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झूठ नहीं, अर्ध-सत्य भी नहीं, केवल अर्थसत्य!

बड़ा अजीब है अमृतकाल का यह दौर। जो भी ज्यादा मुखर हैं और जिनकी आवाज़ सुनी या सुनवाई जा रही है, वे सब के सब झूठ बोल रहे हैं। सत्ता का अमृत चखने के चक्कर में कोई अर्ध-सत्य तक नहीं बोल रहा। ऐसे में अर्थव्यवस्था का पूरा सच जानना ज़रूरी है। ‘ट्रेडिंग बुद्ध’ कॉलम में हम 13 जुलाई से अर्थव्यवस्था का सच उजागर करेंगे। 7 सितंबर से यह कॉलम मूल रूप में लौट आएगा।

इस दौरान ‘तथास्तु’ का साप्ताहिक कॉलम बदस्तूर जारी रहेगा।

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sleep

karma se hi sab kuch

कर्म से ही सब कुछ

2026-07-07
By: अनिल रघुराज
On: July 7, 2026
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

bedaag chadar

चादर हो बेदाग

2026-02-20
By: अनिल रघुराज
On: February 20, 2026
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

mukti ki shart

मुक्ति की शर्त

2026-02-19
By: अनिल रघुराज
On: February 19, 2026
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

awake sleep

चेतना का चुम्बक

2025-12-04
By: अनिल रघुराज
On: December 4, 2025
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

all inside

सब अंदर समा जाए

2025-11-10
By: अनिल रघुराज
On: November 10, 2025
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

wall between

समाधान की दोगुनी क्षमता

2025-11-09
By: अनिल रघुराज
On: November 9, 2025
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

sleep-awake

सोते वक्त भी नहीं सोते

2025-11-08
By: अनिल रघुराज
On: November 8, 2025
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

gadhi nind

गाढ़ी नींद के आगे

2025-09-06
By: अनिल रघुराज
On: September 6, 2025
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

jwala jeevan ki

ज्वाला जीवन की

2025-07-01
By: अनिल रघुराज
On: July 1, 2025
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

tanav aur srujan

तनाव के बिना

2024-07-13
By: अनिल रघुराज
On: July 13, 2024
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

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निवेश – तथास्तु

  • निवेश में एआई बेचनेवालों से सावधान!
    16 Aug 2026

    बेचनवाले तो गंजे को भी कंघी बेच देते हैं। इस समय शेयरों के निवेश में एआई के कमाल की ऐसी ही बिक्री चल रही है। वॉरेन बफेट, मेरिल लिंच के साथ राकेश झुनझुनवाला की बुद्धि व शैली से कंपनियों का चयन। ऊपर से फंडामेंटल और टेक्निकल एनालिसिस के मेल ‘कैनस्लिम’ का तड़का। देश में लिस्टेड करीब 6000 कपनियों के वित्तीय ही नहीं, गर्वनेंस तक का सारा डेटाबेस। दावा कि राजेश एक्सपोर्ट्स के घोटाले का संकेत एक साल […]

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क्या आप जानते हैं?

  • हमारी आंखें बैक्टीरिया के जीन की देन!

    इंसान से लेकर हाथी, घोड़ा, गाय-बैल, सांप, छिपकली, मेढक, मगरमच्छ व चिड़ियों तक धरती पर जितने भी 69,963 किस्म के रीढ़वाले या कशेरुकी (vertebrates) जीव-जन्तु हैं, उन्होंने देखने की क्षमता वाली अपनी आंखें एक बैक्टीरिया के जीन से हासिल की है। यह सच अप्रैल 2023 में पीएनएएस (प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज) की …

अपनों से अपनी बात

  • साल में 41-112%, मिले है सिर्फ यहां!

    भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और आगे भी बढ़ेगी। लेकिन कहा जा रहा है कि इसका लाभ आम आदमी को पूरा नहीं मिलता। अमीर-गरीब की खाईं बढ़ रही है। बाज़ार को आंख मूंदकर गालियां दी जा रही हैं। लेकिन बाज़ार सचेत लोगों के लिए आय और दौलत के सृजन ही नहीं, वितरण का काम भी करता है। हमने तथास्तु सेवा इसीलिए शुरू की है ताकि अर्थव्यवस्था, खासकर कंपनियों के बढ़ने का लाभ निपट गरीबी से ऊपर रहनेवाले लोगों तक पहुंचाया जा सके। वे जिन्हें बैंक बहुत हुआ तो 9 प्रतिशत देता है, जबकि वास्तविक महंगाई की दर 10 प्रतिशत से ऊपर रहती है। वे भागकर जाते हैं सोने और रीयल एस्टेट में चले जाते हैं तो उनकी बचत लॉक हो जाती है। देश के काम नहीं आती। खुद उनके कितने काम आएगी, यह भी पक्का नहीं। जो पिछले साढ़े चार सालों से अर्थकाम से जुड़े हैं, वे हमारी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से भलीभांति वाकिफ हैं। शुरू में हम भी कच्चे थे तो बाज़ार के उस्तादों के जाल में फंस गए। गलतियां कीं। लेकिन जैसे ही समझ में आया, खटाक से उनसे किनारा कस लिया। करीब सवा साल पहले से नए सिरे से शुरू किया तो मजबूत आधार और गहन रिसर्च के साथ। उसी का नतीजा है कि हमारी सलाहें शानदार-जानदार रिटर्न दे रही हैं। पिछली बार हमने अगस्त 2013 से अगस्त 2014 तक का लेखाजोखा रखा था। अब सितंबर 2013 से सितंबर 2014 की बानगी पेश है। सितंबर 2013 में पांच रविवार थे तो पांच कंपनियां। आप नीचे की सारिणी से देख सकते हैं कि पांच में चार ने अपना (तीन से पांच साल का) लक्ष्य साल भर में ही पूरा कर लिया है, जबकि एक कंपनी 84.57 प्रतिशत रिटर्न के साथ लक्ष्य से ज़रा-सा पीछे है। तारीख कंपनी तब का भाव समय लक्ष्य 30/09/14 का भाव रिटर्न (%) 01/09/13 डॉ. रेड्डीज़ लैब 2292.90 3 साल 2815 3229.60 40.85 08/09/13 एचडीएफसी बैंक 616.20 3 साल 850 872.65 41.62 15/09/13 अतुल ऑटो 173.65 5 साल 260 367.90 111.86 22/09/13 कमिन्स इंडिया 409.25 3 साल 474 671.05 63.97 29/09/13 नवनीत एजुकेशन 53.15 3 साल 110 98.10 84.57   यहां यह भी गौर करने की बात है कि हम आमतौर पर हर महीने लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉल कैप का संतुलन बनाकर चलते हैं। यह भी बताते हैं कि कहां पर एंट्री करें और आपके पास कुल एक लाख रुपए हों तो उस हफ्ते की कंपनी में कितना लगाना चाहिए, उसके कितने शेयर खरीदने चाहिए। मसलन, सितंबर 2013 में हमने तीन लार्जकैप, एक मिडकैप और एक स्मॉल कैप कंपनी आपके निवेश के लिए पेश की थी। इसमें से लार्ज कैप कंपनियों में डॉ. रेड्डीज़ लैब का शेयर लक्ष्य हासिल कर चुका है और यही नहीं, 24 सितंबर 2014 को 3356.60 रुपए पर 52 हफ्ते का शिखर पकड़ चुका है। एचडीएफसी बैंक भी लक्ष्य हासिल करने के साथ ही 30 सितंबर 2014 को 879.80 रुपए का शिखर हासिल कर चुका है। कमिन्स इंडिया भी लक्ष्य हासिल कर लेने के साथ 4 सितंबर 2014 को 720 रुपए पर 52 हफ्ते का शीर्ष छू चुका है। स्मॉल कैप की श्रेणी वाला स्टॉक अतुल ऑटो साल भर में 111.86 प्रतिशत का रिटर्न देकर लक्ष्य के काफी आगे निकल चुका है। यही नहीं, 12 सितंबर 2014 को वो 446.90 रुपए का शिखर भी चूम चुका है। बाकी बची मिडकैप कंपनी नवनीत एजुकेशन में तीन साल का लक्ष्य 110 रुपए था। उसका शेयर 10 सितंबर 2014 को 104.90 रुपए तक जाने के बाद 30 सितंबर को 2014 को 98.10 रुपए पर था, जो साल का 84.97 रिटर्न दिखाता है। आप ऊपर की सारिणी से देख सकते हैं कि 1 सितंबर 2013 से 30 सितंबर 2014 तक की अवधि में तथास्तु में बताई पांच कंपनियों ने न्यूनतम 40.85 प्रतिशत और अधिकतम 111.86 प्रतिशत रिटर्न दिया है। इसी दौरान एनएसई निफ्टी ने 5550.75 से 7964.80 तक जाकर 43.49 प्रतिशत और बीएसई सेंसेक्स ने 18,886.13 से 26,567.99 तक पहुंचकर 40.67 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। दोस्तों! पुरानी बात फिर दोहरा रहा हूं कि मात्र 200 रुपए में अगर कोई सवा आपको बाज़ार से ज्यादा रिटर्न दिला रही है, वो भी आपको आपकी भाषा में अच्छी तरह कंपनी की जानकारी देकर तो क्या इस सेवा को आपका और आपको इस सेवा का लाभ नहीं मिलना चाहिए। बढ़ रही अर्थव्यवस्था का लाभ उठाइए। यकीन मानिए कि मोदी की सरकार बस एक निमित्त मात्र है। वो रहे या कोई और आए, अगले दस साल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जबरदस्त प्रगति के साल होने जा रहे हैं। इस दौरान एक साल में दोगुना ही नहीं, दस साल में अपनी बचत से दस गुना दौलत बनाने के मौके बहुत सारे आएंगे। दूसरे आपको बस उल्लू बनाएंगे। केवल हम ही हैं जो पूरी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से आपके लिए निवेश के हर रविवार को शानदार मौके लेकर आते रहेंगे। तुलसीदास की चौपाई याद कीजिए – सकल पदारथ है जन मांही, कर्महीन नर पावत नाहीं। आपके हिस्से का कुछ कर्म हम कर दे रहे हैं। बाकी तो आपको ही करना पड़ेगा। इसलिए…. सोचिए। समझिए। फैसला कीजिए। तथास्तु!!!

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ट्रेडिंग – बुद्ध

  • टैक्स, खर्च, विकास, सब माया का झांसा
    10 Aug 2026

    हल्ला है कि देश की अर्थव्यवस्था बड़ी तेज़ी से बढ़ रही है। इसका सबूत है कि लोगबाग जमकर टैक्स दे रहे हैं और सरकार भी दिल खोलकर खर्च कर रही है। पश्चिम एशिया का संकट भारत का बाल बांका भी नहीं कर सका। वित्त मंत्रालय के अधीन करनेवाले महालेखा नियंत्रक (सीजीए) ने 31 जुलाई को डेटा जारी किया कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से जून की पहली तिमाही में भारत सरकार ने 13.57 लाख करोड़ रुपए खर्च किया है। यह बजट में साल भर के लिए निर्धारित कुल 53.47 लाख करोड़ रुपए के व्यय का 25.4% है, जबकि साल भर पहले की समान अवधि में उसने बजट में निर्धारित व्यय का 24.1% ही खर्च किया था। इस बार का सरकारी खर्च साल भर पहले से 11% अधिक है। फिर भी सरकार के खजाने की स्थिति दुरुस्त है। जून 2026 की तिमाही में केंद्र का राजस्व 10.49 लाख करोड़ रुपए रहा है। साफ है कि सरकार का खर्च उसकी आमदनी से 3.08 लाख करोड़ रुपए ज्यादा है जिसे वो ऋण लेकर पूरा करती है जो देश के राजकोषीय घाटे में गिना जाता है। पहली तिमाही में केंद्र की राजस्व प्राप्तियां बजट में निर्धारित रकम की 28.7% रही हैं। इसमें से राज्यों का हिस्सा देने के बाद केंद्र को शुद्ध रूप से मिला टैक्स राजस्व 6.37 लाख करोड़ रुपए है जो साल भर पहले से 17.8% ज्यादा है…

जानिए

  • ज़ीरो-सम गेम नहीं है यह
  • ईटीएफ: चलो बाजार खरीद लें
  • मायने आईपीओ ग्रेडिंग के
  • जवाब कमोडिटी बाजार के

बूझिए

  • ओपन ऑफर, बायबैक, डीलिस्टिंग
  • इश्यू मूल्य और बुक बिल्डिंग
  • गुत्थी ऋण बाजार की
  • यह कासा बला क्या है?

आज़माइए

  • मोटामोटी दस बातें शेयरों की
  • गोल्ड ईटीएफ एक, दाम अनेक
  • न करें कम एनएवी का लालच
  • फायदे म्यूचुअल फंड निवेश के

क्या आप जानते हैं?

हमारी आंखें बैक्टीरिया के जीन की देन!

इंसान से लेकर हाथी, घोड़ा, गाय-बैल, सांप, छिपकली, मेढक, मगरमच्छ व चिड़ियों तक धरती पर

और भी

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