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Method in Madness

एक करोड़ से ज्यादा भारतीय हर दिन शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग से कमाई के चक्कर में पगलाए रहते हैं. हम इन्हें समझदार बनाने की कोशिश में लगे हैं. इसी क्रम में 8 सितंबर से 5 दिसंबर तक तीन महीने ‘ट्रेडिंग बुद्ध’ कॉलम सबके लिए खुला रहेगा और इसमें हर हफ्ते ट्रेडिंग के अलग-अलग पहलुओं को डिकोड किया जाएगा. इस दौरान लम्बे निवेश की सीख वाला साप्ताहिक कॉलम

‘तथास्तु’ पहले की तरह आता रहेगा.

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inspiring thoughts

buttering

सच का सुकून

2016-02-26
By: अनिल रघुराज
On: February 26, 2016
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

breaking limits

दायरे तोड़ने का डीएनए

2015-05-20
By: अनिल रघुराज
On: May 20, 2015
In: ऋद्धि-सिद्धि

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marketing sutras

अपनी मार्केटिंग का सूत्र

2015-03-25
By: अनिल रघुराज
On: March 25, 2015
In: ऋद्धि-सिद्धि

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social responsibility

ज़िम्मेदारियां कम नहीं

2015-01-24
By: अनिल रघुराज
On: January 24, 2015
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

spark for new

नए की चिनगारी

2014-11-12
By: अनिल रघुराज
On: November 12, 2014
In: ऋद्धि-सिद्धि

और भीऔर भी

happiness in giving

अलग है देने की खुशी

2014-10-19
By: अनिल रघुराज
On: October 19, 2014
In: ऋद्धि-सिद्धि

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saint vs fool

संत और मूढ़

2014-10-18
By: अनिल रघुराज
On: October 18, 2014
In: ऋद्धि-सिद्धि

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conflict to energy

खीझ से ऊर्जा तक

2014-08-29
By: अनिल रघुराज
On: August 29, 2014
In: ऋद्धि-सिद्धि

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small solutions

छोटे-छोटे समाधान

2014-08-23
By: अनिल रघुराज
On: August 23, 2014
In: ऋद्धि-सिद्धि

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balanceinf is the crux

दो छोरों में संतुलन

2014-08-08
By: अनिल रघुराज
On: August 8, 2014
In: ऋद्धि-सिद्धि

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निवेश – तथास्तु

  • बाज़ार हवाबाज़ियों का, चलती हवाबाज़ी
    30 Nov 2025

    लोग अक्सर पूछते रहते हैं कि शेयर बाज़ार कहां जाएगा। इनमें नाते-रिश्तेदार से लेकर निवेश व ट्रेडिंग से जुड़े तमाम लोग शामिल हैं। बाज़ार की अनिश्चितता के बीच निश्चितता खोजना सहज मानवीय वृत्ति या कमजोरी है। हर छोटा-बड़ा धंधेबाज़ इसका फायदा उठाता है। ऋधम देसाई बहुत बड़े मार्केट गुरु हैं। कई किताबें लिख चुके हैं। अखबारों में कॉलम लिखते हैं। भारत में मॉरगन स्टैनले जैसे बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक के मुख्य इक्विटी रणनीतिकार हैं। उन्होंने हाल ही में […]

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क्या आप जानते हैं?

  • हमारी आंखें बैक्टीरिया के जीन की देन!

    इंसान से लेकर हाथी, घोड़ा, गाय-बैल, सांप, छिपकली, मेढक, मगरमच्छ व चिड़ियों तक धरती पर जितने भी 69,963 किस्म के रीढ़वाले या कशेरुकी (vertebrates) जीव-जन्तु हैं, उन्होंने देखने की क्षमता वाली अपनी आंखें एक बैक्टीरिया के जीन से हासिल की है। यह सच अप्रैल 2023 में पीएनएएस (प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज) की …

अपनों से अपनी बात

  • साल में 41-112%, मिले है सिर्फ यहां!

    भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और आगे भी बढ़ेगी। लेकिन कहा जा रहा है कि इसका लाभ आम आदमी को पूरा नहीं मिलता। अमीर-गरीब की खाईं बढ़ रही है। बाज़ार को आंख मूंदकर गालियां दी जा रही हैं। लेकिन बाज़ार सचेत लोगों के लिए आय और दौलत के सृजन ही नहीं, वितरण का काम भी करता है। हमने तथास्तु सेवा इसीलिए शुरू की है ताकि अर्थव्यवस्था, खासकर कंपनियों के बढ़ने का लाभ निपट गरीबी से ऊपर रहनेवाले लोगों तक पहुंचाया जा सके। वे जिन्हें बैंक बहुत हुआ तो 9 प्रतिशत देता है, जबकि वास्तविक महंगाई की दर 10 प्रतिशत से ऊपर रहती है। वे भागकर जाते हैं सोने और रीयल एस्टेट में चले जाते हैं तो उनकी बचत लॉक हो जाती है। देश के काम नहीं आती। खुद उनके कितने काम आएगी, यह भी पक्का नहीं। जो पिछले साढ़े चार सालों से अर्थकाम से जुड़े हैं, वे हमारी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से भलीभांति वाकिफ हैं। शुरू में हम भी कच्चे थे तो बाज़ार के उस्तादों के जाल में फंस गए। गलतियां कीं। लेकिन जैसे ही समझ में आया, खटाक से उनसे किनारा कस लिया। करीब सवा साल पहले से नए सिरे से शुरू किया तो मजबूत आधार और गहन रिसर्च के साथ। उसी का नतीजा है कि हमारी सलाहें शानदार-जानदार रिटर्न दे रही हैं। पिछली बार हमने अगस्त 2013 से अगस्त 2014 तक का लेखाजोखा रखा था। अब सितंबर 2013 से सितंबर 2014 की बानगी पेश है। सितंबर 2013 में पांच रविवार थे तो पांच कंपनियां। आप नीचे की सारिणी से देख सकते हैं कि पांच में चार ने अपना (तीन से पांच साल का) लक्ष्य साल भर में ही पूरा कर लिया है, जबकि एक कंपनी 84.57 प्रतिशत रिटर्न के साथ लक्ष्य से ज़रा-सा पीछे है। तारीख कंपनी तब का भाव समय लक्ष्य 30/09/14 का भाव रिटर्न (%) 01/09/13 डॉ. रेड्डीज़ लैब 2292.90 3 साल 2815 3229.60 40.85 08/09/13 एचडीएफसी बैंक 616.20 3 साल 850 872.65 41.62 15/09/13 अतुल ऑटो 173.65 5 साल 260 367.90 111.86 22/09/13 कमिन्स इंडिया 409.25 3 साल 474 671.05 63.97 29/09/13 नवनीत एजुकेशन 53.15 3 साल 110 98.10 84.57   यहां यह भी गौर करने की बात है कि हम आमतौर पर हर महीने लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉल कैप का संतुलन बनाकर चलते हैं। यह भी बताते हैं कि कहां पर एंट्री करें और आपके पास कुल एक लाख रुपए हों तो उस हफ्ते की कंपनी में कितना लगाना चाहिए, उसके कितने शेयर खरीदने चाहिए। मसलन, सितंबर 2013 में हमने तीन लार्जकैप, एक मिडकैप और एक स्मॉल कैप कंपनी आपके निवेश के लिए पेश की थी। इसमें से लार्ज कैप कंपनियों में डॉ. रेड्डीज़ लैब का शेयर लक्ष्य हासिल कर चुका है और यही नहीं, 24 सितंबर 2014 को 3356.60 रुपए पर 52 हफ्ते का शिखर पकड़ चुका है। एचडीएफसी बैंक भी लक्ष्य हासिल करने के साथ ही 30 सितंबर 2014 को 879.80 रुपए का शिखर हासिल कर चुका है। कमिन्स इंडिया भी लक्ष्य हासिल कर लेने के साथ 4 सितंबर 2014 को 720 रुपए पर 52 हफ्ते का शीर्ष छू चुका है। स्मॉल कैप की श्रेणी वाला स्टॉक अतुल ऑटो साल भर में 111.86 प्रतिशत का रिटर्न देकर लक्ष्य के काफी आगे निकल चुका है। यही नहीं, 12 सितंबर 2014 को वो 446.90 रुपए का शिखर भी चूम चुका है। बाकी बची मिडकैप कंपनी नवनीत एजुकेशन में तीन साल का लक्ष्य 110 रुपए था। उसका शेयर 10 सितंबर 2014 को 104.90 रुपए तक जाने के बाद 30 सितंबर को 2014 को 98.10 रुपए पर था, जो साल का 84.97 रिटर्न दिखाता है। आप ऊपर की सारिणी से देख सकते हैं कि 1 सितंबर 2013 से 30 सितंबर 2014 तक की अवधि में तथास्तु में बताई पांच कंपनियों ने न्यूनतम 40.85 प्रतिशत और अधिकतम 111.86 प्रतिशत रिटर्न दिया है। इसी दौरान एनएसई निफ्टी ने 5550.75 से 7964.80 तक जाकर 43.49 प्रतिशत और बीएसई सेंसेक्स ने 18,886.13 से 26,567.99 तक पहुंचकर 40.67 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। दोस्तों! पुरानी बात फिर दोहरा रहा हूं कि मात्र 200 रुपए में अगर कोई सवा आपको बाज़ार से ज्यादा रिटर्न दिला रही है, वो भी आपको आपकी भाषा में अच्छी तरह कंपनी की जानकारी देकर तो क्या इस सेवा को आपका और आपको इस सेवा का लाभ नहीं मिलना चाहिए। बढ़ रही अर्थव्यवस्था का लाभ उठाइए। यकीन मानिए कि मोदी की सरकार बस एक निमित्त मात्र है। वो रहे या कोई और आए, अगले दस साल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जबरदस्त प्रगति के साल होने जा रहे हैं। इस दौरान एक साल में दोगुना ही नहीं, दस साल में अपनी बचत से दस गुना दौलत बनाने के मौके बहुत सारे आएंगे। दूसरे आपको बस उल्लू बनाएंगे। केवल हम ही हैं जो पूरी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा से आपके लिए निवेश के हर रविवार को शानदार मौके लेकर आते रहेंगे। तुलसीदास की चौपाई याद कीजिए – सकल पदारथ है जन मांही, कर्महीन नर पावत नाहीं। आपके हिस्से का कुछ कर्म हम कर दे रहे हैं। बाकी तो आपको ही करना पड़ेगा। इसलिए…. सोचिए। समझिए। फैसला कीजिए। तथास्तु!!!

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ट्रेडिंग – बुद्ध

  • सात कदमों से निपटा दें तीन चुनौतियां!
    1 Dec 2025

    हम शेयर बाज़ार में जो भी सौदे करते हैं, उसके लिए अंततः खुद ज़िम्मेदार होते हैं। इसे स्वीकार करेंगे, तभी अपने तौर-तरीकों और रणनीति को आगे सुधार सकते हैं। लेकिन यहां तो हर कोई सफलता का श्रेय खुद लेता है, जबकि नाकामी के लिए अपने अलावा हर किसी को दोषी ठहरा देता है। इंटरनेट सुस्त था, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म सही नहीं था, बीवी-बच्चों या कुत्ते ने परेशान कर रखा था, सलाह देनेवाला गलत निकला। दरअसल, हम गलत साबित […]

जानिए

  • ज़ीरो-सम गेम नहीं है यह
  • ईटीएफ: चलो बाजार खरीद लें
  • मायने आईपीओ ग्रेडिंग के
  • जवाब कमोडिटी बाजार के

बूझिए

  • ओपन ऑफर, बायबैक, डीलिस्टिंग
  • इश्यू मूल्य और बुक बिल्डिंग
  • गुत्थी ऋण बाजार की
  • यह कासा बला क्या है?

आज़माइए

  • मोटामोटी दस बातें शेयरों की
  • गोल्ड ईटीएफ एक, दाम अनेक
  • न करें कम एनएवी का लालच
  • फायदे म्यूचुअल फंड निवेश के

क्या आप जानते हैं?

हमारी आंखें बैक्टीरिया के जीन की देन!

इंसान से लेकर हाथी, घोड़ा, गाय-बैल, सांप, छिपकली, मेढक, मगरमच्छ व चिड़ियों तक धरती पर

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