Skip to content
arthkaam narrow header
।।अर्थकाम।। Be financially clever!

निफ्टी की दशा-दिशा: 14 अक्टूबर 2026 बुधवार, सुबह 8.15 बजे शुरुआती रुख↓

पिछला बंद कल का उच्चतम कल का न्यूनतम कल का बंद संभावित दायरा
22363.35 22721.95 22288.45 22721.95 22585-22765

 

Secondary Navigation Menu
Menu
  • अर्थव्यवस्था
    • उद्योगमैन्यूफैक्चरिंग से लेकर समूचे सेवा क्षेत्र से जुड़ी नीतियां व विकासक्रम
    • कृषिउस क्षेत्र का हाल जिस पर निर्भर है देश की 60 फीसदी से ज्यादा आबादी
    • वित्त बाजारवित्तीय बाजार पर असर डालनेवाली हर खबर, विश्लेषण के साथ
    • बजटबजट के प्रावधानों से लेकर सरकारी नीतियों का लेखाजोखा
  • ऋद्धि-सिद्धि
  • ऑप्शन ट्रेडिंग
  • जीवन-सार
  • ट्रेडिंग-बुद्ध
  • धन-मंत्र
  • निवेश
  • तथास्तु
  • विचार
    • आपकी बातसमाज के बीच से आए असली व सार्थक विचार
    • मेरी बातकिसी सामयिक प्रसंग पर संपादक का विश्लेषण
    • इनकी बातकिसी खास हस्ती के रोचक विचार
    • उनकी बातवित्तीय जगत से जुड़े किसी शख्स के व्यवहारिक विचार
  • संपर्क
  • पेड सेवा
  • Login

savings account

डाकघर बचत पर ज्यादा ब्याज की शुरुआत जल्द

2011-11-11
By: अनिल रघुराज
On: November 11, 2011
In: गौरतलब, वित्त बाजार

वित्त मंत्रालय कुछ ही दिनों में डाकघर के बचत खातों पर ब्याज की सालाना दर 3.5 फ़ीसदी से बढ़ाकर 4 फ़ीसदी करने की अधिसूचना जारी कर देगी। बता दें कि इस फैसले की सूचना दो दिन पहले ही आर्थिक मामलों के सचिव आर गोपालन अनौपचारिक तौर पर दे चुके हैं। असल में रिज़र्व बैंक ने 25 अक्टूबर को मौद्रिक नीति की दूसरी त्रैमासिक समीक्षा के दौरान जब से बैंकों के बचत खाते की ब्याज दरों को नियंत्रण-मुक्तऔरऔर भी

डाकघर बचत खातों के ब्याज पर लगेगा टैक्स

2011-06-16
By: अनिल रघुराज
On: June 16, 2011
In: अर्थव्यवस्था, गौरतलब, वित्त बाजार

सरकार ने चालू वित्त वर्ष से डाकघर के बचत खातों पर मिलने वाले ब्याज पर आयकर लगाने का फैसला किया है। वैसे बैंकों के बचत खातों से मिलने वाले ब्याज पर पहले से आयकर लगता रहा है। बैंक बचत खाते पर मौजूदा ब्याज की दर 4 फीसदी सालाना है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा हाल में जारी अधिसूचना के अनुसार, व्यक्तिगत खातों पर 3500 रुपए से अधिक के ब्याज पर आयकर देना होगा। वहीं संयुक्त खातोंऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने चौंकाया, बचत खाते पर ब्याज दर 4%; ब्याज दरें 0.5% बढ़ीं

2011-05-03
By: अनिल रघुराज
On: May 3, 2011
In: अर्थव्यवस्था, नवा-जूनी, वित्त बाजार

रिजर्व बैंक ने देश के करीब पचास करोड़ बैंक ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए बचत खातों पर ब्याज दर तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर 4 फीसदी कर दी है। यह दर 1 मार्च 2003 से ही 3.5 फीसदी पर अटकी हुई थी। 24 अप्रैल 1992 से लेकर तब तक बचत खाते पर ब्याज की दर 6 फीसदी सालाना थी। इस तरह इन दरों को करीब 19 साल बाद बढ़ाया गया है। रिजर्व बैंक गवर्नर दुव्वरि सुब्बाराव नेऔरऔर भी

रिजर्व बैंक बचत खातों पर ब्याज दर को 4% कर चौंका सकता है सब को

2011-05-02
By: अनिल रघुराज
On: May 2, 2011
In: अर्थव्यवस्था, नवा-जूनी, वित्त बाजार

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति में अब सस्पेंस या चौंकाने जैसी चीज नहीं रह गई है। हर किसी को पता है कि वह रेपो व रिवर्स दर में 0.25 फीसदी वृद्धि कर ब्याज दरें बढ़ाने का संकेत देगा। बहुत हुआ तो यह वृद्धि 0.50 फीसदी हो सकती है। इसके अनुरूप मंगलवार से रेपो दर 6.75 फीसदी से बढ़कर 7 या 7.25 फीसदी और रिवर्स रेपो दर 5.75 फीसदी से बढ़कर 6 या 6.25 फीसदी हो जाएगी। लेकिनऔरऔर भी

बेस दर की होड़ में बचत खाते की ब्याज दर से भी हटाया जा सकता है नियंत्रण

2010-06-17
By: अनिल रघुराज
On: June 17, 2010
In: अर्थव्यवस्था, नवा-जूनी, वित्त बाजार

अगले महीने की पहली तारीख, 1 जुलाई 2010 से बैंकों में बेस रेट लागू करने की तैयारियां आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुकी हैं। निजी क्षेत्र के बैंक हरचंद कोशिश में हैं कि कैसे अपना बेस रेट सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से कम रखा जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहक उनके पास आएं। गुरुवार को उनकी इस होड़ में नया पहलू तब जुड़ गया जब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गर्वनर के सी चक्रबर्ती ने कह दियाऔरऔर भी

अप्रैल से बचत खाते पर रोजाना ब्याज

2010-02-16
By: अनिल रघुराज
On: February 16, 2010
In: बैंकिंग, वित्त बाजार

नए वित्त वर्ष 2010-11 के पहले दिन यानी 1 अप्रैल 2010 से देश के करीब 62 करोड़ बचत खाताधारकों के लिए एक नई शुरुआत होने जा रही है। इस दिन से उन्हें अपने बचत खाते में जमा राशि पर हर दिन के हिसाब से ब्याज मिलेगा। ब्याज की दर तो 3.5 फीसदी ही रहेगी। लेकिन नई गणना से उनकी ब्याज आय पर काफी फर्क पड़ेगा। इस समय महीने की 10 तारीख से लेकर अंतिम तारीख तक उनकेऔरऔर भी

निवेश – तथास्तु

  • गिरना खेल है प्यारे चढ़ती ब्याज दर का
    11 Oct 2026

    कमाई कम, खर्च ज्यादा। अंतर को पाटने के लिए अमेरिका उधार लेता है। भारत का बाज़ार हिसाब चुकाता है। अमेरिकी सरकार इस साल मेच्योर हो रहे करीब 10 ट्रिलियन डॉलर के बॉन्डों की रिफाइनेंसिंग कर रही है। इनमें से अधिकांश बॉन्ड कोविड के समय तब जारी किए गए थे, जब ब्याज दर काफी कम थी। फेडरल रिजर्व ब्याज दर की रेंज बढ़ाकर 3.75% से 4.00% कर चुका है। अमेरिकी सरकार ज्यादा ब्याज नहीं देगी तो उसके बॉन्डों […]

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    

पेड सेवा

tathastu logo

Pages

  • Free, फ्री, Free
  • Login
  • Mem Profile
  • अर्थकाम का बैनर अपने यहां लगाइए
  • अर्थकाम की पेड-सेवा
  • अर्थकाम कैलेंडर 2013
  • अर्थकाम कैलेंडर 2014
  • अर्थकाम कैलेेंडर 2015
  • आपके लेख
  • इस सेवा से जुड़ी ज़रूरी शर्तें
  • काम के लिंक
  • कॉपीराइट
  • डिस्क्लेमर
  • निवेश – तथास्तु!
  • पेड सेवा रजिस्ट्रेशन
  • बारी आपकी
  • मैं नहीं हम
  • यह पहल क्यों?
  • संपर्क

क्या आप जानते हैं?

  • हमारी आंखें बैक्टीरिया के जीन की देन!

    इंसान से लेकर हाथी, घोड़ा, गाय-बैल, सांप, छिपकली, मेढक, मगरमच्छ व चिड़ियों तक धरती पर जितने भी 69,963 किस्म के रीढ़वाले या कशेरुकी (vertebrates) जीव-जन्तु हैं, उन्होंने देखने की क्षमता वाली अपनी आंखें एक बैक्टीरिया के जीन से हासिल की है। यह सच अप्रैल 2023 में पीएनएएस (प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज) की …

अपनों से अपनी बात

  • साल में 41-112%, मिले है सिर्फ यहां!

    भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और आगे भी बढ़ेगी। लेकिन कहा जा रहा है कि इसका लाभ आम आदमी को पूरा नहीं मिलता। अमीर-गरीब की खाईं बढ़ रही है। बाज़ार को आंख मूंदकर गालियां दी जा रही हैं। लेकिन बाज़ार सचेत लोगों के लिए आय और दौलत के सृजन ही नहीं, वितरण का काम भी करता है। हमने तथास्तु सेवा इसीलिए शुरू की है ताकि अर्थव्यवस्था, खासकर कंपनियों के बढ़ने का लाभ निपट गरीबी से ऊपर रहनेवाले लोगों तक पहुंचाया जा सके। वे जिन्हें बैंक बहुत हुआ तो 9 प्रतिशत देता है, जबकि वास्तविक महंगाई की दर 10 प्रतिशत से ऊपर रहती है। वे भागकर जाते हैं सोने और रीयल एस्टेट में चले जाते हैं तो उनकी बचत लॉक हो जाती है। देश के काम नहीं आती। खुद उनके कितने काम आएगी, यह भी पक्का नहीं। जो पिछले साढ़े चार सालों से अर्थकाम से जुड़े हैं, वे हमारी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से भलीभांति वाकिफ हैं। शुरू में हम भी कच्चे थे तो बाज़ार के उस्तादों के जाल में फंस गए। गलतियां कीं। लेकिन जैसे ही समझ में आया, खटाक से उनसे किनारा कस लिया। करीब सवा साल पहले से नए सिरे से शुरू किया तो मजबूत आधार और गहन रिसर्च के साथ। उसी का नतीजा है कि हमारी सलाहें शानदार-जानदार रिटर्न दे रही हैं। पिछली बार हमने अगस्त 2013 से अगस्त 2014 तक का लेखाजोखा रखा था। अब सितंबर 2013 से सितंबर 2014 की बानगी पेश है। सितंबर 2013 में पांच रविवार थे तो पांच कंपनियां। आप नीचे की सारिणी से देख सकते हैं कि पांच में चार ने अपना (तीन से पांच साल का) लक्ष्य साल भर में ही पूरा कर लिया है, जबकि एक कंपनी 84.57 प्रतिशत रिटर्न के साथ लक्ष्य से ज़रा-सा पीछे है। तारीख कंपनी तब का भाव समय लक्ष्य 30/09/14 का भाव रिटर्न (%) 01/09/13 डॉ. रेड्डीज़ लैब 2292.90 3 साल 2815 3229.60 40.85 08/09/13 एचडीएफसी बैंक 616.20 3 साल 850 872.65 41.62 15/09/13 अतुल ऑटो 173.65 5 साल 260 367.90 111.86 22/09/13 कमिन्स इंडिया 409.25 3 साल 474 671.05 63.97 29/09/13 नवनीत एजुकेशन 53.15 3 साल 110 98.10 84.57   यहां यह भी गौर करने की बात है कि हम आमतौर पर हर महीने लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉल कैप का संतुलन बनाकर चलते हैं। यह भी बताते हैं कि कहां पर एंट्री करें और आपके पास कुल एक लाख रुपए हों तो उस हफ्ते की कंपनी में कितना लगाना चाहिए, उसके कितने शेयर खरीदने चाहिए। मसलन, सितंबर 2013 में हमने तीन लार्जकैप, एक मिडकैप और एक स्मॉल कैप कंपनी आपके निवेश के लिए पेश की थी। इसमें से लार्ज कैप कंपनियों में डॉ. रेड्डीज़ लैब का शेयर लक्ष्य हासिल कर चुका है और यही नहीं, 24 सितंबर 2014 को 3356.60 रुपए पर 52 हफ्ते का शिखर पकड़ चुका है। एचडीएफसी बैंक भी लक्ष्य हासिल करने के साथ ही 30 सितंबर 2014 को 879.80 रुपए का शिखर हासिल कर चुका है। कमिन्स इंडिया भी लक्ष्य हासिल कर लेने के साथ 4 सितंबर 2014 को 720 रुपए पर 52 हफ्ते का शीर्ष छू चुका है। स्मॉल कैप की श्रेणी वाला स्टॉक अतुल ऑटो साल भर में 111.86 प्रतिशत का रिटर्न देकर लक्ष्य के काफी आगे निकल चुका है। यही नहीं, 12 सितंबर 2014 को वो 446.90 रुपए का शिखर भी चूम चुका है। बाकी बची मिडकैप कंपनी नवनीत एजुकेशन में तीन साल का लक्ष्य 110 रुपए था। उसका शेयर 10 सितंबर 2014 को 104.90 रुपए तक जाने के बाद 30 सितंबर को 2014 को 98.10 रुपए पर था, जो साल का 84.97 रिटर्न दिखाता है। आप ऊपर की सारिणी से देख सकते हैं कि 1 सितंबर 2013 से 30 सितंबर 2014 तक की अवधि में तथास्तु में बताई पांच कंपनियों ने न्यूनतम 40.85 प्रतिशत और अधिकतम 111.86 प्रतिशत रिटर्न दिया है। इसी दौरान एनएसई निफ्टी ने 5550.75 से 7964.80 तक जाकर 43.49 प्रतिशत और बीएसई सेंसेक्स ने 18,886.13 से 26,567.99 तक पहुंचकर 40.67 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। दोस्तों! पुरानी बात फिर दोहरा रहा हूं कि मात्र 200 रुपए में अगर कोई सवा आपको बाज़ार से ज्यादा रिटर्न दिला रही है, वो भी आपको आपकी भाषा में अच्छी तरह कंपनी की जानकारी देकर तो क्या इस सेवा को आपका और आपको इस सेवा का लाभ नहीं मिलना चाहिए। बढ़ रही अर्थव्यवस्था का लाभ उठाइए। यकीन मानिए कि मोदी की सरकार बस एक निमित्त मात्र है। वो रहे या कोई और आए, अगले दस साल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जबरदस्त प्रगति के साल होने जा रहे हैं। इस दौरान एक साल में दोगुना ही नहीं, दस साल में अपनी बचत से दस गुना दौलत बनाने के मौके बहुत सारे आएंगे। दूसरे आपको बस उल्लू बनाएंगे। केवल हम ही हैं जो पूरी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से आपके लिए निवेश के हर रविवार को शानदार मौके लेकर आते रहेंगे। तुलसीदास की चौपाई याद कीजिए – सकल पदारथ है जन मांही, कर्महीन नर पावत नाहीं। आपके हिस्से का कुछ कर्म हम कर दे रहे हैं। बाकी तो आपको ही करना पड़ेगा। इसलिए…. सोचिए। समझिए। फैसला कीजिए। तथास्तु!!!

Subscribe to ।।अर्थकाम।। by Email
         Paid Registration-Trading-Buddha                               Paid Registration -Tathastu                                    Free Registration

ट्रेडिंग – बुद्ध

  • डूबते के लिए तिनका, झांकी है मजबूरी
    14 Oct 2026

    अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने ताज़ा वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में सख्त चेतावनी दी है कि जल्दी ही वैश्विक अर्थव्यवस्था की सहन-शक्ति की परीक्षा हो सकती है। अब तक गंभीर भू-राजनीतिक संकट के बीच भी अनेक सुरक्षा कवच अर्थव्यवस्था को ध्वस्त होने से बचाते रहे। लेकिन अब इनकी भी सामर्थ्य छीझ गई है। इसी के साथ आईएमएफ का अनुमान है कि इस साल 2026 में विश्व अर्थव्यवस्था की विकास दर पिछले साल 2025 के 3.5% से घटकर 3.1% पर आ सकती है। लेकिन इसी के साथ उसने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में भारत के जीडीपी की विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया है, जबकि जुलाई में उसने 6.4% की विकास दर का अनुमान पेश किया था। उसका कहना है कि ऐसा भारत में सुदृढ़ घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र की प्रबल सक्रियता के दम पर बने उम्मीद से कहीं ज्यादा मजबूत आवेग के आधार पर किया गया है। इससे पहले रिजर्व बैंक भी इस साल की विकास दर का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर चुका है। लेकिन ये सारा अनुमान दरअसल आशा नहीं, बल्कि झांकी बनाने के करतब पर टिका है। आईएमएफ की मजबूरी यह है कि डूबती विश्व अर्थव्यवस्था के लिए भारत तिनके का सहारा है। रिजर्व बैंक की मजबूरी यह है कि वो अब कोई स्वायत्त संस्था नहीं रहा, बल्कि भारत सरकार का शाखामृग बन चुका है। अब बुधवार की बुद्धि…

जानिए

  • ज़ीरो-सम गेम नहीं है यह
  • ईटीएफ: चलो बाजार खरीद लें
  • मायने आईपीओ ग्रेडिंग के
  • जवाब कमोडिटी बाजार के

बूझिए

  • ओपन ऑफर, बायबैक, डीलिस्टिंग
  • इश्यू मूल्य और बुक बिल्डिंग
  • गुत्थी ऋण बाजार की
  • यह कासा बला क्या है?

आज़माइए

  • मोटामोटी दस बातें शेयरों की
  • गोल्ड ईटीएफ एक, दाम अनेक
  • न करें कम एनएवी का लालच
  • फायदे म्यूचुअल फंड निवेश के

क्या आप जानते हैं?

हमारी आंखें बैक्टीरिया के जीन की देन!

इंसान से लेकर हाथी, घोड़ा, गाय-बैल, सांप, छिपकली, मेढक, मगरमच्छ व चिड़ियों तक धरती पर

और भी

© 2010-2025 Arthkaam ... {Disclaimer} ... क्योंकि जानकारी ही पैसा है! ... Spreading Financial Freedom