क्षैतिज या लंबवत
2011-09-08
बढ़ने के दो ही तरीके हैं क्षैतिज या लंबवत। दूब जमीन को पकड़ क्षैतिज रूप से फैलती जाती है। वहीं पेड़ बढ़ने के लिए जमीन में लंबवत धंसता चला जाता है। दूब अपने लिए जीती है। पेड़ सबके काम आते हैं।और भीऔर भी
बढ़ने के दो ही तरीके हैं क्षैतिज या लंबवत। दूब जमीन को पकड़ क्षैतिज रूप से फैलती जाती है। वहीं पेड़ बढ़ने के लिए जमीन में लंबवत धंसता चला जाता है। दूब अपने लिए जीती है। पेड़ सबके काम आते हैं।और भीऔर भी
हाथ फैलाते जाइए, लोगों से जुड़ते जाइए, नेटवर्क बनाते जाइए। यह विकास का क्षैतिज तरीका है। लेकिन मन से जुड़ना और मन से बढ़ना है तो इंसान के अपने अंदर का ऊर्ध्व विकास जरूरी है।और भीऔर भी
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