हालांकि बाजार का सबसे बुरा वक्त या कहिए कि राहुकाल बीत चुका है, लेकिन अब भी दो और आसान मोहरे हैं जिनके दम पर चालबाज बाजार में उठापटक पैदा कर सकते हैं। फिलहाल बाजार से ऑपरेटर की अवधारणा ही खत्म होने जा रही है। इसलिए आगे से हमें दो नई अवधारओं पर केंद्रित करने की जरूरत है – एक, मार्केट मेकर (सेबी की इजाजत मिल चुकी है, लेकिन अमल में नहीं) और दो, बाजार के चालबाज याऔरऔर भी

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी के शासन वाली एनडीए सरकार को भी घसीट लिया है और 2001 से ही जांच कराने की बात की है। इसके बाद लगता है कि राजनीतिक गतिरोध आखिरकार अब खत्म हो जाएगा। घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की विपक्ष की मांग ठंडी पड़ जाएगी। थोड़ी आस बनने लगी है कि संसद में कामकाज शुरू हो जाएगा और इस मसले पर बहस हो सकेगी। लेकिन बाजारऔरऔर भी

घोटाले में कुछ और कंपनियों का नाम आने और कुछ और कंपनियों के निचले सर्किट ब्रेकर तक चले जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। आज मिडफील्ड इंडस्ट्रीज और कुछ अन्य रिसोर्स कंपनियों के स्टॉक निचले स्रर्किट तक चले गए हैं। मिडफील्ड में 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है और यह 317.95 रुपए तक पहुंच गया है। वैसे यह चल भी 60 पी/ई के ऊपर रहा था। इस माहौल में आपके लिएऔरऔर भी

डाउ जोंस 11,300 के ऊपर बढ़कर बंद हुआ। यह ब्रेक-आउट का साफ संकेत है और यह अब 15,000 की तरफ बढ़ेगा। पहला पड़ाव 11,800 का है। यह तेजी अमेरिका में दूसरी क्वांटिटेटिव ईजिंग (क्यूई-2) का असर है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था को दिए जानेवाले इस प्रोत्साहन की तारीख घोषित हो चुकी है। इसका आकार 3.3 लाख करोड़ डॉलर का हो सकता है। हालांकि अमेरिकी सीनेट ने पहले 60 करोड़ डॉलर की राशि ही पारित की थी। आप इसकी अहमियतऔरऔर भी

बाजार की हालत दुरुस्त हो चली है और एफआईआई ने अच्छे शेयरों को बटोरना शुरू कर दिया है। मीडिया की सुर्खियां भी दिखाती हैं कि हाउसिंग लोन घोटाले या रिश्वतखोरी का मामला अब धीरे-धीरे सम हो रहा है। हालांकि बाजार के लोगों को अब भी समझ में नहीं आया है कि यह गिरावट एचएनआई (हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल) निवेशकों और ऑपरेटरों को ठिकाने लगाने के लिए थी क्योंकि रिटेल ने कोई खास खरीद कर नहीं रखी थी। खरीदऔरऔर भी

आम के सीजन में आंधी आने पर हम बाग में दौड़-दौड़ कर जमीन पर गिरे फलों को बोरे में भर लिया करते थे। लेकिन न तो अब वो जमाना रहा और न ही शेयर बाजार किसी गांव के आम के बाग की तरह है जहां आंधी-तूफान में गिरा हर फल मीठा होता है। यहां तो हर हर स्टॉक को आगे-पीछे, ऊपर-नीचे हर तरफ से जांच कर ही उठाया जाना चाहिए। इधर बहुत सारे शेयर खटाखट 52 हफ्तोंऔरऔर भी

बाजार (निफ्टी) जब 6300 अंक पर पहुंच गया हो, तब स्टॉक्स को चुनकर खरीदने के लिए ज्यादा हौसले और भरोसे की दरकार होती है। टेक्निकल एनालिस्टों के चार्ट आपको आसानी से दिखा सकते हैं कि इधर या उधर, नीचे या ऊपर स्टॉप लॉस लगाकर कैसे नोट बनाए जा सकते हैं। ऐसे में फैसला आपको ही करना है कि आप चार्टों के आधार पर ट्रेड करना चाहते हैं कि कंपनी के मूलभूत आर्थिक पहलुओं यानी फंडामेंटल्स के आधारऔरऔर भी

बाजार (सेंसेक्स) खुला मुहूर्त से करीब 37 अंक बढ़कर, मगर बंद हुआ 152.58 अंक की गिरावट के साथ 20,852.38 पर जाकर। लेकिन घबराने की कोई बात नहीं। यह सब कुछ नहीं, बस मछली पकड़ने के जाल जैसा काम है। जाल को नीचे तक ले जाओ ताकि और मछलियां पकड़ में आ जाएं। बाजार अब पूरी तरह नियंत्रण में है और उतार-चढ़ाव इसलिए लाए जा रहे हैं ताकि आप यहां से वहां तक झूल, या कहें तो झूमऔरऔर भी

हमने अल-सुबह ही कह दिया था कि मुहूर्त ट्रेडिंग में बीएसई सेंसेक्स 21,000 अंक के ऊपर खुलने की उम्मीद है। बाजार हमारी उम्मीद पर खरा उतरा। सेंसेक्स 21,045.66 पर खुला। 21,108.64 तक ऊंचा गया। एक घंटे की मुहूर्त ट्रेडिंग के आखिरी मिनटों में नीचे में 20,961.98 तक चला गया। लेकिन बंद हुआ 21,004.96 के अंक पर। गुरुवार के बंद स्तर 20,893.57 से 111.39 अंक बढ़कर। इसी तरह निफ्टी भी 30.65 अंक बढ़कर 6312.45 अंक पर बंद हुआऔरऔर भी

मंत्रों की शक्ति मैं नहीं जानता। आवाहन नहीं जानता। वंदना भी नहीं जानता। लेकिन बताते हैं कि दीपावली के अवसर पर माता लक्ष्मी की विशिष्ट कृपा पाने के लिए इस मंत्र का जाप करते हैं तो आप सबकी तरफ से हम भी कहते हैं, “ऊँ महालक्ष्मये च विदमहे विष्णु पत्न्ये च धीमहि तन्नो लक्ष्मिः प्रचोदयात्। ऊँ शांतिः शांतिः शांतिः।” मैं तो मां लक्ष्मी से यही मांगता हूं कि वे अर्थकाम की टीम को इतना सक्षम व समर्थऔरऔर भी