फाइनेंस एक ऐसी चीज है जहां कभी भी पीछे नहीं, बल्कि हमेशा आगे देखते हैं। रिटायरमेंट की प्लानिंग से लेकर शेयरों के मूल्य-निर्धारण में यही दृष्टिकोण अपनाया जाता है। पैर यकीनन वर्तमान में रहते हैं, लेकिन निगाहें हमेशा भविष्य पर होती हैं।और भीऔर भी

नीतियां बनानेवाले भी हमारे-आप जैसे इंसान होते हैं। वे भी हमारी तरह संपूर्ण को न देख पाने की गलती कर सकते हैं। उनके फैसले सबको प्रभावित करते हैं। इसलिए उन पर सभी को निगाह रखना जरूरी है।और भीऔर भी

नजर खराब हो तो कुछ साफ नहीं दिखता। नजरिया गलत हो तो घर से लेकर बाहर, छोटी से लेकर बड़ी चीज तक के बारे में इंसान गलत धारणाओं का शिकार रहता है। एक जगह सही तो सब जगह सही।और भीऔर भी