सरकार को खुश करने और माहौल बनाने के लिए रिजर्व बैंक भी झांसा देने में माहिर हो गया है। रिजर्व बैंक की आकस्मिक निधि या कन्टेंजेंसी फंड (सीएफ) 2023-24 से 2024-25 के बीच ₹1,13,805.93 करोड़ बढ़ाकर ₹4,28,621.03 करोड़ से ₹5,42,426.96 करोड़ कर दी गई। इस बार इसे मात्र ₹25,096.23 करोड़ बढ़ाकर 5,68,333.19 करोड़ किया गया है। फिर भी रिजर्व बैंक की विज्ञप्ति में बताया गया है कि ‘वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिदृश्य’ के मद्देनज़र इस बार सीआरबी में ₹1,09,379.64 करोड़ ट्रांसफर किए गए हैं, जबकि पिछले साल ₹44,861.70 करोड़ ही ट्रांसफर किए थे। रिजर्व बैंक की 2025-26 की सालाना रिपोर्ट के एक फुटनोट में भी यही बात कही गई है। बता दें कि रिजर्व बैंक की पूंजी, रिजर्व फंड, आकस्मिक निधि (सीएफ) और ऐसेट डेवलपमेंट फंड (एडीएफ) को मिलाकर उसकी एवेलेबल रीयलाइज्ड इक्विटी (एआरई) या कंटिन्जेंट रिस्क बफर (सीआरबी) बनता है। पांच साल से रिजर्व की पूंजी (₹5 करोड़), रिजर्व फंड (₹6500 करोड़) और एडीएफ ₹22,974.68 करोड़ पर जस का तस स्थिर है। केवल सीएफ बढ़ाया जा रहा है जिसके आधार पर सीआरबी की रकम बढ़ती है। अभी 2025-26 में एआरई या सीआरबी की रकम ₹5,97,812.87 करोड़ है। यह 2024-25 की रकम ₹5,71,906.64 करोड़ से ₹25,906.23 करोड़ ही ज्यादा है। रिजर्व बैंक कैसे इसे ₹1,09,379.64 करोड़ की वृद्धि बता रहा है, यह समझ से परे है। अब शुक्रवार का अभ्यास…
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