कैसे उमड़ा एफआईआई का प्यार!

राजा की गिरफ्तारी क्या हुई, अचानक भारत के प्रति एफआईआई का प्यार उमड़ आया है। इस साल अब तक वे लगभग हर दिन बेचते रहे हैं। लेकिन आज उन्होंने 538.71 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीद की है। होता है। कभी-कभी ऐसा होता है कि इंसान को अचानक हकीकत देखकर अपना रुख पलट देना पड़ता है। एफआईआई ने भी ऐसा ही किया है। वे अब कहने लगे हैं कि भारतीय बाजार में मूल्यांकन काफी आकर्षक है, इसलिए खरीद की जानी चाहिए। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती देखकर एफआईआई को खरीद में उतरना पड़ा है।

यह सब कुछ बकवास है। वे साथ मिलकर बेचते हैं और साथ मिलकर ही खरीदते हैं। इस हरकत से उन्होंने रिटेल और एचएनआई निवेशकों को ऐसी चोट पहुंचा दी है कि वे तब तक बाजार में वापस नहीं आएंगे, जब तक निफ्टी 6500 पर नहीं पहुंच जाता। लेकिन एफआईआई व ऑपरेटरों का खेल लंबा नहीं चल सकता। तेजडिये जोरदार वापसी को तैयार हैं। हम आपको कल ही बता चुके है कि बाजार में कैसे एफआईआई और ऑपरेटरों का कार्टेल काम कर रहा है। ये लोग बराबर बाजार को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आज भी इस बात की हरचंद कोशिश की। लेकिन हर दिन सास का तो नहीं हो सकता!

मेरे दोस्तों के लिए निफ्टी में 5550 का प्रतिरोध स्तर है और मुझे कोई आश्चर्य नहीं होगा जो कल सुबह बाजार 5550 से ऊपर खुले। इसके बावजूद वे बाजार को 5550 के नीचे ले जाकर बंद करने की कोशिश करेंगे। लेकिन अगर वे नाकाम रहे और यह 5550 के ऊपर बंद हुआ तो समझिए, तेजड़िए हवा का रुख अपनी तरफ बहा ले जाएंगे।

फंडामेंटल के आधार पर देखें तो पिछले दो दिनों में बाजार में चले खतरनाक भूचाल में कुछ भी गलत नहीं था क्योंकि यह कैश और डेरिवेटिव (फ्यूचर्स व ऑप्शंस) सौदों में एफआईआई की आर्बिट्राज पोजिशन को वापस लिए जाने का नतीजा था।

खैर, अब बाजार में बढ़त का एक सिलसिला शुरू हो चुका है। सेंसेक्स आज 358.69 अंक और निफ्टी 18,449.31 और निफ्टी 94.75 अंक बढ़कर 5526.75 पर बंद हुआ है। बढ़त का यह क्रम चलता ही रहेगा। लेकिन इसका आकार नीचे जाकर ऊपर उठने का रहेगा, अंग्रेजी के अक्षर V की तरह। इसलिए बाजार के गोता लगाने पर आप घबराएं नहीं, बल्कि अपनी खरीद बढ़ा दें। और, बढ़ने पर चाहें तो बेचकर छोटी अवधि का मुनाफा भी कमा सकते हैं।

आखिर में जीत सत्य ही होती है। सत्यमेव जयते…

(चमत्कार चक्री एक अनाम शख्सियत है। वह बाजार की रग-रग से वाकिफ है। लेकिन फालतू के कानूनी लफड़ों में नहीं उलझना चाहता। सलाह देना उसका काम है। लेकिन निवेश का निर्णय पूरी तरह आपका होगा और चक्री या अर्थकाम किसी भी सूरत में इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा। यह कॉलम मूलत: सीएनआई रिसर्च से लिया जा रहा है)

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