एक तरफ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी भारत में वर्ष 2032 तक 63,000 मेगावॉट बिजली परमाणु संयंत्रों से बनाने का नारा लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जर्मनी ने ऐलान किया है कि वह वर्ष 2022 तक अपने सारे परमाणु बिजली संयंत्र बंद कर देगा। जर्मनी यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। जापान में भूकंप व सुनामी के बाद हुए परमाणु हादसे के बाद किसी औद्योगिक शक्ति द्वारा पहली बार ऐसा कठोर फैसला लियाऔरऔर भी

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की अगले हफ्ते होनेवाली भारत यात्रा द्विपक्षीय संबंधों के आर्थिक पहलू पर केंद्रित रहेगी क्योंकि अमेरिकी प्रशासन इसे सबसे महत्वपूर्ण उभरते हुए द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों के तौर पर देखता है। ह्वाइट हाउस में उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फोरमैन ने वॉशिंगटन में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह असल में अमेरिका के लिए बहुपक्षीय और द्विपक्षीय रूप से सबसे महत्वपूर्ण और उभरते हुए आर्थिक संबंध हैं। हम जी-20 के परिप्रेक्ष्य में भारत के साथ काफीऔरऔर भी