बड़े-बूढ़े कहते हैं कि दो-चार आदमी गलत हो सकते है, लेकिन हज़ारों-लाखों लोग गलत नहीं हो सकते। पर शेयर बाज़ार में लगता है कि इसका उल्टा है। यहां 95% ट्रेडर बड़ी मशक्कत के बावजूद घाटा खाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वे कुछ न कुछ गलती कर रहे हैं। सफल ट्रेडिंग का आधार ऐसा सूत्र है जिसमें दुरूहता नहीं, सरलता हो, जिससे आसानी से नोट बनाए जा सकें। हम उलझाते नहीं, सुलझाते हैं। अब देखें आज का बाज़ार…औरऔर भी

बाजार बंद होते-होते साफ हो चुका था कि इंडोनेशिया में रिक्टर पैमाने पर 8.7 तीव्रता के भूकंप से भारत में किसी सुनामी का खतरा नहीं है। यह भी साफ होने लगा था कि इंडोनेशिया के जिस इलाके में भूकंप आया है, वहां से वो इलाका काफी दूर और अप्रभावित है, जहां से भारत की तमाम कंपनियां कोयला आयात करती हैं। लेकिन माहौल में डर छा चुका था और कोयला आयात करनेवाली तमाम भारतीय कंपनियों के शेयर गिरनेऔरऔर भी