छोटे समय की छोटी-खोटी सोच

बड़े अफसोस की बात है कि छोटे हमेशा छोटा ही रहना चाहते हैं और उनमें बड़ा, समझदार व जानकार बनने की कोई इच्छा नहीं है। वे अपना दायरा तोड़ने को तैयार नहीं हैं। अब भी निवेश करने से पहले रिसर्च की अहमियत नहीं समझते। हमने ओएनजीसी के 800 रुपए रहने पर अपनी रिपोर्ट आपको दी होती तो रिसर्च की लागत आज शायद शून्य हो जाती। हम कोई सूचना सार्वजनिक होने से काफी पहले अपनी रिसर्च रिपोर्ट ले आते हैं। शेयर बाजार में तो ऐसे ही काम होता है। सभी दीर्घकालिक निवेशक, एफआईआई और ऑपरेटर यही काम करते हैं। लंबे नजरिए के साथ बाजार में प्रवेश करते हैं और इसी तरह से नोट बनाते हैं।

टाइटन, एसबीआई, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और बीएचईएल आज जहां हैं, वहां रातोरात नहीं पहुंच गए। ऐसे ही यकीन और प्रयासों के दम पर ये स्टॉक इतनी ऊंचाई पर पहुंचे हैं। ऐसा भी नहीं है कि जब वे बहुत निचले स्तर पर थे, तब उनके बारे में आपको बताया नहीं गया था। लेकिन आपको न तो स्टॉक और न ही बाजार पर कोई भरोसा जमा। यहां तक कि आपको खुद अपने ऊपर भरोसा नहीं रहा। फिर भी मेरा काम आपको पुख्ता संकेत देने का है और यह आगे भी रहेगा।

एसएनएल बियरिंग्स इस समय 9 के पी/ई पर ट्रेड हो रहा है, जबकि इस उद्योग का पी/ई अनुपात 22 है। यानी, इस शेयर में 150 फीसदी बढ़त की गुंजाइश है। एसएनएल की बिकी अभी 13-14 करोड़ रुपए है। इतने कम आधार पर यह कंपनी अगले पांच सालों तक 100 फीसदी बढ़ सकती है। इसका प्रबंधन भी अच्छी साख वाला है। इसी तरह इस समय केमिकल उद्योग का सबसे सस्ता स्टॉक कैम्फर है। इस बार आपको इसके 1000 से 10,000 शेयर खरीदने चाहिए और पकड़कर बैठ जाना चाहिए। एक महीने के भीतर यह शेयर ट्रेड टू ट्रेड श्रेणी से निकल आएगा और बढ़ना शुरू कर देगा। हो सकता है कि 300 रुपए तक चला जाए। इसकी औकात कम से कम 500 रुपए की है।

त्रिवेणी ग्लास के प्रमुख ने ब्लूमबर्ग को इंटरव्यू दिया है कि वे अपना संयंत्र 125 करोड़ रुपए में बेच रहे हैं। कंपनी इससे ऋण-मुक्त हो जाएगी। वह अब सोलर ग्लास के उत्पादन में उतरने जा रही है। अब आप और क्या चाहते हैं? यह साफ-साफ कई गुना रिटर्न देनेवाला मल्टी बैगर स्टॉक है। यह अगले दो सालों में अपने पिछले उच्चतम स्तर को पार कर जाएगा।

यही चीज हम ए ग्रुप में देख सकते हैं। सेंचुरी का अंतर्निहित मूल्य 1500 रुपए का है। जीएस (राधाकृष्ण दामाणी या ओल्ड फॉक्स) इसमें हाथ डाल चुके हैं। उन्होंने इसे 522 रुपए के भाव तक बटोरा है और अब इसे उठा-गिरा रहे हैं। लेकिन आप इसके 480 रुपए पर जाते ही घबरा जाते हैं। एचडीआईएल में 300 रुपए तक ऑपरेटरों की खरीद चली और जब इसे 250 रुपए तक गिराकर लाया गया तो आपका भरोसा टूट गया। ये लोग तो आपकी भावनाओं से खेलेंगे ही, क्योंकि इन्हें पता है कि आपको कैसे हलाल करना है। आपकी क्षमता 10 फीसदी तक का नुकसान या मार्जिन झेलने की है। लेकिन जब ये लोग शेयर को 20 फीसदी गिरा देते हैं तो आपको अपनी पूरी होल्डिंग मजबूरन घाटे पर बेचनी पड़ती है। मैं आपको बता चुका हूं कि एफ एंड ओ में आप अपनी पूरी होल्डिंग का केवल 10 फीसदी ट्रेड करें। लेकिन सवाल तो यह है कि आपके पास होल्डिंग बची कहां है?

हम बाजार में सट्टेबाजी के जरिए अपनी किस्मत आजमाने आते हैं और हमें लगता है कि हमारा स्ट्राइक रेट अच्छा है। इसलिए हम ट्रेड पर ट्रेड किए चले जाते हैं। अपना नुकसान हम खुद करते हैं। आप पैसा बनाएं या न बनाएं, सिस्टम या बाजार तो चलता रहेगा। कोई भी बाजार को 42,000 अंक तक जाने से नहीं रोक सकता। इसलिए भरोसे के साथ खरीदा गया कोई भी स्टॉक आपको अच्छा-खासा रिटर्न दे सकता है। बाकी सब कुछ पहले की तरह आप पर निर्भर है। हम जानते हैं कि एचसीसी व मारुति वगैरह में क्या हो रहा है। लेकिन तय मानिए, इसे हम आपके साथ नहीं बांट सकते क्योंकि यह फौरन न्यूज एजेंसियों पर चल जाएगा और तमाम लोग आगे बढ़कर दावा करेंगे कि यह उनकी स्टोरी है। जैसा कि कल और आज हीरो होंडा में हुआ है।

नर्वस ब्रेकडाउन तक पहुंचने का एक लक्षण यह है कि हमें लगता है कि हमारा काम इतना महत्वपूर्ण है कि जरा-सी छुट्टी लेने से सब कुछ नष्ट-भ्रष्ट हो जाएगा।

(चमत्कार चक्री एक अनाम शख्सियत है। वह बाजार की रगरग से वाकिफ है। लेकिन फालतू के कानूनी लफड़ों में नहीं उलझना चाहता। सलाह देना उसका काम है। लेकिन निवेश का निर्णय पूरी तरह आपका होगा और चक्री या अर्थकाम किसी भी सूरत में इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा। यह कॉलम मूलत: सीएनआई रिसर्च से लिया जा रहा है)

1 Comment

  1. Pls. write BSE / NSE code no. while refering the stock

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