सबक मुसीबत के
जिंदगी के हाईवे पर मुसीबतें इसलिए नहीं आतीं कि आप लस्त होकर चलना ही बंद कर लें, बल्कि मुसीबतों का हर दौर आपको वह मौका उपलब्ध कराता है जब आप ठहरकर अब तक के सफर की समीक्षा और आगे की यात्रा की तैयारी कर सकते हैं।और भीऔर भी
जिंदगी के हाईवे पर मुसीबतें इसलिए नहीं आतीं कि आप लस्त होकर चलना ही बंद कर लें, बल्कि मुसीबतों का हर दौर आपको वह मौका उपलब्ध कराता है जब आप ठहरकर अब तक के सफर की समीक्षा और आगे की यात्रा की तैयारी कर सकते हैं।और भीऔर भी
आप कितने धन से शुरू कर रहे हैं, सफलता इससे नहीं, बल्कि इससे तय होती है कि आपके पास जो कुछ भी है, उसे आप कैसे संभालते और लगाते हैं। जो भी बौद्धिक-भौतिक संपदा आपकी है, उसके सही नियोजन व धैर्य से धनवान बना सकता है।और भीऔर भी
हमें हर वक्त अपना काम इतना टंच रखना चाहिए और जीवन को इतने मुक्त भाव से जीना चाहिए कि अगले ही पल अगर मौत हो जाए तो कतई मलाल न रहे कि हमने ये नहीं किया या वो नहीं किया। जिम्मेदारी से जीना। मुक्त मन से जाना।और भीऔर भी
चीजें जो कल थीं, आज नहीं हैं। आज जैसी हैं, वैसी कल नहीं रहेंगी। परिवर्तन का यही नियम है। यही जीवन है। इसलिए कल से चिपके रहने या आज को लेकर रोते रहने का कोई मतलब नहीं। सबक लो, बढ़ते चलो। यही सही है और उचित भी।और भीऔर भी
जीवन और मृत्यु की शक्तियां बराबर हमें अपनी ओर खींचती रहती हैं। उम्र के एक पड़ाव के बाद मृत्यु हावी हो जाती है। तभी परख होती है हमारी जिजीविषा की कि मृत्यु के जबड़े से हम कितनी ज़िंदगी खींचकर बाहर निकाल लेते हैं।और भीऔर भी
किसी ने कुछ कह दिया। हम बिदक गए। यूं ही प्रतिक्रिया में जीते-जीते सारी जिंदगी कट जाती है। कभी ठहरकर यह तो सोचो कि तुम्हें खुद क्या पाना है, तुम्हारी मंज़िल क्या है? फिर ये सारा फालतू उछलना-कूदना थम जाएगा।और भीऔर भी
जो लोग कहीं किसी कोने में सिमटकर रहना चाहते हैं, उनके लिए यह दुनिया हमेशा छोटी बनी रहेगी। लेकिन जो लोग खुलकर जीना चाहते हैं, उनके लिए हर दिन चलें, तब भी एक ज़िंदगी छोटी पड़ जाती है।और भीऔर भी
जिंदगी की चाक पर शरीर को जिस तरह नचा दो, वो उसी तरह नाचने लगता है। वैसा ही स्वरूप, वैसा ही नियम-धरम अपना लेता है। कमाल तो यह है कि यहां कुम्हार भी हम हैं और नाचते भी हम ही हैं।और भीऔर भी
ज़िंदगी में कभी कमजोर, कायर व भीरु लोगों से नाता नहीं बनाना चाहिए। उन पर रहम करो, लेकिन दूर से। पास बैठा लिया तो सिर पर चढ़कर ऐसी चिल्ल-पों मचाएंगे कि आपका चलना ही दूभर हो जाएगा।और भीऔर भी
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