रूटीन नहीं, नया
2012-01-31
हमें हर काम को रूटीन नहीं, एकदम नया समझकर करना चाहिए ताकि दिमाग पूरी तरह उसमें रम जाए। यह नहीं कि यंत्रवत साइकिल चलाए जा रहे हैं और दिमाग का सचेत हिस्सा सोया पड़ा हुआ है।और भीऔर भी
हमें हर काम को रूटीन नहीं, एकदम नया समझकर करना चाहिए ताकि दिमाग पूरी तरह उसमें रम जाए। यह नहीं कि यंत्रवत साइकिल चलाए जा रहे हैं और दिमाग का सचेत हिस्सा सोया पड़ा हुआ है।और भीऔर भी
काहिल और कामचोरों का कभी कुछ नहीं हो सकता। बाकी हर किसी को अगर मन का काम मिल जाए और उससे उसका घर-परिवार भी चल जाए तो वह काम में ऐसा रमेगा कि कभी छुट्टी ही नहीं मांगेगा।और भीऔर भी
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