तन और मन 2012-07-11 By: अनिल रघुराज On: July 11, 2012 In: ऋद्धि-सिद्धि शरीर की स्वतंत्र चाल है। मन भी स्वतंत्र और उच्छृंखल है। लेकिन दोनों एक दूसरे से स्वतंत्र नहीं। दोनों अभिन्न हैं। एक की चाल दूसरे को प्रभावित करती है। इसलिए अगर एक को ठीक रखना है तो दूसरे का भी उतना ही ख्याल रखना जरूरी है।और भीऔर भी