भारत ने विश्व कप जीतकर एक देश के रूप में खुद को दुनिया में सबसे ऊपर साबित कर दिया। देश में ऐसा जबरदस्त जोश व जुनून छा गया कि पहली बार फाइनल मैच पर लगा सट्टा 20,000 करोड़ रुपए से भी ऊपर चला गया और मैच के टिकट ब्लैक में 1.75 लाख रुपए में बिके। अगर भारत न जीतता तो देश भर में भयंकर मायूसी छा जाती। लेकिन इस जीत का दुखद पहलू यह है कि हमऔरऔर भी

थोड़े में संतोष करना उस जमाने की सोच है जब राजा दिग्विजय करता था और प्रजा के पांव बंधे थे। मजबूरी से उपजी उस सोच को आज ढोते रहने का कोई मतलब नहीं हैं। आज हम सभी राजा हैं तो खुद को बांधे क्यों?और भीऔर भी