गाढ़ी कमाई के पैसे पर कोई अय्याशी नहीं करता। आसानी से मिले पैसे ही उड़ाए जाते हैं। मान लीजिए किसी ने दस साल में मेहनत से 50 लाख रुपए जुटाए हैं तो वह इसका बहुत हुआ तो 10 फीसदी हिस्सा ही कार, विदेश यात्रा और मौजमस्ती पर खर्च करेगा। लेकिन अगर किसी ने एक झटके में इतनी रकम बनाई है तो 100 फीसदी रकम वह महंगी कार, विदेश यात्रा, बिजनेस क्लास में सफर और फाइव स्टार होटलोंऔरऔर भी

बड़े अफसोस की बात है कि छोटे हमेशा छोटा ही रहना चाहते हैं और उनमें बड़ा, समझदार व जानकार बनने की कोई इच्छा नहीं है। वे अपना दायरा तोड़ने को तैयार नहीं हैं। अब भी निवेश करने से पहले रिसर्च की अहमियत नहीं समझते। हमने ओएनजीसी के 800 रुपए रहने पर अपनी रिपोर्ट आपको दी होती तो रिसर्च की लागत आज शायद शून्य हो जाती। हम कोई सूचना सार्वजनिक होने से काफी पहले अपनी रिसर्च रिपोर्ट लेऔरऔर भी