तकरीबन सारे अर्थशास्त्री, बैंकर व जानकार यही मानते हैं कि मंगलवार, 25 अक्टूबर को रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही समीक्षा में ब्याज दरों को चौथाई फीसदी और बढ़ा देगा। रेपो दर को 8.50 फीसदी, रिवर्स रेपो दर को 7.50 फीसदी और तदनुसार एमएसएफ की दर को 9.50 फीसदी कर देगा। लेकिन वित्त मंत्रालय के कुछ सूत्रों का कहना है कि इस बार माहौल को खुशगवार बनाने के लिए रिजर्व बैंक ब्याज दरें बढ़ाने से बाजऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति के दहाई अंक में पहुंचने के बीच वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने माना है कि इसकी मुख्य वजह मांग का बढना नहीं है, बल्कि सप्लाई की कमी है। उन्होंने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति में लगातार तेजी की मुख्य वजह खाद्य आपूर्ति की बाधाएं हैं और हमें देखना होगा कि हम इन्हें कैसे दूर सकते हैं। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को विजया बैंक के 81वें स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन करने के बाद दौरान मुखर्जी नेऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बुधवार को कैग (नियंत्रक व महा-लेखापरीक्षक) का बचाव करते हुए कहा कि महा-लेखापरीक्षक ने विभिन्न घोटालों पर जारी अपनी रिपोर्ट में अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण नहीं किया। राजधानी दिल्ली में आर्थिक संपादकों के सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में मुखर्जी ने कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मुझे नहीं लगता कि कैग ने अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण अथवा ऐसा कुछ किया है, क्योंकि कैग की बुनियादीऔरऔर भी

वित्त वर्ष 2009-10 में हमारी विकास दर बढ़कर आठ फीसदी और 2010-11 में 8.5 फीसदी पर पहुंच गई, जबकि वैश्विक वित्‍तीय संकट के कारण 2008-09 में हमारी विकास दर कम होकर 6.8 फीसदी पर आ गई थी। दुर्भाग्‍यवश एक बार फिर दुनिया के आकाश पर मंदी के बादल मंडरा रहे हैं, जिसकी छाया हम पर पड़ रही है। यह किसी और का नहीं, बल्कि खुद वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी का कहना है। उन्होंने बुधवार को राजधानी दिल्लीऔरऔर भी

बुधवार से राजधानी दिल्ली में देश भर के आर्थिक संपादकों का दो दिन का सम्मेलन शुरू हो रहा है। हर साल होनेवाले इस सम्मेलन का आयोजन पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) करता है। राष्‍ट्रीय मीडिया केंद्र में होने वाले इस सम्‍मेलन का उद्घाटन वित्‍तमंत्री प्रणव मुखर्जी करेंगे। इस सम्‍मेलन में आर्थिक मसलों से जुड़े मंत्रालयों के मंत्रियों व वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ अलग-अलग सत्र होंगे। सम्‍मेलन में आर्थिक सम्‍पादकों व पत्रकारों को सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों कीऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को चिंता सता रही है कि कहीं विकास के मौजूदा ढर्रे से समाज में असंतोष न पैदा हो जाए। उन्होंने सोमवार को राजधानी दिल्ली में एशियाई विकास बैंक के एक समारोह में कहा कि व्‍यापक, समावेशी व निरंतर विकास हासिल करना बेहद जरूरी है। जो विकास समावेशी और आबादी के विभिन्‍न वर्गों के बीच समानता सुनिश्चित नहीं करता, उससे समाज में विवाद और असंतोष पैदा हो सकता है। श्री मुखर्जी ने कहा किऔरऔर भी

भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लि‍ए वि‍त्‍त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्‍यक्षता में गठि‍त मंत्री समूह (जीओएम) ने प्राकृति‍क संसाधनों के आवंटन पर चावला समि‍ति की कई सि‍फारि‍शों को मानने को कहा है। पूर्व वि‍त्‍त सचि‍व अशोक की अध्यक्षता में इस समिति का गठन जनवरी 2011 में किया गया था। समि‍ति‍ ने अपनी रि‍पोर्ट 31 मर्इ 2011 को सरकार को सौप दी थी। समि‍ति को सरकार द्वारा आवंटि‍त कि‍ए जा रहे मुख्‍य प्राकृति‍क संसाधनों की पहचान, आवंटनऔरऔर भी

पिछले इकत्तीस सालों से किसी न किसी रूप में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से चिपकी रहीं उनकी वर्तमान सलाहकार ओमिता पॉल हर तरफ से उठे विरोध के बावजूद आखिरकार अपने भाई जितेश खोसला को यूटीआई म्यूचुअल फंड का चेयरमैन बनवाने में कामयाब हो ही गईं। खबरों के मुताबिक दो-चार दिन में इसकी औपचारिक घोषणा हो जाएगी। खोसला 1979 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। अभी हाल तक कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के तहत आनेवाले संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेटऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति का बढ़ना और हमारे वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का चिंतित होना लगता है जैसे अब अनुष्ठान बन गया है। 24 सितंबर को खत्म हफ्ते में खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 9.41 फीसदी पर पहुंच गई। इसके जारी होने के बाद वित्त मंत्री ने कहा कि यह निश्चित तौर पर चिंता का कारण है। वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक फल, सब्जी, दूध व अंडा, मांस-मछली की कीमत में तेजी के चलते 24औरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति 17 सितंबर को समाप्त सप्ताह में फिर से बढ़कर 9.13 फीसदी पर पहुंच गई। इससे पिछले हफ्ते यह दर 8.84 फीसदी थी, जबकि उससे पहले हफ्ते में 9.47 फीसदी थी। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने खाद्य वस्तुओं के दामों में जारी तेजी को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि इस तरह का उतार-चढ़ाव गंभीर चिंता का विषय है। खाद्य मुद्रास्फीति दहाई अंक के करीब है जो गंभीर स्थिति है।औरऔर भी