इनफोसिस टेक्नोलॉजीज के नतीजे आने में बस एक दिन बचा है। कल 13 अप्रैल को इसके नतीजे आएंगे। रुपया जिस तरह मजबूत होता जा रहा है, उसमें आईटी सेक्टर के निवेशक हैरान-परेशान से दिख रहे हैं। कारण, रुपए की मजबूती विदेश से डॉलर में हुई होनेवाली समान आय को कम रुपए में बदल देगी। इन्हीं बातों के मद्देनजर संभावना इस बात की है कि इनफोसिस इस बार बोनस शेयर देने की घोषणा कर सकती है। आधार यहऔरऔर भी

बाजार गिरावट के साथ खुला। लेकिन एनआरबी बियरिंग्स में सुबह से चाल दिख रही है। शुक्रवार को यह शेयर बीएसई में 83.80 रुपए पर बंद हुआ था। लेकिन आज खुला ही 2 रुपए बढ़कर 85.80 रुपए पर। फिर यह छलांग लगाकर 87.30 तक पहुंच गया जो पिछले 52 हफ्तों का उसका उच्चतम स्तर है। हालांकि बाद में थोड़ी गिरावट का रुख दिखाई दिया। कंपनी के शेयर का 52 हफ्तों का न्यूनतम स्तर 33.75 रुपए रहा है जोऔरऔर भी

आदित्य बिड़ला केमिकल्स लगातार पांच सालों से डिविडेंट (लाभांश) देनेवाली कंपनी है। पिछले तीन सालों में 10 रुपए अंकित मूल्य के शेयर उसने 1.5 रुपए यानी 15 फीसदी का लाभांश दिया है। कंपनी का शेयर इसी साल 8 जनवरी 2010 को 102.55 रुपए के शिखर पर पहुचा था, जबकि साल भर पहले 8 अप्रैल 2009 को वह 39.15 रुपए के न्यूनतम भाव पर था। इस 8 अप्रैल को बीएसई में उसका शेयर 1.81 फीसदी घटकर 86.60 रुपएऔरऔर भी

शेयर बाजार में सर्किट का खेला हर दिन चलता है। जैसे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में 7 अप्रैल को 356 शेयरों पर सर्किट ब्रेकर लगा था, जिसमें से 274 पर अपर सर्किट और 82 पर लोअर सर्किट लगा हुआ था। सोमवार को शिवालिक बाईमेटल पर अपर सर्किट लगा तो बुधवार को कावेरी टेलिकॉम पर। शेयर कहीं ज्यादा उछल-कूद न मचाएं, इसके लिए हमारी पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने सर्किट लगाने का नियम बना रखा है। यहऔरऔर भी

आरडीबी इंडस्ट्रीज के शेयरों में निवेश चालू साल 2010 का जैकपॉट बन सकता है। यह चर्चा है बाजार के कारोबारियों में। 120 रुपए के आसपास के मौजूदा भावों पर इसमें खरीद शुरू हो चुकी है। पिछले 52 हफ्तों में यह शेयर ऊपर में 142 रुपए और नीचे में 49.75 रुपए तक गया है। यह कोलकाता की कंपनी है और इसके चेयरमैन व प्रबंध निदेशक सुंदर लाल डूंगर हैं। कंपनी ने दिसंबर 2009 में खत्म तिमाही में 14.75औरऔर भी

देश के शेयर बाजारों में सूचीबद्ध 27 फीसदी कंपनियों में पिछले कई महीनों से कोई कारोबार नहीं हो रहा है। इनमें से ज्यादातर कंपनियों के प्रवर्तक अपने शेयर पहले ही बेचकर निकल चुके हैं। लेकिन लाखों आम निवेशक इनमें से ऐसा फंसे हैं कि न उनसे उगलते बन रहा है और न ही निगलते। करोड़ों के इस गड़बड़झाले पर न तो सेबी का कोई ध्यान है और न ही कॉरपोरेट मामलात इसे तवज्जो दे रहा है। बॉम्बेऔरऔर भी

सरकार लिस्टेड कंपनियों में आम निवेशकों की शिरकत व हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए बेचैन है। इस सिलसिले में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने पिछले साल जुलाई में ही बजट पेश करते वक्त ऐसी कंपनियों में आम निवेशकों या पब्लिक की शेयरधारिता कम से कम 25 फीसदी रखने का प्रस्ताव रखा था। इस पर अमल की तैयारियां तेज हो गई हैं। वित्त मंत्रालय और कॉरपोरेट मामलात मंत्रालय के साथ के कानून मंत्रालय को भी हरकत में आना पड़ाऔरऔर भी

बाजार का रुख आज अच्छा और स्थिर रहा क्योंकि वित्त वर्ष के अंत में अब बस दो दिन ही बचे हैं। बाजार का रुख तय करने में कुछ हद तक एनएवी (शुद्ध आस्ति मूल्य) के दबाव की भी भूमिका है। दुनिया के बाजार भी स्थिर हैं। मेरा मानना है कि इस अप्रैल में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की कोई संभावना नहीं है। फिर भी असल में क्या होता, इसे बता पाना किसे के लिए संभव नहीं है।औरऔर भी

एशियाई बाजारों की चाल से कदम से मिलाते हुए बीएसई सेंसेक्स 17644 अंक पर बंद हुआ। अमेरिका में बेरोजगारी के नए आंकड़ों ने शुभ संकेत दिए हैं। इसका वहां के बाजार के साथ ही दुनिया के दूसरे बाजारों पर अच्छा असर पड़ा है। हालांकि फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफ एंड ओ) के नए सेटलमेंट के पहले दिन नई खरीद हुई है। लेकिन वित्त वर्ष का आखिरी दौर होने के कारण कारोबार या वॉल्यूम का स्तर कमजोर ही बनाऔरऔर भी

बाजार के ज्यादातर कारोबारी निफ्टी के 4950 से 5050 अंक के स्तर के बीच शॉर्ट सौदे करके फंस चुके हैं। इसलिए वे करेक्शन या गिरावट के पक्ष में हैं। जाहिर है उन्हें निफ्टी में १५० या इससे ज्यादा अंकों की गिरावट का इंतजार है। लेकिन यह भी सच है करेक्शन आपके चाहने पर कभी नहीं आता। हो सकता है कि मौजूदा सेटलमेंट तेजड़ियों के पक्ष में जाए क्योंकि निफ्टी में 5100 सीरीज के 75 लाख शेयरों औरऔरऔर भी