dharma aue phal

कर्म, धर्म और फल

2019-10-19
By: अनिल रघुराज
On: October 19, 2019
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

i am right

सब सही तो गलत कौन!

2019-10-14
By: अनिल रघुराज
On: October 14, 2019
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

whole world and nature

सारा जहां, सारी सृष्टि

2019-09-29
By: अनिल रघुराज
On: September 29, 2019
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

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निवेश – तथास्तु

  • उछलती-डूबती लहरें, सीधी रेखा नहीं!
    1 Nov 2026

    शेयरों में निवेश कोई सीधा-सीधा अंकगणित नहीं, जहां जोड़ने-घटाने और गुणा-भाग से काम चल जाए। यह प्रोबैबिलिटी या प्रायिकता का खेल है। यहां कोई निश्चितता नहीं। लगातार अनिश्चितता की भंवर। यहां एफडी या बॉन्ड बाज़ार जैसा पहले से निर्धारित रिटर्न नहीं मिलता। कभी-कभी महीने भर में ही 40-50% रिटर्न मिल सकता है तो कभी सालों-साल तक शेयर ठहरा पड़ा रहता है और अच्छी-खासी कंपनियों तक में आपका निवेश साल-दर-साल घटता चला जाता है। धारणा है कि अपना […]

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क्या आप जानते हैं?

  • हमारी आंखें बैक्टीरिया के जीन की देन!

    इंसान से लेकर हाथी, घोड़ा, गाय-बैल, सांप, छिपकली, मेढक, मगरमच्छ व चिड़ियों तक धरती पर जितने भी 69,963 किस्म के रीढ़वाले या कशेरुकी (vertebrates) जीव-जन्तु हैं, उन्होंने देखने की क्षमता वाली अपनी आंखें एक बैक्टीरिया के जीन से हासिल की है। यह सच अप्रैल 2023 में पीएनएएस (प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज) की …

अपनों से अपनी बात

  • साल में 41-112%, मिले है सिर्फ यहां!

    भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और आगे भी बढ़ेगी। लेकिन कहा जा रहा है कि इसका लाभ आम आदमी को पूरा नहीं मिलता। अमीर-गरीब की खाईं बढ़ रही है। बाज़ार को आंख मूंदकर गालियां दी जा रही हैं। लेकिन बाज़ार सचेत लोगों के लिए आय और दौलत के सृजन ही नहीं, वितरण का काम भी करता है। हमने तथास्तु सेवा इसीलिए शुरू की है ताकि अर्थव्यवस्था, खासकर कंपनियों के बढ़ने का लाभ निपट गरीबी से ऊपर रहनेवाले लोगों तक पहुंचाया जा सके। वे जिन्हें बैंक बहुत हुआ तो 9 प्रतिशत देता है, जबकि वास्तविक महंगाई की दर 10 प्रतिशत से ऊपर रहती है। वे भागकर जाते हैं सोने और रीयल एस्टेट में चले जाते हैं तो उनकी बचत लॉक हो जाती है। देश के काम नहीं आती। खुद उनके कितने काम आएगी, यह भी पक्का नहीं। जो पिछले साढ़े चार सालों से अर्थकाम से जुड़े हैं, वे हमारी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से भलीभांति वाकिफ हैं। शुरू में हम भी कच्चे थे तो बाज़ार के उस्तादों के जाल में फंस गए। गलतियां कीं। लेकिन जैसे ही समझ में आया, खटाक से उनसे किनारा कस लिया। करीब सवा साल पहले से नए सिरे से शुरू किया तो मजबूत आधार और गहन रिसर्च के साथ। उसी का नतीजा है कि हमारी सलाहें शानदार-जानदार रिटर्न दे रही हैं। पिछली बार हमने अगस्त 2013 से अगस्त 2014 तक का लेखाजोखा रखा था। अब सितंबर 2013 से सितंबर 2014 की बानगी पेश है। सितंबर 2013 में पांच रविवार थे तो पांच कंपनियां। आप नीचे की सारिणी से देख सकते हैं कि पांच में चार ने अपना (तीन से पांच साल का) लक्ष्य साल भर में ही पूरा कर लिया है, जबकि एक कंपनी 84.57 प्रतिशत रिटर्न के साथ लक्ष्य से ज़रा-सा पीछे है। तारीख कंपनी तब का भाव समय लक्ष्य 30/09/14 का भाव रिटर्न (%) 01/09/13 डॉ. रेड्डीज़ लैब 2292.90 3 साल 2815 3229.60 40.85 08/09/13 एचडीएफसी बैंक 616.20 3 साल 850 872.65 41.62 15/09/13 अतुल ऑटो 173.65 5 साल 260 367.90 111.86 22/09/13 कमिन्स इंडिया 409.25 3 साल 474 671.05 63.97 29/09/13 नवनीत एजुकेशन 53.15 3 साल 110 98.10 84.57   यहां यह भी गौर करने की बात है कि हम आमतौर पर हर महीने लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉल कैप का संतुलन बनाकर चलते हैं। यह भी बताते हैं कि कहां पर एंट्री करें और आपके पास कुल एक लाख रुपए हों तो उस हफ्ते की कंपनी में कितना लगाना चाहिए, उसके कितने शेयर खरीदने चाहिए। मसलन, सितंबर 2013 में हमने तीन लार्जकैप, एक मिडकैप और एक स्मॉल कैप कंपनी आपके निवेश के लिए पेश की थी। इसमें से लार्ज कैप कंपनियों में डॉ. रेड्डीज़ लैब का शेयर लक्ष्य हासिल कर चुका है और यही नहीं, 24 सितंबर 2014 को 3356.60 रुपए पर 52 हफ्ते का शिखर पकड़ चुका है। एचडीएफसी बैंक भी लक्ष्य हासिल करने के साथ ही 30 सितंबर 2014 को 879.80 रुपए का शिखर हासिल कर चुका है। कमिन्स इंडिया भी लक्ष्य हासिल कर लेने के साथ 4 सितंबर 2014 को 720 रुपए पर 52 हफ्ते का शीर्ष छू चुका है। स्मॉल कैप की श्रेणी वाला स्टॉक अतुल ऑटो साल भर में 111.86 प्रतिशत का रिटर्न देकर लक्ष्य के काफी आगे निकल चुका है। यही नहीं, 12 सितंबर 2014 को वो 446.90 रुपए का शिखर भी चूम चुका है। बाकी बची मिडकैप कंपनी नवनीत एजुकेशन में तीन साल का लक्ष्य 110 रुपए था। उसका शेयर 10 सितंबर 2014 को 104.90 रुपए तक जाने के बाद 30 सितंबर को 2014 को 98.10 रुपए पर था, जो साल का 84.97 रिटर्न दिखाता है। आप ऊपर की सारिणी से देख सकते हैं कि 1 सितंबर 2013 से 30 सितंबर 2014 तक की अवधि में तथास्तु में बताई पांच कंपनियों ने न्यूनतम 40.85 प्रतिशत और अधिकतम 111.86 प्रतिशत रिटर्न दिया है। इसी दौरान एनएसई निफ्टी ने 5550.75 से 7964.80 तक जाकर 43.49 प्रतिशत और बीएसई सेंसेक्स ने 18,886.13 से 26,567.99 तक पहुंचकर 40.67 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। दोस्तों! पुरानी बात फिर दोहरा रहा हूं कि मात्र 200 रुपए में अगर कोई सवा आपको बाज़ार से ज्यादा रिटर्न दिला रही है, वो भी आपको आपकी भाषा में अच्छी तरह कंपनी की जानकारी देकर तो क्या इस सेवा को आपका और आपको इस सेवा का लाभ नहीं मिलना चाहिए। बढ़ रही अर्थव्यवस्था का लाभ उठाइए। यकीन मानिए कि मोदी की सरकार बस एक निमित्त मात्र है। वो रहे या कोई और आए, अगले दस साल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जबरदस्त प्रगति के साल होने जा रहे हैं। इस दौरान एक साल में दोगुना ही नहीं, दस साल में अपनी बचत से दस गुना दौलत बनाने के मौके बहुत सारे आएंगे। दूसरे आपको बस उल्लू बनाएंगे। केवल हम ही हैं जो पूरी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से आपके लिए निवेश के हर रविवार को शानदार मौके लेकर आते रहेंगे। तुलसीदास की चौपाई याद कीजिए – सकल पदारथ है जन मांही, कर्महीन नर पावत नाहीं। आपके हिस्से का कुछ कर्म हम कर दे रहे हैं। बाकी तो आपको ही करना पड़ेगा। इसलिए…. सोचिए। समझिए। फैसला कीजिए। तथास्तु!!!

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ट्रेडिंग – बुद्ध

  • अल-नीनो देगा कृषि व गांवों को झटका!
    3 Nov 2026

    आईएमएफ ने आगाह किया है कि अगर सुपर अल-नीनो आगे गहराता है तो भारत पर तीन तरह से नकारात्मक असर पड़ सकता है। पहला, मौसम के अतिरेक से कृषि उत्पादकता और फसलों की पैदावार घट सकती है। दूसरा, कृषि से आनेवाली सप्लाई घटने से ज़रूरी खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं। तीसरा, खाद्य वस्तुओं की महंगाई आम परिवारों के लिए अघोषित टैक्स का काम करेगी और उपभोग की अन्य चीजों पर उन्हें अपना खर्च घटाना पड़ सकता है। कृषि पर इसका परोक्ष प्रभाव अभी से दिखने लगा है। देश में इस साल अप्रैल से सितंबर तक यानी खरीफ सीजन में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस व सल्फर युक्त उर्वरकों की बिक्री साल भर पहले की समान अवधि से 22.2% और पोटाश युक्त उर्वरकों की बिक्री 11.7% कम रही है। सितंबर महीने में ट्रैक्टरों की बिक्री 18.1% घट गई है। वैसे ग्रामीण इलाकों में कहा जा रहा है कि नवंबर से मार्च तक रबी सीजन में फसलों के लिए खास बारिश की ज़रूरत नहीं होती। लेकिन उन्हें अंदाज़ा नहीं है कि अल-नीनो के चलते सामान्य से अधिक तापमान रहने पर गेहूं से लेकर मटर व अन्य दालों और तिलहन को क्या नुकसान पहुंच सकता है। ठंड में गरमी से श्रमिकों की उत्पादकता और काम के घंटों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। दरअसल, जानकारों का कहना है कि अल-नीनो से महज जलवायु नहीं, बल्कि पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था के आधार को झटका लग सकता है। अब मंगलवार की दृष्टि…

जानिए

  • ज़ीरो-सम गेम नहीं है यह
  • ईटीएफ: चलो बाजार खरीद लें
  • मायने आईपीओ ग्रेडिंग के
  • जवाब कमोडिटी बाजार के

बूझिए

  • ओपन ऑफर, बायबैक, डीलिस्टिंग
  • इश्यू मूल्य और बुक बिल्डिंग
  • गुत्थी ऋण बाजार की
  • यह कासा बला क्या है?

आज़माइए

  • मोटामोटी दस बातें शेयरों की
  • गोल्ड ईटीएफ एक, दाम अनेक
  • न करें कम एनएवी का लालच
  • फायदे म्यूचुअल फंड निवेश के

क्या आप जानते हैं?

हमारी आंखें बैक्टीरिया के जीन की देन!

इंसान से लेकर हाथी, घोड़ा, गाय-बैल, सांप, छिपकली, मेढक, मगरमच्छ व चिड़ियों तक धरती पर

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